सोनीपत: बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंचा एक्यूआई, स्मॉग के कारण आंखों में जलन-सांस लेने में हो रही दिक्कत
सोनीपत में प्रदूषण लगातार खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। सुबह-शाम और रात के समय स्मॉग छाने से सांस लेने में दिक्कतें आ रही हैं। साथ ही लोग आंखों में जलन आदि परेशानियों को लेकर अस्पतालों में पहुंचने लगे हैं। दिवाली के बाद से ही प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। शहर का एक्यूआई 405 तक पहुंच गया है।
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सोनीपत में प्रदूषण का स्तर बढ़ने से वातावरण में इसका असर दिखने लगा है। वातावरण में स्मॉग छाने से लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। प्रदूषण बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है, जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी के साथ आंखों में जलन की समस्या भी गहराने लगी है। जिले में शुक्रवार को औसत एक्यूआई 405 तक पहुंच गया। साथ ही पीएम-10 का स्तर 492 और पीएम 2.5 का स्तर 440 दर्ज किया गया, जिससे अस्पताल में सांस, गले में खराश व आंखों में जलन के मरीज लगातार पहुंच रहे हैं।
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प्रदूषण बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंचने के चलते चिकित्सक एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं। दिवाली के बाद से ही लगातार बढ़ रहे प्रदूषण के चलते वातावरण में सुबह-शाम के साथ ही रात को स्मॉग छाने लगा है। शुक्रवार को भी सुबह स्मॉग का असर दिखाई दिया। वातावरण में स्मॉग छाने से सांस लेने में दिक्कत व आंखों में जलन हो रही है। साथ ही गले में खराश के मरीज भी बढ़ने लगे हैं। साथ ही जिन लोगों को पहले से सांस की बीमारी है, उनके लिए यह स्मॉग काफी खतरनाक है।
सामान्य अस्पताल के फिजिशियन डॉ. योगेश गोयल ने कई हिदायतें दी हैं। उन्होंने कहा कि मौसम में ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए। इससे शरीर के अंदर गए कण ठंडे पानी से जम जाते हैं। घर से बाहर बिना किसी कारण के नहीं निकलना चाहिए और घर से निकलना है तो मास्क व चश्मा लगाकर निकलना चाहिए। आंखों को दिन में कई बार पानी से धोते रहना चाहिए, जिससे आंखों में परेशानी होने का खतरा कम रहता है।
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हवाओं की धीमी गति ने बढ़ाई प्रदूषण की समस्या
प्रदूषण की सबसे बड़ी वजह हवा की धीमी गति बताई जा रही है। शुक्रवार को छह किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से हवाएं चलीं। जिसके कारण वातावरण साफ नहीं हो पा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार जब तक हवाओं की गति तेज नहीं होगी, तब तक प्रदूषण की मार लोगों को झेलनी पड़ेगी।
सांस के मरीजों की बढ़ रही परेशानी
प्रदूषण का स्तर बेहद खतरनाक स्तर तक पहुंचने के कारण सांस के मरीजों की परेशानी बढ़ रही है। जिला अस्पताल में रोजाना सांस के 100 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। अस्पताल में मरीजों को लगातार एहतियात बरतने की सलाह दी जा रही है। मरीजों को घर से नहीं निकलने की हिदायत दी जा रही है।
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इस तरह होता है औसत एक्यूआई
- 0-50 अच्छा
- 51-100 औसत
- 101-200 मॉडरेट
- 201-300 खराब
- 301-400 ज्यादा खराब
- 400 से ज्यादा बेहद खतरनाक
प्रदूषण का स्तर बहुत बढ़ गया है। खासकर हाईवे से सटे क्षेत्र में स्थिति लगातार बिगड़ रही है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को मुसीबत हो रही है। इसे लेकर सरकार को कदम उठाने चाहिए।
-पुनीत कौशिक
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हाईवे पर सुबह-शाम के साथ ही रात को भी स्मॉग छाया रहता है, जिससे गाड़ी चलाने में दिक्कत के साथ ही सांस लेने में भी परेशानी महसूस हो रही है। बच्चे बीमार होने लगे हैं। क्षेत्र में औद्योगिक इकाई ज्यादा होने के चलते क्षेत्र में हालात बिगड़ रहे हैं। प्रदूषण फैलाने वाली कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
-आशीष वत्स, अधिवक्ता
प्रदूषण के चलते हालात बिगड़ चुके हैं। खासकर हाईवे पर कुंडली और राई औद्योगिक क्षेत्र के चलते दिक्कत ज्यादा बढ़ गई है। सरकार को इसे लेकर सार्थक कदम उठाने चाहिए, जिससे लोगों को दिक्कत से बचाया जा सके।
-नीतू, अधिवक्ता
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वायु गुणवत्ता सूचकांक का औसत
- 405
- पीएम-10
- 492
- पीएम-2.5
- 440
- कार्बन ऑक्साइड -77
प्रदूषण का स्तर फिलहाल सामान्य होने का पूर्वानुमान नहीं है। तेज धूप निकलने और बारिश होने के बाद ही प्रदूषण का स्तर कम हो सकेगा। हवा की गति बढ़ने से प्रदूषण का स्तर थोड़ा कम हो सकता है। अपने आसपास के पौधों पर पानी का छिड़काव करें और धूल के कणों के सीधे संपर्क में आने से बचें।
-डॉ. प्रेमदीप सिंह, मौसम विज्ञानी, कृषि विज्ञान केंद्र, सोनीपत