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तीन साल से सेना में भर्ती बंद होने से गुस्साए युवा सड़कों पर उतरे, लगाया जाम
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सड़क पर जाम लगाए खड़े युवा व जाम में फंसे वाहन। संवाद
- फोटो : Sonipat
कोरोनाकाल के बाद से सेना में भर्तियां बंद होने से युवाओं में रोष है। तीन साल से भर्तियां बंद होने से अनेक युवाओं की आवेदन करने की उम्र ही निकल गई है। भर्तियां नहीं हुईं तो अनेक युवा इस साल अधिक उम्र के (ओवर एज) हो जाएंगे। भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ से गुस्साए युवा रविवार को काफी संख्या में सड़कों पर उतरे और जाम लगा दिया। युवाओं ने गोहाना-सोनीपत मार्ग स्थित लाठ-जौली चौक व गोहाना-जींद मार्ग स्थित गांव नूरनखेड़ा के पास जाम लगा दिया।
वहीं गांव भावड़ में भी युवाओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान युवाओं ने सेना में भर्तियां शुरू करने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी। युवाओं द्वारा जाम लगाने की सूचना पर पहुंची पुलिस ने युवाओं को समझाकर शांत किया, जिसके बाद लाठ-जौली चौक में करीब 45 मिनट व नूरनखेड़ा में करीब 20 मिनट बाद युवाओं ने जाम खोल दिया।
गांव नूरनखेड़ा में युवा रविवार सुबह करीब 11:30 बजे गोहाना-जींद रोड पर पहुंचे और जाम लगाकर प्रदर्शन किया। युवाओं ने कहा कि करीब तीन साल से सेना में भर्ती नहीं की जा रही है। यह युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ है। सूचना पर पहुंची पुलिस के समझाने पर युवाओं ने करीब 20 मिनट बाद जाम खोल दिया। वहीं गांव भावड़ में भी युवाओं ने प्रदर्शन करके सेना में भर्ती शुरू करने की मांग की। इस दौरान युवाओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। युवाओं का कहना है कि पहले तो कोरोना काल में भर्तियां बंद कर दी थीं, लेकिन स्थिति सामान्य होने के बाद भी भर्तियां क्यों नहीं खोली जा रही। पढ़ाई करने व सेना में जाने की इच्छा रखने वाले अनेक युवा आज बेरोजगार घूम रहे हैं, लेकिन सरकार सेना में भर्तियां नहीं खोल रही। युवाओं ने जल्द भर्तियां शुरू करने की मांग की।
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लाठ-जौली के पास लगाया जाम
सेना में तीन साल से भर्तियां बंद रहने से गुस्साए युवाओं ने गोहाना-सोनीपत रोड स्थित लाठ-जौली चौक पर दोपहर करीब 12 बजे बैरिकेड अड़ाकर जाम लगा दिया। युवाओं ने इस दौरान प्रदर्शन करते हुए सरकार विरोधी नारे लगाए। जाम के चलते लाठ-जौली चौक के गोहाना व सोनीपत की तरफ वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं। जाम की सूचना मिलने पर सदर थाना से पुलिस मौके पर पहुंची और युवाओं को समझाने का प्रयास किया। युवाओं ने कहा कि कोरोना महामारी के संक्रमण का असर कम होने के बाद सेना की भर्ती छोड़ सभी तरह की नौकरियों में भर्ती शुरू कर दी गई है। यह युवाओं के साथ अन्याय है। गोहाना के हजारों युवा सेना में भर्ती होने के लिए तैयारी कर रहे हैं। सेना में जाने के लिए खून पसीना बहा रहे हैं। समय पर भर्ती नहीं होने से युवाओं का भविष्य बर्बाद हो जाएगा। तीन साल से भर्ती बंद होने से हजारों युवा ओवरएज हो गए हैं। गर्मी के चलते जाम में फंसे वाहनों में सवार लोगों को परेशानी हुई। हालांकि पुलिस के समझाने पर युवाओं ने करीब 45 मिनट बाद जाम खोल दिया। जिसके बाद लोगों को राहत मिली।
बोले युवा
मेरी सेना में भर्ती होने की बचपन से ही इच्छा थी। इस इच्छा को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत की। कोरोनाकाल के बाद से भर्तियां बंद हैं। भर्तियां बंद होने से सेना में जाने का सपना अधूरा रहता दिखाई दे रहा है। सरकार युवाओं के भविष्य को देखते हुए जल्द भर्तियां खोले।
- यशपाल, मलिकपुर
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देशभक्ति का जज्बा तो कूट-कूटकर भरा है, लेकिन जब भर्तियां ही नहीं खोली जाएंगी तो देश की सेवा कैसे कर पाएंगे। तीन साल से सेना में भर्तियां बंद रहने से अनेक युवाओं की उम्र निकल चुकी है, काफी ऐसे हैं, जिनकी इस साल निकल जाएगी। युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है, सरकार इस तरफ ध्यान दे।
- अजय, मंडोरा
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कोरोनाकाल में भर्तियां बंद करना समझ में आता है, लेकिन जब स्थिति सामान्य हो चुकी है तो सेना की भर्तियां क्यों नहीं खोली जा रहीं, जबकि अन्य नौकरियों की भर्तियों को पहले ही खोल दिया गया है। यह युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
- निखिल, गन्नौर
