{"_id":"594576724f1c1b606b8b48ad","slug":"81497724530-sonipat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीजी कोर्सों के लिए युवाओं को छोडना पड़ेगा शहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीजी कोर्सों के लिए युवाओं को छोडना पड़ेगा शहर
Updated Sun, 18 Jun 2017 12:05 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
गोहाना (सोनीपत)।
क्षेत्र के उन युवाओं के लिए बुरी खबर है, जो पीजी कोर्स करना चाहते हैं। पीजी कोर्स करने के इच्छुक युवाओं को अब शहर छोड़कर दूर-दराज के क्षेत्रों में जाना पड़ेगा। शहर में दो-दो राजकीय कॉलेज होने के बावजूद युवाओं के लिए पीजी कोर्स में प्रवेश की व्यवस्था नहीं की गई है। पीजी कोर्स करने के इच्छुक युवाओं ने उच्चतर शिक्षा निदेशालय पर भेदभाव का आरोप लगाया है। दरअसल बड़ौता गांव में नया राजकीय कॉलेज बनने के बाद शहर के पुराने कॉलेज को गर्ल्स कॉलेज के रूप में परिवर्तित कर दिया गया है। नया कॉलेज बनने से पहले पुराने कॉलेज में सारे पीजी कोर्स थे। अब यह कॉलेज लड़कियों का होने के कारण यहां लड़के प्रवेश नहीं ले सकते हैं। बड़ौता गांव में जो नया कॉलेज बनाया गया है, उसमें अभी पीजी कोर्स चालू नहीं किए गए हैं। ऐसे में लड़कों को पीजी कोर्सों के लिए अब रोहतक, पानीपत या सोनीपत की ओर रुख करना पड़ेगा।
पढ़ाई छोडे़ंगे या लेना पड़ेगा कर्ज
पीजी कोर्स के इच्छुक छात्र आदित्य, नवीन, संदीप व राजेश आदि का कहना कि सरकार ने लड़कियों के लिए तो दो-दो कॉलेजों में प्रवेश की व्यवस्था कर दी, जबकि उनके हितों की अनदेखी की जा रही है। अब जो छात्र गरीब परिवारों से हैं, उन्हें या तो आगे की पढ़ाई छोड़नी पड़ेगी या फिर उन्हें महंगे कॉलेजों में दाखिला लेने के लिए कर्ज लेना पड़ेगा, क्योंकि निजी कॉलेजों की फीस भारी-भरकम होती है।
हमारी पढ़ाई की व्यवस्था करे सरकार
पीजी कोर्स करने के इच्छुक छात्रों ने सरकार से मांग की है कि जब गोहाना में दो-दो कॉलेज हैं तो उनके पढ़ने की भी व्यवस्था की जाए। उनका तर्क है कि जब तक नए कॉलेज में पीजी कोर्स शुरू नहीं होते हैं, तक तक उन्हें पुराने कॉलेज में प्रवेश दिया जाना चाहिए। सरकार चाहे तो उनकी कक्षाएं नए कॉलेज में लगवा सकती है। इससे उनका भविष्य भी चौपट होने से बच जाएगा तथा सरकार की अलग गर्ल्स कॉलेज बनाने की मंशा भी पूरी हो जाएगी।
विज्ञापन
नए कॉलेज में पीजी कोर्स लागू करना सरकार का काम
नए कॉलेज में पीजी कोर्स चालू करना सरकार का काम है। इसके लिए नए कॉलेज में स्टाफ का प्रबंध करना होगा। इसके बारे में सरकार या उच्चतर शिक्षा विभाग ही कोई ठोस कदम उठा सकता है। रोजाना कई छात्र आते हैं तथा इस बारे में पूछताछ करते हैं। जब तक कोई स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती है, तब तक किसी को प्रवेश नहीं दिया जा सकता है।
-मनमोहन चहल, नोडल अधिकारी, राजकीय महाविद्यालय गोहाना
