{"_id":"5ec576798ebc3e90b57ab52f","slug":"alcohol-scam-sonipat-news-rtk5558491141","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोदाम में रखी शराब की गिनती नहीं हो सकी शुरू, एसईटी ने पुलिस व आबकारी विभाग की गिनती पर नहीं किया था भरोसा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोदाम में रखी शराब की गिनती नहीं हो सकी शुरू, एसईटी ने पुलिस व आबकारी विभाग की गिनती पर नहीं किया था भरोसा
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सोनीपत। खरखौदा के गोदाम में रखी शराब की गिनती बुधवार को दोबारा शुरू नहीं हो सकी। एसईटी ने पुलिस व आबकारी विभाग की गिनती पर भरोसा नहीं करते हुए दोबारा गिनती के आदेश दिए थे। जिन अधिकारियों की तैनाती के दौरान गड़बड़ी हुई थी उनके द्वारा ही जांच करने के चलते एसईटी ने दोबारा गिनती के आदेश दिए हैं। गिनती को पारदर्शी बनाने के लिए अबकी बार एसपी सोनीपत और एसपी रोहतक की देखरेख में शराब की गिनती की जाएगी। वहीं एसआईटी मामले में फरार आरोपियों का अभी तक सुराग नहीं लगा सकी है। मामले में आरोपी भूपेंद्र ने बुधवार को कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी लगाई थी। जिस पर सुनवाई वीरवार के लिए रख दी गई।
गांव सिसाना का रहने वाला भूपेंद्र व उसके साथी शराब तस्करी के धंधे में लंबे समय से जुड़े हैं। खरखौदा क्षेत्र में यह धंधा लगातार पनपता रहा। यहां तक की पुलिस की केस प्रापर्टी की करोड़ों रुपये की शराब तक को ठिकाने लगा दिया गया। लॉकडाउन के दौरान हुए इस बड़े खेल के उजागर होने के बाद गोदाम में रखी शराब की गिनती कराई गई थी। गिनती भी स्थानीय प्रशासन से ही करा दी गई। गिनती में सामने आया कि गोदाम से बड़ी मात्रा में शराब की शराब निकालकर बेच दी गई, लेकिन इसकी अधिकारियों को भनक तक नहीं लगी। हालांकि सिसाना गांव के लोगों का आरोप है कि उन्होंने मामले की शिकायत अधिकारियों को की थी। एसएचओ जसबीर सहित कई पुलिसकर्मियों का नाम भी बताया था। उसके बावजूद किसी ने जांच तक कराना जरूरी नहीं समझा। लॉकडाउन में शराब चोरी का मामला खुलने के बाद इनकी गिनती का काम शुरू हुआ। पुलिस की गिनती एक सप्ताह और आबकारी विभाग की 11 दिन तक चली।
मामले की जांच करने पहुंचे एसईटी अध्यक्ष आईएएस टीसी गुप्ता की टीम ने मंगलवार को गोदाम का दौरा किया। वहां पर टीम ने पाया कि शराब की गिनती स्थानीय अधिकारियों ने करवाई है। जिन पेटियों की सील खुली हुई है, उनको भी अंदर से चेक नहीं किया गया है। जिसके बाद अब गिनती एसआईटी की टीम कराएगी। इसका नेतृत्व एसपी रोहतक राहुल शर्मा करेंगे। सोनीपत से एसपी जश्नदीप सिंह रंधावा और डीएसपी जितेंद्र सिंह भी इसकी निगरानी करेंगे।
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आरोपियों का नहीं लग पा रहा सुराग
शराब तस्करी के आरोपी भूपेंद्र के भाई जितेंद्र की गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस को बर्खास्त किए तत्कालीन थाना प्रभारी जसबीर के साथ ही एएसआई जयपाल और नरेंद्र की गिरफ्तारी भी करनी है। एसआईटी अभी तक किसी का भी सुराग नहीं लगा सकी है। एसआईटी मामले में आरोपियों के परिजनों से भी जानकारी जुटाने का प्रयास कर सकती है।
तस्करी के आरोपी भूपेंद्र ने लगाई जमानत की अर्जी
