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दिल्ली में सम-विषम सिस्टम लागू होने से मुसीबत में सोनीपत के लोग
Updated Fri, 10 Nov 2017 11:38 PM IST
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दिल्ली में सम-विषम सिस्टम लागू होने से सोनीपत के लोग परेशानी बढ़ी
अमर उजाला ब्यूरो,
सोनीपत। दिल्ली और एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण स्तर को कम करने के लिए दिल्ली सरकार फिर से पांच दिन के लिए सम-विषम फॉर्मूला अपनाने की तैयारी कर दी है। दिल्ली में 13 नवंबर से 17 नवंबर तक इस फॉर्मूले को अपनाया जाना है। जिससे दिल्ली में प्रदूषण का स्तर थोड़ा कम हो जाए और दिल्ली की आबोहवा सांस लेने लायक हो जाए। हालांकि इसका एनसीआर में शामिल सोनीपत पर भी व्यापक असर पड़ेगा। सोनीपत क्षेत्र से प्रतिदिन करीब 80 हजार लोग दिल्ली के लिए आवागमन करते हैं। इनमें नौकरीपेशा व व्यापारी भी शामिल है। दिल्ली में सम-विषम का फॉर्मूला इनके लिए परेशानी का सबब सकता है। ऐसे में कई लोगों को तो गाड़ी के बजाय अन्य वाहनों से यात्रा करने को मजबूर होना पड़ेगा। हालांकि कई लोगों ने इसकी सराहना करते हुए एनसीआर में बढ़ रहे प्रदूषण को रोकने के लिए भी किसी बेहतर पहल की मांग की है। दिल्ली में पहले दो बार लागू किए गए सम-विषम फॉर्मूले को सोनीपत के लोगों ने स्वागत किया था। इसे सफल बनाने का प्रयास भी किया, लेकिन इस चक्कर में लोगों को कई तरह की परेशानियों का समाना भी करना पड़ता है। सोमवार से लेकर शुक्रवार तक चलने वाले इस फॉर्मूले के दौरान लोगों को ऑफिस और बच्चों को स्कूल के सिलसिले में बाहर जाना पड़ेगा।
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निर्णय अच्छा, लेकिन करने चाहिए बेहतर प्रबंध
दिल्ली सरकार की तरफ से प्रदूषण के स्तर को घटाने के लिए सम-विषम का सिस्टम फिर से पांच दिन के लिए लागू किया जा रहा है। यह प्रदूषण से निपटने की बेहतर पहल है। हालांकि इससे पहले दिल्ली में यातायात के बेहतर प्रबंध किए जाने चाहिए। जिससे लोगों को परेशानी से बचाया जा सका। निश्चित रूप से प्रदूषण व जाम की समस्या इससे कम होगी।
सोमबीर, सोनीपत
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सम-विषम से बढ़ेगी लोगों की मुसीबत
दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए सम-विषम का यह फॉर्मूला सही है, लेकिन यह परेशानी का सबब भी बन जाता है। इसे न तो इंसान छोड़ सकता है और न ही इसका पालन करने में खुश होता है। स्कूल में जाने वाले छोटे बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक इससे प्रभावित होता है। सोनीपत से स्कूली बच्चे व व्यक्ति दिल्ली आवागमन करते हैं उन्हें दिक्कत होना लाजिमी है। ज्यादातर लोग गाड़ियों में सफर करते हैं, लेकिन दो गाड़ी नहीं होने के चलते उन्हें एक दिन मेट्रो में ही यात्रा करनी होगी, जिससे यहां भीड़ बढ़ेगी।
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दिनेश, सेवली।
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सीएनजी स्टीकर लगवाने में आएगी दिक्कत
दिल्ली सरकार के सम-विषम के निर्णय की जानकारी कई दिन पहले नहीं दी गई। जिसका असर सीएनजी स्टीकर लेने में भी आएगा। सीएनजी के स्टीकर लेना लोगों के लिए मुसीबत बन जाएगा। स्टीकर के लिए लंबी लाइन लगती है। ऐसे में सोनीपत से जाकर स्टीकर लेना उनके लिए परेशानी का सबब बनेगा।
मंजीत भौरिया, सेवली।
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समय पर पहुंचने में होगी दिक्कत
दिल्ली में जाकर व्यापार करने में सम-विषम का फॉर्मूला दिक्कत पैदा करता है। बेशक यह फैसला सभी के लिए बेहतर है, लेकिन इसके लिए सभी तैयारी पहले ही की जानी चाहिए। जिससे लोगों को वहां जाने में दिक्कत का सामना न करना पड़े। मेट्रो के फेरे भी बढ़ाए जाने चाहिए।