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सेना में जाने का सपना संजोकर कड़ी मेहनत कर रहे युवाओं को करारा झटका दिया गया है। तीन साल से युवा सेना में भर्तियां खुलने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सरकार है कि भर्तियां खोल नहीं रही। ऐसे में युवाओं के पास सड़क पर उतरने के अलावा दूसरा विकल्प ही नहीं बचता।
- हिमांशु, शाहपुर
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वहीं गांव भावड़ में भी युवाओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान युवाओं ने सेना में भर्तियां शुरू करने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी। युवाओं द्वारा जाम लगाने की सूचना पर पहुंची पुलिस ने युवाओं को समझाकर शांत किया, जिसके बाद लाठ-जौली चौक में करीब 45 मिनट व नूरनखेड़ा में करीब 20 मिनट बाद युवाओं ने जाम खोल दिया।
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गांव नूरनखेड़ा में युवा रविवार सुबह करीब 11:30 बजे गोहाना-जींद रोड पर पहुंचे और जाम लगाकर प्रदर्शन किया। युवाओं ने कहा कि करीब तीन साल से सेना में भर्ती नहीं की जा रही है। यह युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ है। सूचना पर पहुंची पुलिस के समझाने पर युवाओं ने करीब 20 मिनट बाद जाम खोल दिया। वहीं गांव भावड़ में भी युवाओं ने प्रदर्शन करके सेना में भर्ती शुरू करने की मांग की। इस दौरान युवाओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। युवाओं का कहना है कि पहले तो कोरोना काल में भर्तियां बंद कर दी थीं, लेकिन स्थिति सामान्य होने के बाद भी भर्तियां क्यों नहीं खोली जा रही। पढ़ाई करने व सेना में जाने की इच्छा रखने वाले अनेक युवा आज बेरोजगार घूम रहे हैं, लेकिन सरकार सेना में भर्तियां नहीं खोल रही। युवाओं ने जल्द भर्तियां शुरू करने की मांग की।
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लाठ-जौली के पास लगाया जाम
सेना में तीन साल से भर्तियां बंद रहने से गुस्साए युवाओं ने गोहाना-सोनीपत रोड स्थित लाठ-जौली चौक पर दोपहर करीब 12 बजे बैरिकेड अड़ाकर जाम लगा दिया। युवाओं ने इस दौरान प्रदर्शन करते हुए सरकार विरोधी नारे लगाए। जाम के चलते लाठ-जौली चौक के गोहाना व सोनीपत की तरफ वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं। जाम की सूचना मिलने पर सदर थाना से पुलिस मौके पर पहुंची और युवाओं को समझाने का प्रयास किया। युवाओं ने कहा कि कोरोना महामारी के संक्रमण का असर कम होने के बाद सेना की भर्ती छोड़ सभी तरह की नौकरियों में भर्ती शुरू कर दी गई है। यह युवाओं के साथ अन्याय है। गोहाना के हजारों युवा सेना में भर्ती होने के लिए तैयारी कर रहे हैं। सेना में जाने के लिए खून पसीना बहा रहे हैं। समय पर भर्ती नहीं होने से युवाओं का भविष्य बर्बाद हो जाएगा। तीन साल से भर्ती बंद होने से हजारों युवा ओवरएज हो गए हैं। गर्मी के चलते जाम में फंसे वाहनों में सवार लोगों को परेशानी हुई। हालांकि पुलिस के समझाने पर युवाओं ने करीब 45 मिनट बाद जाम खोल दिया। जिसके बाद लोगों को राहत मिली।
बोले युवा
मेरी सेना में भर्ती होने की बचपन से ही इच्छा थी। इस इच्छा को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत की। कोरोनाकाल के बाद से भर्तियां बंद हैं। भर्तियां बंद होने से सेना में जाने का सपना अधूरा रहता दिखाई दे रहा है। सरकार युवाओं के भविष्य को देखते हुए जल्द भर्तियां खोले।
- यशपाल, मलिकपुर
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देशभक्ति का जज्बा तो कूट-कूटकर भरा है, लेकिन जब भर्तियां ही नहीं खोली जाएंगी तो देश की सेवा कैसे कर पाएंगे। तीन साल से सेना में भर्तियां बंद रहने से अनेक युवाओं की उम्र निकल चुकी है, काफी ऐसे हैं, जिनकी इस साल निकल जाएगी। युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है, सरकार इस तरफ ध्यान दे।
- अजय, मंडोरा
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कोरोनाकाल में भर्तियां बंद करना समझ में आता है, लेकिन जब स्थिति सामान्य हो चुकी है तो सेना की भर्तियां क्यों नहीं खोली जा रहीं, जबकि अन्य नौकरियों की भर्तियों को पहले ही खोल दिया गया है। यह युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
- निखिल, गन्नौर
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सेना में जाने का सपना संजोकर कड़ी मेहनत कर रहे युवाओं को करारा झटका दिया गया है। तीन साल से युवा सेना में भर्तियां खुलने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सरकार है कि भर्तियां खोल नहीं रही। ऐसे में युवाओं के पास सड़क पर उतरने के अलावा दूसरा विकल्प ही नहीं बचता।
- हिमांशु, शाहपुर