शराब तस्करी के आरोप में जेल में बंद भूपेंद्र ने अपनी जमानत के लिए सेशन कोर्ट में अर्जी लगाई है। हालांकि बुधवार को उसकी जमानत पर सुनवाई नहीं हो सकी। अब उसकी जमानत पर सुनवाई वीरवार को हो सकेगी। पुलिस टीम शराब तस्करी के आरेापी की जमानत अर्जी खारिज कराने का प्रयास करेगी।
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जांच के लिए गोदाम में पहुंची एसईटी ने गोदाम में रखी शराब की दोबारा से गिनती कराने के आदेश दिए हैं। इसको वीरवार से शुरू किया जा सकता है। शराब की गिनती जल्द पूरी कराकर इसकी रिपोर्ट भेजी जाएगी। फिलहाल फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है।
-जितेंद्र सिंह, डीएसपी मुख्यालय।
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गांव सिसाना का रहने वाला भूपेंद्र व उसके साथी शराब तस्करी के धंधे में लंबे समय से जुड़े हैं। खरखौदा क्षेत्र में यह धंधा लगातार पनपता रहा। यहां तक की पुलिस की केस प्रापर्टी की करोड़ों रुपये की शराब तक को ठिकाने लगा दिया गया। लॉकडाउन के दौरान हुए इस बड़े खेल के उजागर होने के बाद गोदाम में रखी शराब की गिनती कराई गई थी। गिनती भी स्थानीय प्रशासन से ही करा दी गई। गिनती में सामने आया कि गोदाम से बड़ी मात्रा में शराब की शराब निकालकर बेच दी गई, लेकिन इसकी अधिकारियों को भनक तक नहीं लगी। हालांकि सिसाना गांव के लोगों का आरोप है कि उन्होंने मामले की शिकायत अधिकारियों को की थी। एसएचओ जसबीर सहित कई पुलिसकर्मियों का नाम भी बताया था। उसके बावजूद किसी ने जांच तक कराना जरूरी नहीं समझा। लॉकडाउन में शराब चोरी का मामला खुलने के बाद इनकी गिनती का काम शुरू हुआ। पुलिस की गिनती एक सप्ताह और आबकारी विभाग की 11 दिन तक चली।
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मामले की जांच करने पहुंचे एसईटी अध्यक्ष आईएएस टीसी गुप्ता की टीम ने मंगलवार को गोदाम का दौरा किया। वहां पर टीम ने पाया कि शराब की गिनती स्थानीय अधिकारियों ने करवाई है। जिन पेटियों की सील खुली हुई है, उनको भी अंदर से चेक नहीं किया गया है। जिसके बाद अब गिनती एसआईटी की टीम कराएगी। इसका नेतृत्व एसपी रोहतक राहुल शर्मा करेंगे। सोनीपत से एसपी जश्नदीप सिंह रंधावा और डीएसपी जितेंद्र सिंह भी इसकी निगरानी करेंगे।
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आरोपियों का नहीं लग पा रहा सुराग
शराब तस्करी के आरोपी भूपेंद्र के भाई जितेंद्र की गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस को बर्खास्त किए तत्कालीन थाना प्रभारी जसबीर के साथ ही एएसआई जयपाल और नरेंद्र की गिरफ्तारी भी करनी है। एसआईटी अभी तक किसी का भी सुराग नहीं लगा सकी है। एसआईटी मामले में आरोपियों के परिजनों से भी जानकारी जुटाने का प्रयास कर सकती है।
तस्करी के आरोपी भूपेंद्र ने लगाई जमानत की अर्जी
शराब तस्करी के आरोप में जेल में बंद भूपेंद्र ने अपनी जमानत के लिए सेशन कोर्ट में अर्जी लगाई है। हालांकि बुधवार को उसकी जमानत पर सुनवाई नहीं हो सकी। अब उसकी जमानत पर सुनवाई वीरवार को हो सकेगी। पुलिस टीम शराब तस्करी के आरेापी की जमानत अर्जी खारिज कराने का प्रयास करेगी।
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जांच के लिए गोदाम में पहुंची एसईटी ने गोदाम में रखी शराब की दोबारा से गिनती कराने के आदेश दिए हैं। इसको वीरवार से शुरू किया जा सकता है। शराब की गिनती जल्द पूरी कराकर इसकी रिपोर्ट भेजी जाएगी। फिलहाल फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है।
-जितेंद्र सिंह, डीएसपी मुख्यालय।