दिनेश कुमार, नरेला।
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अमर उजाला ब्यूरो,
सोनीपत। दिल्ली और एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण स्तर को कम करने के लिए दिल्ली सरकार फिर से पांच दिन के लिए सम-विषम फॉर्मूला अपनाने की तैयारी कर दी है। दिल्ली में 13 नवंबर से 17 नवंबर तक इस फॉर्मूले को अपनाया जाना है। जिससे दिल्ली में प्रदूषण का स्तर थोड़ा कम हो जाए और दिल्ली की आबोहवा सांस लेने लायक हो जाए। हालांकि इसका एनसीआर में शामिल सोनीपत पर भी व्यापक असर पड़ेगा। सोनीपत क्षेत्र से प्रतिदिन करीब 80 हजार लोग दिल्ली के लिए आवागमन करते हैं। इनमें नौकरीपेशा व व्यापारी भी शामिल है। दिल्ली में सम-विषम का फॉर्मूला इनके लिए परेशानी का सबब सकता है। ऐसे में कई लोगों को तो गाड़ी के बजाय अन्य वाहनों से यात्रा करने को मजबूर होना पड़ेगा। हालांकि कई लोगों ने इसकी सराहना करते हुए एनसीआर में बढ़ रहे प्रदूषण को रोकने के लिए भी किसी बेहतर पहल की मांग की है। दिल्ली में पहले दो बार लागू किए गए सम-विषम फॉर्मूले को सोनीपत के लोगों ने स्वागत किया था। इसे सफल बनाने का प्रयास भी किया, लेकिन इस चक्कर में लोगों को कई तरह की परेशानियों का समाना भी करना पड़ता है। सोमवार से लेकर शुक्रवार तक चलने वाले इस फॉर्मूले के दौरान लोगों को ऑफिस और बच्चों को स्कूल के सिलसिले में बाहर जाना पड़ेगा।
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निर्णय अच्छा, लेकिन करने चाहिए बेहतर प्रबंध
दिल्ली सरकार की तरफ से प्रदूषण के स्तर को घटाने के लिए सम-विषम का सिस्टम फिर से पांच दिन के लिए लागू किया जा रहा है। यह प्रदूषण से निपटने की बेहतर पहल है। हालांकि इससे पहले दिल्ली में यातायात के बेहतर प्रबंध किए जाने चाहिए। जिससे लोगों को परेशानी से बचाया जा सका। निश्चित रूप से प्रदूषण व जाम की समस्या इससे कम होगी।
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सोमबीर, सोनीपत
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सम-विषम से बढ़ेगी लोगों की मुसीबत
दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए सम-विषम का यह फॉर्मूला सही है, लेकिन यह परेशानी का सबब भी बन जाता है। इसे न तो इंसान छोड़ सकता है और न ही इसका पालन करने में खुश होता है। स्कूल में जाने वाले छोटे बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक इससे प्रभावित होता है। सोनीपत से स्कूली बच्चे व व्यक्ति दिल्ली आवागमन करते हैं उन्हें दिक्कत होना लाजिमी है। ज्यादातर लोग गाड़ियों में सफर करते हैं, लेकिन दो गाड़ी नहीं होने के चलते उन्हें एक दिन मेट्रो में ही यात्रा करनी होगी, जिससे यहां भीड़ बढ़ेगी।
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दिनेश, सेवली।
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सीएनजी स्टीकर लगवाने में आएगी दिक्कत
दिल्ली सरकार के सम-विषम के निर्णय की जानकारी कई दिन पहले नहीं दी गई। जिसका असर सीएनजी स्टीकर लेने में भी आएगा। सीएनजी के स्टीकर लेना लोगों के लिए मुसीबत बन जाएगा। स्टीकर के लिए लंबी लाइन लगती है। ऐसे में सोनीपत से जाकर स्टीकर लेना उनके लिए परेशानी का सबब बनेगा।
मंजीत भौरिया, सेवली।
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समय पर पहुंचने में होगी दिक्कत
दिल्ली में जाकर व्यापार करने में सम-विषम का फॉर्मूला दिक्कत पैदा करता है। बेशक यह फैसला सभी के लिए बेहतर है, लेकिन इसके लिए सभी तैयारी पहले ही की जानी चाहिए। जिससे लोगों को वहां जाने में दिक्कत का सामना न करना पड़े। मेट्रो के फेरे भी बढ़ाए जाने चाहिए।
दिनेश कुमार, नरेला।