{"_id":"5f5a79248ebc3e367d0aff05","slug":"attack-team-electric-stolen-sonipat-news-rtk57298968","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली चोरी पकड़ने गई टीम पर हमला, जेई और कर्मियों को पीटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली चोरी पकड़ने गई टीम पर हमला, जेई और कर्मियों को पीटा
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गोहाना। गांव ककाना में बिजली चोरी पकड़ने गई बिजली निगम की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। कर्मियों का आरोप है कि ग्रामीणों ने डंडों से हमला कर कई कर्मियों को घायल कर दिया। घायल कर्मियों को गांव खानपुर कलां स्थित बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज के अस्पताल ले जाया गया। वहां से प्राथमिक उपचार के बाद पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया। कर्मचारियों ने कार्यकारी अभियंता को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की।
बिजली निगम के जेई अशोक कुमार के नेतृत्व में कर्मी कृपाराम, जयभगवान, विकास, सुनील, अमित, सुरेंद्र व दिनेश बुधवार रात को ककाना में बिजली चोरी पकड़ने गए थे। टीम रात करीब डेढ़ बजे गांव पहुंची थी। जेई अशोक का कहना है कि जब टीम ने कार्रवाई शुरू की तो 10-12 ग्रामीणों ने गाली देते हुए लाठी व डंडों से हमला कर दिया।
जेई का कहना है कि ग्रामीणों ने बिजली कर्मियों को गांव से बाहर निकाल दिया और धमकी दी कि दोबारा बिजली निगम का कोई कर्मचारी गांव में दिखाई दिया तो जान से मार देंगे। हमले में सभी कर्मचारी घायल हो गए। जेई का कहना है कि पहले भी इस गांव में कर्मचारियों पर हमला हो चुका है। कर्मचारियों ने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने तक वह काम नहीं करेंगे। कर्मचारियों ने सुरक्षा की मांग भी की।
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बिजली निगम के जेई अशोक कुमार के नेतृत्व में कर्मी कृपाराम, जयभगवान, विकास, सुनील, अमित, सुरेंद्र व दिनेश बुधवार रात को ककाना में बिजली चोरी पकड़ने गए थे। टीम रात करीब डेढ़ बजे गांव पहुंची थी। जेई अशोक का कहना है कि जब टीम ने कार्रवाई शुरू की तो 10-12 ग्रामीणों ने गाली देते हुए लाठी व डंडों से हमला कर दिया।
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जेई का कहना है कि ग्रामीणों ने बिजली कर्मियों को गांव से बाहर निकाल दिया और धमकी दी कि दोबारा बिजली निगम का कोई कर्मचारी गांव में दिखाई दिया तो जान से मार देंगे। हमले में सभी कर्मचारी घायल हो गए। जेई का कहना है कि पहले भी इस गांव में कर्मचारियों पर हमला हो चुका है। कर्मचारियों ने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने तक वह काम नहीं करेंगे। कर्मचारियों ने सुरक्षा की मांग भी की।
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