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Sonipat News: दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट का आरोपी बरी
Fri, 14 Jul 2023 01:19 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 14 Jul 2023 01:19 AM IST
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सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरुचि अतरेजा सिंह ने किशोरी को बहकाकर ले जाने के दुष्कर्म करने और पॉक्सो एक्ट के मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी युवक को बरी कर दिया है। राई थाना में करीब एक साल पहले यह मुकदमा दर्ज हुआ था।
राई थाना क्षेत्र के गांव निवासी व्यक्ति ने 20 जून 2022 को पुलिस को बताया था कि उनकी नाबालिग बेटी गायब है। उनके पड़ोस में रहने वाला युवक उसे बहकाकर ले गया है। पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने एक माह बाद लड़की को बरामद कर लिया था। उसके बाद पुलिस ने किशोरी के बयान न्यायालय में दर्ज कराए। उनके बयान के आधार पर पुलिस ने युवक के खिलाफ अपहरण करने, दुष्कर्म करने व पॉक्सो एक्ट जोड़ा दिया था। युवक को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था। जहां से उसको न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। इस मामले की सुनवाई एएसजे सुरुचि अतरेजा सिंह के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने मामले की सुनवाई के बाद आरोपी को बरी कर दिया है।
मामले में युवक के अधिवक्ता मयंक हंस ने बताया कि न्यायालय का यह अहम फैसला है। यह आपसी सहमति का मामला था। सुप्रीम कोर्ट और कई हाईकोर्ट की तरफ से भी केंद्र सरकार को आपसी सहमति के मामले में 18 की जगह 16 साल को बालिग उम्र घोषित करने का सुझाव दिया जा चुका है।
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राई थाना क्षेत्र के गांव निवासी व्यक्ति ने 20 जून 2022 को पुलिस को बताया था कि उनकी नाबालिग बेटी गायब है। उनके पड़ोस में रहने वाला युवक उसे बहकाकर ले गया है। पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने एक माह बाद लड़की को बरामद कर लिया था। उसके बाद पुलिस ने किशोरी के बयान न्यायालय में दर्ज कराए। उनके बयान के आधार पर पुलिस ने युवक के खिलाफ अपहरण करने, दुष्कर्म करने व पॉक्सो एक्ट जोड़ा दिया था। युवक को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था। जहां से उसको न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। इस मामले की सुनवाई एएसजे सुरुचि अतरेजा सिंह के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने मामले की सुनवाई के बाद आरोपी को बरी कर दिया है।
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मामले में युवक के अधिवक्ता मयंक हंस ने बताया कि न्यायालय का यह अहम फैसला है। यह आपसी सहमति का मामला था। सुप्रीम कोर्ट और कई हाईकोर्ट की तरफ से भी केंद्र सरकार को आपसी सहमति के मामले में 18 की जगह 16 साल को बालिग उम्र घोषित करने का सुझाव दिया जा चुका है।
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