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मंडी में किसानों ने हंगामा किया तो अफसरों ने पहुंचकर धान खरीद शुरू कराई
Updated Fri, 05 Oct 2018 12:45 AM IST
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अनाज मंडी में पीआर धान लेकर आए किसानों ने जताया रोष
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। रोहतक रोड मंडी में पीआर धान की खरीद वीरवार के दिन भी शुरू नहीं की गई तो आक्रोशित किसानों ने सरकार व अधिकारियों के खिलाफ हंगामा शुरू कर दिया। किसानों ने आरोप लगाया कि सूचना देने के बाद भी अधिकारी पीआर धान की खरीद नहीं कर रहे है, जिससे किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। इसका पता चलने पर मार्केट कमेटी के अधिकारी हरकत में आए और मंडी में पहुंचकर पीआर धान की खरीद शुरू कराई।
गांव खेवड़ा निवासी सुरेंद्र, विजयपाल, संजू, ओमप्रकाश, रोहताश, शमशेर, बैंयापुर निवासी अजीत, सोनू, कामी निवासी सुनील, ओमप्रकाश सेवली ने रोष जताते हुए कहा कि सरकार ने एक अक्टूबर से मंडियों में पीआर धान की सरकारी खरीद करने का निर्णय लिया था। जिसके बाद कई गांवों के किसान एक अक्टूबर को ही रोहतक रोड स्थित नई अनाज मंडी में पीआर धान लेकर पहुंच गए थे, लेकिन धान खरीदने को अधिकारी नहीं पहुंच रहे है। उन्होंने बताया कि सरकार ने हैफेड व मार्केट कमेटी के पीआर धान की खरीद के लिए दिन भी तय कर दिया था, उसके बाद भी अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे। डीसी, हैफेड के डीएम, मार्केट कमेटी के सेक्रेटरी से किसान मिलकर खरीद करने की मांग कर चुके है, उसके बाद भी गंभीरता नहीं दिखाई गई। इस कारण ही वीरवार को किसानों ने सरकार व अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। किसानों के हंगामा करने का पता चलते ही मार्केट कमेटी के अधिकारी मंडी में पहुंचे और वहां पीआर धान की खरीद शुरू कराई।
दो दिन पहले पीआर धान लेकर मंडी में पहुंचा था। जिसके लिए कमेटी के अधिकारियों को कई बार धान आने की सूचना दी गई, लेकिन कोई अधिकारी नहीं आया। मंडी में कई दिन रहने से परेशानी बढ़ जाती है। सुरेंद्र, खेवड़ा
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सरकार ने एक अक्टूबर से पीआर धान की खरीद के आदेश दिए थे। उसी दिन धान लेकर मंडी में पहुंच गया था, लेकिन सरकार के आदेशों का पालन किया गया और अधिकारियों ने धान खरीदने के लिए गंभीरता नहीं दिखाई। यहां विरोध जताने पर अधिकारी पहुंचे। रोहताश, कुराड़
पीआर धान लेकर चार दिन ऽपहले मंडी आया था जो अभी तक नहीं खरीदा गया। दूसरी किस्म का धान लेकर आए साथी किसान बेचकर वापस गांव जा चुके है। मंडी में न रहने की सुविधा है और न ही पानी की। जिससे परेशानी उठानी पड़ रही है। सोनू, कामी
पीआर धान की खरीद नहीं होने पर मंडी में कई दिनों से बैठे किसानों में रोष है। इसके लिए डीसी से मुलाकात कर चुके है। डीसी के निर्देश के बाद भी अधिकारी परेशान करते है। ओमप्रकाश, सेवली
गन्नौर मंडी में 5500 हुई क्विंटल धान की खरीद
गन्नौर की मंडी में धान की आवक तेज हो गई है, जहां 5500 क्विंटल 1509 धान की आवक है। बोली पर धान का भाव 1901 रुपए से 2571 रुपये प्रति क्विंटल तक रहा। 1509 धान को प्राइवेट मिलरों द्वारा खरीदा जा रहा है। किसानों का कहना है कि मिलर्स धान में नमी दिखाकर कम रेटों पर खरीद कर रहे है, जिससे किसानों को नुकसान हो रहा है।
