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Sonipat News: चीनी-चायपत्ती के बाद प्याज भी हुआ तीखा, 30 रुपये किलो पहुंचा भाव
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-फोटो 82 : दिल्ली-रोहतक रोड पर ट्राली में बिक्री के लिए रखी प्याज। संवाद
बहादुरगढ़। महंगाई की मार झेल रहे आम लोगों की रसोई का बजट लगातार बिगड़ता जा रहा है। चाय की प्याली महंगी होने के बाद अब सब्जी का तड़का भी महंगा हो गया है। चीनी और चायपत्ती के बाद प्याज के दाम में भी तेजी देखने को मिल रही है। बहादुरगढ़ की सब्जी मंडी और बाजारों में प्याज के भाव 30 से बढ़कर करीब 60 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं। कुछ दिन पहले तक प्याज कम कीमत पर बिक रहा था, लेकिन अब बढ़ते दामों ने गृहणियों की चिंता बढ़ा दी है।
रेलवे रोड पर विश्वकर्मा चौक के पास सब्जी खरीदने पहुंची राखी, पिंकी, सविता, ईशा, मोनिका और काजल ने बताया कि महीने का बजट पहले ही सीमित है। रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम बढ़ने से खर्च संभालना मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्याज 60 रुपये किलो तक पहुंच गया है, जिससे घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है।
दुकानदारों के अनुसार थोक मंडी से ही प्याज महंगा मिल रहा है, जिसका असर खुदरा बाजार में दिखाई दे रहा है। अलग-अलग गुणवत्ता और आकार के हिसाब से भाव में अंतर है। आवक और मांग में अंतर रहने पर कीमतों में और उतार-चढ़ाव हो सकता है।
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रसोई का बजट हुआ प्रभावित
अग्रवाल कॉलोनी निवासी सुनीता और नई बस्ती निवासी बबीता ने कहा कि प्याज हर घर की रसोई का जरूरी हिस्सा है। सब्जी, दाल और सलाद में इसका इस्तेमाल होने के कारण इसकी खरीद कम करना भी आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि चीनी के बाद प्याज के दाम बढ़ने से परेशानी और बढ़ गई है।
महिलाओं ने सरकार से आवश्यक खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर नजर रखने की मांग की, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।
-फोटो 82 :
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रेलवे रोड पर विश्वकर्मा चौक के पास सब्जी खरीदने पहुंची राखी, पिंकी, सविता, ईशा, मोनिका और काजल ने बताया कि महीने का बजट पहले ही सीमित है। रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम बढ़ने से खर्च संभालना मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्याज 60 रुपये किलो तक पहुंच गया है, जिससे घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है।
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दुकानदारों के अनुसार थोक मंडी से ही प्याज महंगा मिल रहा है, जिसका असर खुदरा बाजार में दिखाई दे रहा है। अलग-अलग गुणवत्ता और आकार के हिसाब से भाव में अंतर है। आवक और मांग में अंतर रहने पर कीमतों में और उतार-चढ़ाव हो सकता है।
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रसोई का बजट हुआ प्रभावित
अग्रवाल कॉलोनी निवासी सुनीता और नई बस्ती निवासी बबीता ने कहा कि प्याज हर घर की रसोई का जरूरी हिस्सा है। सब्जी, दाल और सलाद में इसका इस्तेमाल होने के कारण इसकी खरीद कम करना भी आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि चीनी के बाद प्याज के दाम बढ़ने से परेशानी और बढ़ गई है।
महिलाओं ने सरकार से आवश्यक खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर नजर रखने की मांग की, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।
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