फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   Admissions can be done in colleges under new education policy, Rohtak MDU called meeting of principals

Sonipat: कॉलेजों में नई शिक्षा नीति के तहत हो सकते हैं दाखिले, रोहतक एमडीयू ने प्राचार्यों की बुलाई बैठक

Fri, 17 May 2024 11:06 AM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Fri, 17 May 2024 11:06 AM IST
सार

उच्चतर शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी महाविद्यालयों में गत वर्ष ही नई शिक्षा नीति के तहत दाखिला शुरू करने को कहा था। हालांकि तब तक एमडीयू से संबद्ध महाविद्यालयों में आवेदन प्रक्रिया अंतिम चरण में चल रही थी। इस पर महाविद्यालयों के प्राचार्यों ने आगामी शैक्षणिक सत्र से ही एनईपी को लागू करने की मांग की थी।

विज्ञापन
Admissions can be done in colleges under new education policy, Rohtak MDU called meeting of principals
रोहतक एमडीयू - फोटो : संवाद

विस्तार

महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) से संबद्ध महाविद्यालयों में नए शैक्षणिक सत्र से नई शिक्षा नीति (एनईपी) लागू की जा सकती है। इसको लेकर विश्वविद्यालय ने सभी महाविद्यालयों के प्राचार्यों की बैठक बुलाई है। इसमें नए शैक्षणिक सत्र के दाखिले नई शिक्षा नीति के तहत करने को लेकर मंथन किया जाएगा। योजना पर मुहर लगती है तो स्नातक पाठ्यक्रम में बड़ा परिवर्तन हो सकता है।

विज्ञापन


उच्चतर शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी महाविद्यालयों में गत वर्ष ही नई शिक्षा नीति के तहत दाखिला शुरू करने को कहा था। हालांकि तब तक एमडीयू से संबद्ध महाविद्यालयों में आवेदन प्रक्रिया अंतिम चरण में चल रही थी। इस पर महाविद्यालयों के प्राचार्यों ने आगामी शैक्षणिक सत्र से ही एनईपी को लागू करने की मांग की थी। इसे विश्वविद्यालय प्रबंधन ने स्वीकार कर लिया था। अब नए शैक्षणिक सत्र से नई शिक्षा नीति को लागू करने पर विचार किया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो एनईपी में विद्यार्थियों से पढ़ाई का बोझ कम करने का प्रयास किया गया है।
विज्ञापन


कौशल विकास सहित चार पाठ्यक्रमों की पढ़ाई
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की बात करें तो इसमें युवाओं को कौशल विकास सहित चार पाठ्यक्रमों की पढ़ाई करनी होगी। इनमें चार मुख्य और एक मध्यम विषय होंगे। विशेष बात यह है कि कौशल विकास के पाठ्यक्रम का हर वर्ष विषय अलग होगा। इसके लिए महाविद्यालयों को इसके आधार पर ही पाठ्यक्रम और विषय संयोजन (सब्जेक्ट कंबीनेशन) बनाने होंगे। हालांकि अभी तक दाखिला प्रक्रिया को लेकर शेड्यूल जारी नहीं किया है। महाविद्यालय प्रबंधन का कहना है कि आधिकारिक पत्र जारी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


एक साल के बाद पढ़ाई छोड़ने पर भी मिलेगा प्रमाणपत्र
नई शिक्षा नीति के तहत यदि विद्यार्थी को किसी कारणवश एक वर्ष पूरा होने के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ती है तो उसे एक साल की पढ़ाई का प्रमाणपत्र मिलेगा। विशेष बात यह है कि वह बाद में अपनी कॉलेज की पढ़ाई को दोबारा वहीं से शुरू कर सकेगा, जहां से उसने छोड़ी थी। विद्यार्थी को एक साल की पढ़ाई के बाद अंडर ग्रेजुएट प्रमाणपत्र, दो साल की पढ़ाई पूरी करने पर अंडर ग्रेजुएट डिप्लोमा, तीन साल की पढ़ाई पर स्नातक डिग्री और चार वर्ष की पढ़ाई पर स्नातक डिग्री ऑनर्स एंड रिसर्च दी जाएगी।


महाविद्यालयों में नए शैक्षणिक सत्र से नई शिक्षा नीति लागू हो सकती है। विश्वविद्यालय एनईपी के तहत ही दाखिला प्रक्रिया शुरू करने पर विचार कर रहा है। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई पत्र जारी नहीं किया गया है। दाखिलों को लेकर शेड्यूल जल्द जारी किया जा सकता है। जून में दाखिला प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।- प्रो. एसके जावा, प्राचार्य, हिंदू महाविद्यालय, सोनीपत।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed