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Sonipat News: 46 बांग्लादेशी पकड़े जाने पर अन्य भट्ठों व कॉलोनियों में निगरानी बढ़ाई
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खरखौदा(सोनीपत)। गांव किढौली स्थित ईंट-भट्ठे पर 46 बांग्लादेशी नागरिक पकड़े जाने के बाद पुलिस व गुप्तचर शाखा ने चौकसी बढ़ा दी है। भट्ठों पर वर्तमान में ईंटों की निकासी कम है, ऐसे में भट्ठों पर लेबर कम मिल रही है।
इसके बावजूद बांग्लादेशी नागरिक मिलने के बाद अब गुप्तचर विभाग ने क्षेत्र से सभी ईंट भट्ठों पर नजर रखनी शुरू कर दी है। गुप्तचर शाखा खरखौदा के इंचार्ज जितेंद्र कुमार ने बताया था कि खरखौदा में बांग्लादेश से अवैध रूप से आए हुए लोगों के रहने का इनपुट उन्हें मिला था। जिस पर वह अपनी टीम के साथ लगातार क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चला रहे थे।
शनिवार को उन्हें सूचना मिली थी कि आईएमटी के पास किढौली गांव स्थित पवन ईंट भट्ठे पर इस समय बांग्लादेश से आए लोग रह रहे हैं। सूचना मिलने पर वह सुरक्षा शाखा और खरखौदा पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे थे तो वहां कई बांग्लादेशी मिले थे। वह परिवार के साथ रह रहे थे।
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पूछताछ में पता चला था कि वह रोहतक के हसनगढ़ और झज्जर के कानौंदा स्थित ईंट भट्ठे पर काम करते रहे हैं और अब यहां आए हैं। जिनके कागजात जांचे गए तो वह बांग्लादेश के निकले थे। इसके बाद उनकी तरफ से मामले की सूचना आला अधिकारियों को दी गई थी। ईंट भट्ठे से गुप्तचर विभाग व पुलिस की टीम ने नौ पुरुषों, 15 महिलाएं, 13 लड़के व 9 लड़कियों को ट्रक में बैठाकर सोनीपत भेज दिया था।
पहले पश्चिमी बंगाल के रहने वाले बताया
टीम ने ईंट भट्ठे पर पहुंचकर जब पूछताछ की तो मजदूरों ने खुद को पश्चिम बंगाल के रहने वाला बताया था। ऐसे में उनसे संबंधित कागजात मांगे, लेकिन किसी ने भी अपनी पहचान से संबंधित कोई कागजात नहीं दिखाया था। जांच करने पर कुछ लोगों ने स्थानीय आईडी टीम को दिखाई, लेकिन जब कड़ाई से पूछताछ हुई तो उन्होंने कागजात प्रस्तुत किए, वह बांग्लादेश के मिले थे। इसके बाद टीम ने सभी को सोनीपत शेल्टर होम भेज दिया था।
अन्य स्थानों पर सघन जांच अभियान शुरू
गुप्तचर विभाग को लगातार क्षेत्र के ईंट भट्ठों पर इन घुसपैठियों के पहुंचने का इनपुट मिल रहा था। भट्ठों पर इन दिनों काम नहीं होने के कारण बांग्लादेशी दिन के समय क्षेत्र में घूमकर बोतल व पॉलिथीन एकत्रित करने का काम करते हैं। रात को वह इधर-उधर रात गुजारते हैं, जिसमें से ईंट भट्ठे भी एक हैं। ऐसे में गुप्तचर विभाग की तरफ से क्षेत्र को खंगालने का काम किया जाएगा, जिसमें ईंट भट्ठे भी शामिल हैं।
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इसके बावजूद बांग्लादेशी नागरिक मिलने के बाद अब गुप्तचर विभाग ने क्षेत्र से सभी ईंट भट्ठों पर नजर रखनी शुरू कर दी है। गुप्तचर शाखा खरखौदा के इंचार्ज जितेंद्र कुमार ने बताया था कि खरखौदा में बांग्लादेश से अवैध रूप से आए हुए लोगों के रहने का इनपुट उन्हें मिला था। जिस पर वह अपनी टीम के साथ लगातार क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चला रहे थे।
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शनिवार को उन्हें सूचना मिली थी कि आईएमटी के पास किढौली गांव स्थित पवन ईंट भट्ठे पर इस समय बांग्लादेश से आए लोग रह रहे हैं। सूचना मिलने पर वह सुरक्षा शाखा और खरखौदा पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे थे तो वहां कई बांग्लादेशी मिले थे। वह परिवार के साथ रह रहे थे।
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पूछताछ में पता चला था कि वह रोहतक के हसनगढ़ और झज्जर के कानौंदा स्थित ईंट भट्ठे पर काम करते रहे हैं और अब यहां आए हैं। जिनके कागजात जांचे गए तो वह बांग्लादेश के निकले थे। इसके बाद उनकी तरफ से मामले की सूचना आला अधिकारियों को दी गई थी। ईंट भट्ठे से गुप्तचर विभाग व पुलिस की टीम ने नौ पुरुषों, 15 महिलाएं, 13 लड़के व 9 लड़कियों को ट्रक में बैठाकर सोनीपत भेज दिया था।
पहले पश्चिमी बंगाल के रहने वाले बताया
टीम ने ईंट भट्ठे पर पहुंचकर जब पूछताछ की तो मजदूरों ने खुद को पश्चिम बंगाल के रहने वाला बताया था। ऐसे में उनसे संबंधित कागजात मांगे, लेकिन किसी ने भी अपनी पहचान से संबंधित कोई कागजात नहीं दिखाया था। जांच करने पर कुछ लोगों ने स्थानीय आईडी टीम को दिखाई, लेकिन जब कड़ाई से पूछताछ हुई तो उन्होंने कागजात प्रस्तुत किए, वह बांग्लादेश के मिले थे। इसके बाद टीम ने सभी को सोनीपत शेल्टर होम भेज दिया था।
अन्य स्थानों पर सघन जांच अभियान शुरू
गुप्तचर विभाग को लगातार क्षेत्र के ईंट भट्ठों पर इन घुसपैठियों के पहुंचने का इनपुट मिल रहा था। भट्ठों पर इन दिनों काम नहीं होने के कारण बांग्लादेशी दिन के समय क्षेत्र में घूमकर बोतल व पॉलिथीन एकत्रित करने का काम करते हैं। रात को वह इधर-उधर रात गुजारते हैं, जिसमें से ईंट भट्ठे भी एक हैं। ऐसे में गुप्तचर विभाग की तरफ से क्षेत्र को खंगालने का काम किया जाएगा, जिसमें ईंट भट्ठे भी शामिल हैं।