{"_id":"61880bd6bbe144420f36ccd8","slug":"aqi-426-difficulty-in-breathing-in-the-open-sonipat-news-rtk6291769192","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक्यूआई @ 426 : खुले में सांस लेने में होने लगी दिक्कत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक्यूआई @ 426 : खुले में सांस लेने में होने लगी दिक्कत
विज्ञापन
जीटी रोड पर छाए स्मॉग के बीच गुजरते वाहन। संवाद
- फोटो : Sonipat
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली-एनसीआर में शामिल सोनीपत में प्रदूषण बेहद खराब स्थिति में पहुंच गया है। रविवार को पीएम-10 का प्रदूषण स्तर 426 रहा। वहीं वायु गुणवत्ता सूचकांक का औसत 354 रहा। इससे लोगों की परेशानी बढ़ने लगी है। धुंध और उसमें शामिल धूल, धुएं के कणों के कारण सांस लेने में परेशानी होने लगी है। साथ ही गले में खराश व आंखों में जलन महसूस होने लगी है। दीपावली पर हुई आतिशबाजी के बाद से वायु प्रदूषण का स्तर अचानक बढ़ गया है। जीटी रोड पर सुबह स्मॉग के कारण वाहन चालकों को भी परेशानी महसूस हुई।
मौसम में सर्दी बढ़ने के साथ ही वायु प्रदूषण का स्तर भी बढ़ने लगा है। सुबह व रात को स्मॉग छा जाता है। रात को इससे ज्यादा दिक्कत होती है। दिन में हवा चलने से मौसम साफ हो जाता है, लेकिन यह समस्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। जिले का एयर क्वालिटी इंडेक्स भी लगातार बढ़ रहा है। यह बेहद खराब स्तर पर जा चुका है। सर्दी बढ़ने के साथ ही प्रदूषण के स्तर में और इजाफा होने का अंदेशा है।
प्रदूषण के चलते घर में रहना ही बेहतर
बढ़ता प्रदूषण लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डालता है। इसमें भी बुजुर्गों और सांस के मरीजों के लिए यह बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। धुंध के साथ अनेक प्रकार के प्रदूषित तत्व मिले होते हैं। यह शरीर में जाकर सांस से संबंधित रोग के कारण बनते हैं। इससे सांस की बीमारी के साथ आंखों में जलन भी होने लगती है। चिकित्सक स्मॉग में बाहर न निकलने की हिदायत देने लगे हैं। वह सुबह घूमने वालों को सावधानी बरतने की कह रहे हैं। साथ ही लोगों को अच्छी क्वालिटी का मास्क लगाने की हिदायत दे रहे हैं।
विज्ञापन
जिले में प्रदूषण की स्थिति
वायु गुणवत्ता सूचकांक रविवार को 354 रहा। प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के मानकों के अनुसार वायु गुणवत्ता सूचकांक एक्यूआई 50 मानक तक ही होना चाहिए। इससे ज्यादा होने पर स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचता है। यही हाल पीएम-10 और पीएम-2.5 का भी रहा है। यह भी मानक से कई गुना ज्यादा होने से सेहत पर भारी पड़ रहे हैं।
वायु गुणवत्ता सूचकांक का औसत - 354
पीएम-10 - 426
पीएम-2.5 - 424
कार्बन मोनो ऑक्साइड - 63
वर्जन
प्रदूषण का स्तर फिलहाल सामान्य होने का पूर्वानुमान नहीं है। तेज धूप निकलने और बारिश होने के बाद ही प्रदूषण का स्तर कम हो सकेगा। इस सप्ताह हवा की गति बढ़ने से प्रदूषण का स्तर थोड़ा कम हो सकता है। अपने आसपास के पौधों पर पानी का छिड़काव करें और धूल कणों के सीधे संपर्क में आने से बचें।
- डॉ. प्रेमदीप सिंह, मौसम विज्ञानी, कृषि विज्ञान केंद्र, सोनीपत
विज्ञापन
मौसम में सर्दी बढ़ने के साथ ही वायु प्रदूषण का स्तर भी बढ़ने लगा है। सुबह व रात को स्मॉग छा जाता है। रात को इससे ज्यादा दिक्कत होती है। दिन में हवा चलने से मौसम साफ हो जाता है, लेकिन यह समस्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। जिले का एयर क्वालिटी इंडेक्स भी लगातार बढ़ रहा है। यह बेहद खराब स्तर पर जा चुका है। सर्दी बढ़ने के साथ ही प्रदूषण के स्तर में और इजाफा होने का अंदेशा है।
विज्ञापन
प्रदूषण के चलते घर में रहना ही बेहतर
बढ़ता प्रदूषण लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डालता है। इसमें भी बुजुर्गों और सांस के मरीजों के लिए यह बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। धुंध के साथ अनेक प्रकार के प्रदूषित तत्व मिले होते हैं। यह शरीर में जाकर सांस से संबंधित रोग के कारण बनते हैं। इससे सांस की बीमारी के साथ आंखों में जलन भी होने लगती है। चिकित्सक स्मॉग में बाहर न निकलने की हिदायत देने लगे हैं। वह सुबह घूमने वालों को सावधानी बरतने की कह रहे हैं। साथ ही लोगों को अच्छी क्वालिटी का मास्क लगाने की हिदायत दे रहे हैं।
विज्ञापन
जिले में प्रदूषण की स्थिति
वायु गुणवत्ता सूचकांक रविवार को 354 रहा। प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के मानकों के अनुसार वायु गुणवत्ता सूचकांक एक्यूआई 50 मानक तक ही होना चाहिए। इससे ज्यादा होने पर स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचता है। यही हाल पीएम-10 और पीएम-2.5 का भी रहा है। यह भी मानक से कई गुना ज्यादा होने से सेहत पर भारी पड़ रहे हैं।
वायु गुणवत्ता सूचकांक का औसत - 354
पीएम-10 - 426
पीएम-2.5 - 424
कार्बन मोनो ऑक्साइड - 63
वर्जन
प्रदूषण का स्तर फिलहाल सामान्य होने का पूर्वानुमान नहीं है। तेज धूप निकलने और बारिश होने के बाद ही प्रदूषण का स्तर कम हो सकेगा। इस सप्ताह हवा की गति बढ़ने से प्रदूषण का स्तर थोड़ा कम हो सकता है। अपने आसपास के पौधों पर पानी का छिड़काव करें और धूल कणों के सीधे संपर्क में आने से बचें।
- डॉ. प्रेमदीप सिंह, मौसम विज्ञानी, कृषि विज्ञान केंद्र, सोनीपत