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Sonipat News: कुछ किलोमीटर का सफर, फास्टैग से कट रहे सैकड़ों रुपये
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खरखौदा। कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों को कम दूरी तय करने के बावजूद अधिक टोल देना पड़ रहा है। वाहन चालकों विनोद, अनिल, अजमेर ने बताया कि एक टोल प्लाजा से प्रवेश करने के बाद कुछ दूरी पर दूसरे निकास से बाहर निकलने पर भी फास्टैग से पूरी दूरी का टोल काट लिया जाता है। पिपली से कुंडली की ओर जाने वाले कुछ वाहन चालकों के अनुसार, करीब 40 रुपये के बजाय 285 रुपये तक की कटौती हुई है।
वाहन चालकों के मुताबिक बहादुरगढ़ टोल प्लाजा से प्रवेश कर पिपली की ओर जाने पर भी 205 रुपये तक टोल कटने के मामले सामने आए हैं, जबकि कार के लिए इस दूरी का टोल करीब 40 रुपये बताया जा रहा है। इससे नियमित रूप से केएमपी का इस्तेमाल करने वाले वाहन चालकों में नाराजगी है।
वाहन चालकों का कहना है कि टोल प्रणाली में प्रवेश और निकासी दर्ज होने के आधार पर तय दूरी का शुल्क कटना चाहिए। उनका आरोप है कि कई बार प्रवेश के दौरान कैमरे में वाहन का नंबर सही दर्ज नहीं हो पाता। इससे सिस्टम एंट्री को पहचान नहीं पाता और निकास के समय अधिक दूरी का टोल काट लेता है।
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वाहन चालकों के अनुसार, पहले टोल प्रबंधन ने फास्टैग रिचार्ज के समय को भी ऐसी समस्या का कारण बताया था। अब पर्याप्त बैलेंस होने के बावजूद शिकायतें सामने आ रही हैं। उनका कहना है कि पिछले महीने साफ्टवेयर में बदलाव के बाद भी समस्या पूरी तरह दूर नहीं हुई।
अतिरिक्त कटौती का संदेश देर से मिलने की शिकायत
वाहन चालकों का कहना है कि सामान्य टोल कटने का संदेश तुरंत मिल जाता है, जबकि अतिरिक्त राशि कटने की जानकारी कई बार अगले दिन मिलती है। इससे मौके पर टोल कर्मचारियों के सामने शिकायत दर्ज कराना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने संबंधित एजेंसी से कैमरों और साफ्टवेयर की तकनीकी जांच कराने तथा कम दूरी के अनुसार ही टोल वसूलने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
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वाहन चालकों को टोल पर अपने वाहन की एंट्री ठीक से दर्ज करानी चाहिए। यदि ऑनलाइन एंट्री के बाद एग्जिट ऑनलाइन दर्ज नहीं होती या बिना प्रक्रिया पूरी किए वाहन निकल जाता है तो 24 घंटे बाद पूरे केएमपी का टोल कट सकता है। उन्होंने वाहन चालकों से एंट्री और एग्जिट की प्रक्रिया ठीक से पूरी करने की अपील की।
दीपक, मैनेजर, केएमपी पिपली टोल
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वाहन चालकों के मुताबिक बहादुरगढ़ टोल प्लाजा से प्रवेश कर पिपली की ओर जाने पर भी 205 रुपये तक टोल कटने के मामले सामने आए हैं, जबकि कार के लिए इस दूरी का टोल करीब 40 रुपये बताया जा रहा है। इससे नियमित रूप से केएमपी का इस्तेमाल करने वाले वाहन चालकों में नाराजगी है।
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वाहन चालकों का कहना है कि टोल प्रणाली में प्रवेश और निकासी दर्ज होने के आधार पर तय दूरी का शुल्क कटना चाहिए। उनका आरोप है कि कई बार प्रवेश के दौरान कैमरे में वाहन का नंबर सही दर्ज नहीं हो पाता। इससे सिस्टम एंट्री को पहचान नहीं पाता और निकास के समय अधिक दूरी का टोल काट लेता है।
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वाहन चालकों के अनुसार, पहले टोल प्रबंधन ने फास्टैग रिचार्ज के समय को भी ऐसी समस्या का कारण बताया था। अब पर्याप्त बैलेंस होने के बावजूद शिकायतें सामने आ रही हैं। उनका कहना है कि पिछले महीने साफ्टवेयर में बदलाव के बाद भी समस्या पूरी तरह दूर नहीं हुई।
अतिरिक्त कटौती का संदेश देर से मिलने की शिकायत
वाहन चालकों का कहना है कि सामान्य टोल कटने का संदेश तुरंत मिल जाता है, जबकि अतिरिक्त राशि कटने की जानकारी कई बार अगले दिन मिलती है। इससे मौके पर टोल कर्मचारियों के सामने शिकायत दर्ज कराना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने संबंधित एजेंसी से कैमरों और साफ्टवेयर की तकनीकी जांच कराने तथा कम दूरी के अनुसार ही टोल वसूलने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
वाहन चालकों को टोल पर अपने वाहन की एंट्री ठीक से दर्ज करानी चाहिए। यदि ऑनलाइन एंट्री के बाद एग्जिट ऑनलाइन दर्ज नहीं होती या बिना प्रक्रिया पूरी किए वाहन निकल जाता है तो 24 घंटे बाद पूरे केएमपी का टोल कट सकता है। उन्होंने वाहन चालकों से एंट्री और एग्जिट की प्रक्रिया ठीक से पूरी करने की अपील की।
दीपक, मैनेजर, केएमपी पिपली टोल