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Sonipat News: श्रीमद्भागवत कथा श्रवण से धन्य हो जाता है मनुष्य का सूना जीवन
Fri, 19 Jul 2024 05:29 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 19 Jul 2024 05:29 AM IST
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राई। गांव सेवली स्थित प्राचीन शिव मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का वीरवार को दूसरा दिन रहा। ग्रामीणों ने पूजा-अर्चना कर कथा का शुभारंभ किया। इस दौरान वृंदावन से महंत अर्जुन लाल शास्त्री ने राजा परीक्षित व शुकदेव की कथा के प्रसंग का वर्णन किया। कथा सुनने के लिए काफी ग्रामीण पहुंचे।
महंत अर्जुन लाल शास्त्री ने बताया कि पांडवों के जीवन में होने वाली श्रीकृष्ण की कृपा को सुंदर ढंग से दर्शाया गया है। राजा परीक्षित कलियुग के प्रभाव के कारण ऋषि से श्रापित हो गए थे। उसी के पश्चाताप में वह शुकदेव के पास पहुंचे और कहा कि भक्ति ही एक ऐसा उत्तम उपाय है, जो जीवन में परेशानियों का समाधान बताती है। साथ ही जीवन के बाद मोक्ष सुनिश्चित करती है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा जीवन के सत्य का ज्ञान कराने के साथ धर्म-अधर्म के बीच के फर्क को बताती है। कथा श्रवण से मनुष्य का सूना जीवन भी धन्य हो जाता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य से गलती हो जाना बड़ी बात नहीं, लेकिन उसका सुधार व प्रायश्चित जरूरी है। ऐसा नहीं करने पर गलती पाप की श्रेणी में आ जाती है। इस मौके पर प्रधान राजपाल, बबले ढाका, आजाद सिंह, राकेश, अरविंद, मुकेश, सुदेश व गांव की महिलाएं मौजूद रही।
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महंत अर्जुन लाल शास्त्री ने बताया कि पांडवों के जीवन में होने वाली श्रीकृष्ण की कृपा को सुंदर ढंग से दर्शाया गया है। राजा परीक्षित कलियुग के प्रभाव के कारण ऋषि से श्रापित हो गए थे। उसी के पश्चाताप में वह शुकदेव के पास पहुंचे और कहा कि भक्ति ही एक ऐसा उत्तम उपाय है, जो जीवन में परेशानियों का समाधान बताती है। साथ ही जीवन के बाद मोक्ष सुनिश्चित करती है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा जीवन के सत्य का ज्ञान कराने के साथ धर्म-अधर्म के बीच के फर्क को बताती है। कथा श्रवण से मनुष्य का सूना जीवन भी धन्य हो जाता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य से गलती हो जाना बड़ी बात नहीं, लेकिन उसका सुधार व प्रायश्चित जरूरी है। ऐसा नहीं करने पर गलती पाप की श्रेणी में आ जाती है। इस मौके पर प्रधान राजपाल, बबले ढाका, आजाद सिंह, राकेश, अरविंद, मुकेश, सुदेश व गांव की महिलाएं मौजूद रही।
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