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Sonipat News: जाजल-टोंकी में मिल रहे 90 फीसदी चर्म और नेत्र रोगी

Sat, 15 Jul 2023 11:30 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Sat, 15 Jul 2023 11:30 PM IST
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90 percent skin and eye patients are being found in Jajal-Tonki
फोटाे 26. जाजल टोंकी गांव के मरीजों की स्वास्थ्य की जांच करते चिकित्सक डॉ. आशीष। संवाद
सोनीपत। यमुना में आई बाढ़ की वजह से चारों ओर पानी से घिरे गांव जाजल टोंकी में संक्रामक रोगों ने परेशानी बढ़ा दी है। जाजल टोंकी में रहने वाले सबसे ज्यादा लोग जलजनित बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। इनमें 90 फीसदी चर्म और नेत्र रोगी मिल रहे हैं। लोगों को बीमारियों से बचाने लिए एंटी बायोटिक दवाएं मुहैया कराई जा रही हैं। साथ ही रोटरी क्लब ऑफ कुंडली के सहयोग से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को 100 मच्छरदानियां वितरित की गईं। साथ ही बीमार लोगों में पैरासिटामोल की 10 हजार टैबलेट व 150 आई ड्राॅप्स का वितरण किया जा रहा है।
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बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में अब बुखार सहित मच्छर जनित बीमारियां बढ़ने लगी हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से यमुना नदी से सटे गांव दहिसरा, खुर्मपुर, जाजल व टोंकी, मनौली व टोंकी, गढ़ मिर्कपुर, झुंडपुर गांवों में रोजाना शिविर लगाए जा रहे हैं। वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनविता कौशिक ने बताया कि बाढ़ के दौरान गंदे पानी में बैक्टीरिया पैदा होते हैं, जिसकी वज से लोगों को कई प्रकार के त्वचा रोग होते हैं। उन्होंने पानी को उबालकर पीने की सलाह दी है। पानी में नीम की पत्ती डालकर उबालें और इस पानी से स्नान करें।
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, खेवड़ा के चिकित्सक डॉ. प्यारेलाल ने बताया कि बाढ़ग्रस्त इलाकों में स्वच्छता के अभाव में संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका बढ़ जाती है। अकेले गांव जाजल-टोंकी में 90 फीसदी लोग नेत्र और चर्म रोग से पीड़ित मिले हैं। इसको लेकर वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी को अवगत करा दिया गया है। साथ ही बच्चों को बुखार के बाद छोटे-छोटे दाने हो गए हैं। उनके शरीर में खुजली होने लगी है। गांव के कई लोग अस्पतालों में उपचार कराने पहुंच रहे हैं। गांव में पहुंची स्वास्थ्य टीमें उनका स्वास्थ्य परीक्षण कर उपचार दे रही हैं।
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वर्जन
यमुना नदी में जलस्तर बढ़ने से प्रभावित गांवों में रोजाना स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए जा रहे हैं। सबसे ज्यादा चर्म व नेत्र रोगी जाजल-टोंकी गांव में मिल रहे हैं। इसको लेकर नेत्र विशेषज्ञ बुलाने के लिए जिला नागरिक अस्पताल के उप चिकित्सा अधीक्षक से मांग की है। साथ ही लोगों को संक्रामक रोगों से बचाव के लिए दवाओं व मच्छरदानियों का वितरण किया जा रहा है। -अनविता कौशिक, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, सीएचसी बढ़खालसा

फोटाे 26. जाजल टोंकी गांव के मरीजों की स्वास्थ्य की जांच करते चिकित्सक डॉ. आशीष। संवाद

फोटाे 26. जाजल टोंकी गांव के मरीजों की स्वास्थ्य की जांच करते चिकित्सक डॉ. आशीष। संवाद

फोटाे 26. जाजल टोंकी गांव के मरीजों की स्वास्थ्य की जांच करते चिकित्सक डॉ. आशीष। संवाद

फोटाे 26. जाजल टोंकी गांव के मरीजों की स्वास्थ्य की जांच करते चिकित्सक डॉ. आशीष। संवाद

फोटाे 26. जाजल टोंकी गांव के मरीजों की स्वास्थ्य की जांच करते चिकित्सक डॉ. आशीष। संवाद

फोटाे 26. जाजल टोंकी गांव के मरीजों की स्वास्थ्य की जांच करते चिकित्सक डॉ. आशीष। संवाद

फोटाे 26. जाजल टोंकी गांव के मरीजों की स्वास्थ्य की जांच करते चिकित्सक डॉ. आशीष। संवाद

फोटाे 26. जाजल टोंकी गांव के मरीजों की स्वास्थ्य की जांच करते चिकित्सक डॉ. आशीष। संवाद

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