पीजी कोर्सों के लिए छात्रों को छोड़ना पड़ेगा शहर
बड़ौता का कॉलेज को गर्ल्स कॉलेज में परिवर्तित
नए कॉलेज में पीजी कोर्स अब तक नहीं हुए शुरू
विज्ञापन
गोहाना (सोनीपत)।
क्षेत्र के उन युवाओं के लिए बुरी खबर है, जो पीजी कोर्स करना चाहते हैं। पीजी कोर्स करने के इच्छुक युवाओं को अब शहर छोड़कर दूर-दराज के क्षेत्रों में जाना पड़ेगा। शहर में दो-दो राजकीय कॉलेज होने के बावजूद युवाओं के लिए पीजी कोर्स में प्रवेश की व्यवस्था नहीं की गई है। पीजी कोर्स करने के इच्छुक युवाओं ने उच्चतर शिक्षा निदेशालय पर भेदभाव का आरोप लगाया है। दरअसल बड़ौता गांव में नया राजकीय कॉलेज बनने के बाद शहर के पुराने कॉलेज को गर्ल्स कॉलेज के रूप में परिवर्तित कर दिया गया है। नया कॉलेज बनने से पहले पुराने कॉलेज में सारे पीजी कोर्स थे। अब यह कॉलेज लड़कियों का होने के कारण यहां लड़के प्रवेश नहीं ले सकते हैं। बड़ौता गांव में जो नया कॉलेज बनाया गया है, उसमें अभी पीजी कोर्स चालू नहीं किए गए हैं। ऐसे में लड़कों को पीजी कोर्सों के लिए अब रोहतक, पानीपत या सोनीपत की ओर रुख करना पड़ेगा।
पढ़ाई छोडे़ंगे या लेना पड़ेगा कर्ज
पीजी कोर्स के इच्छुक छात्र आदित्य, नवीन, संदीप व राजेश आदि का कहना कि सरकार ने लड़कियों के लिए तो दो-दो कॉलेजों में प्रवेश की व्यवस्था कर दी, जबकि उनके हितों की अनदेखी की जा रही है। अब जो छात्र गरीब परिवारों से हैं, उन्हें या तो आगे की पढ़ाई छोड़नी पड़ेगी या फिर उन्हें महंगे कॉलेजों में दाखिला लेने के लिए कर्ज लेना पड़ेगा, क्योंकि निजी कॉलेजों की फीस भारी-भरकम होती है।
विज्ञापन
हमारी पढ़ाई की व्यवस्था करे सरकार
पीजी कोर्स करने के इच्छुक छात्रों ने सरकार से मांग की है कि जब गोहाना में दो-दो कॉलेज हैं तो उनके पढ़ने की भी व्यवस्था की जाए। उनका तर्क है कि जब तक नए कॉलेज में पीजी कोर्स शुरू नहीं होते हैं, तक तक उन्हें पुराने कॉलेज में प्रवेश दिया जाना चाहिए। सरकार चाहे तो उनकी कक्षाएं नए कॉलेज में लगवा सकती है। इससे उनका भविष्य भी चौपट होने से बच जाएगा तथा सरकार की अलग गर्ल्स कॉलेज बनाने की मंशा भी पूरी हो जाएगी।
विज्ञापन
नए कॉलेज में पीजी कोर्स लागू करना सरकार का काम
नए कॉलेज में पीजी कोर्स चालू करना सरकार का काम है। इसके लिए नए कॉलेज में स्टाफ का प्रबंध करना होगा। इसके बारे में सरकार या उच्चतर शिक्षा विभाग ही कोई ठोस कदम उठा सकता है। रोजाना कई छात्र आते हैं तथा इस बारे में पूछताछ करते हैं। जब तक कोई स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती है, तब तक किसी को प्रवेश नहीं दिया जा सकता है।
-मनमोहन चहल, नोडल अधिकारी, राजकीय महाविद्यालय गोहाना
पीजी कोर्सों के लिए छात्रों को छोड़ना पड़ेगा शहर
बड़ौता का कॉलेज को गर्ल्स कॉलेज में परिवर्तित
नए कॉलेज में पीजी कोर्स अब तक नहीं हुए शुरू