पीआर धान की खरीद दोपहर बाद शुरू कर दी गई है और वीरवार को 80 क्विंटल धान खरीदा गया। मंडी का निरीक्षण कर किसानों से समस्याएं पूछी गई है, जल्द ही सभी समस्याओं का समाधान करा दिया जाएगा। मनीषा मेहरा, डीएफएससी।
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। रोहतक रोड मंडी में पीआर धान की खरीद वीरवार के दिन भी शुरू नहीं की गई तो आक्रोशित किसानों ने सरकार व अधिकारियों के खिलाफ हंगामा शुरू कर दिया। किसानों ने आरोप लगाया कि सूचना देने के बाद भी अधिकारी पीआर धान की खरीद नहीं कर रहे है, जिससे किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। इसका पता चलने पर मार्केट कमेटी के अधिकारी हरकत में आए और मंडी में पहुंचकर पीआर धान की खरीद शुरू कराई।
गांव खेवड़ा निवासी सुरेंद्र, विजयपाल, संजू, ओमप्रकाश, रोहताश, शमशेर, बैंयापुर निवासी अजीत, सोनू, कामी निवासी सुनील, ओमप्रकाश सेवली ने रोष जताते हुए कहा कि सरकार ने एक अक्टूबर से मंडियों में पीआर धान की सरकारी खरीद करने का निर्णय लिया था। जिसके बाद कई गांवों के किसान एक अक्टूबर को ही रोहतक रोड स्थित नई अनाज मंडी में पीआर धान लेकर पहुंच गए थे, लेकिन धान खरीदने को अधिकारी नहीं पहुंच रहे है। उन्होंने बताया कि सरकार ने हैफेड व मार्केट कमेटी के पीआर धान की खरीद के लिए दिन भी तय कर दिया था, उसके बाद भी अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे। डीसी, हैफेड के डीएम, मार्केट कमेटी के सेक्रेटरी से किसान मिलकर खरीद करने की मांग कर चुके है, उसके बाद भी गंभीरता नहीं दिखाई गई। इस कारण ही वीरवार को किसानों ने सरकार व अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। किसानों के हंगामा करने का पता चलते ही मार्केट कमेटी के अधिकारी मंडी में पहुंचे और वहां पीआर धान की खरीद शुरू कराई।
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दो दिन पहले पीआर धान लेकर मंडी में पहुंचा था। जिसके लिए कमेटी के अधिकारियों को कई बार धान आने की सूचना दी गई, लेकिन कोई अधिकारी नहीं आया। मंडी में कई दिन रहने से परेशानी बढ़ जाती है। सुरेंद्र, खेवड़ा
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सरकार ने एक अक्टूबर से पीआर धान की खरीद के आदेश दिए थे। उसी दिन धान लेकर मंडी में पहुंच गया था, लेकिन सरकार के आदेशों का पालन किया गया और अधिकारियों ने धान खरीदने के लिए गंभीरता नहीं दिखाई। यहां विरोध जताने पर अधिकारी पहुंचे। रोहताश, कुराड़
पीआर धान लेकर चार दिन ऽपहले मंडी आया था जो अभी तक नहीं खरीदा गया। दूसरी किस्म का धान लेकर आए साथी किसान बेचकर वापस गांव जा चुके है। मंडी में न रहने की सुविधा है और न ही पानी की। जिससे परेशानी उठानी पड़ रही है। सोनू, कामी
पीआर धान की खरीद नहीं होने पर मंडी में कई दिनों से बैठे किसानों में रोष है। इसके लिए डीसी से मुलाकात कर चुके है। डीसी के निर्देश के बाद भी अधिकारी परेशान करते है। ओमप्रकाश, सेवली
गन्नौर मंडी में 5500 हुई क्विंटल धान की खरीद
गन्नौर की मंडी में धान की आवक तेज हो गई है, जहां 5500 क्विंटल 1509 धान की आवक है। बोली पर धान का भाव 1901 रुपए से 2571 रुपये प्रति क्विंटल तक रहा। 1509 धान को प्राइवेट मिलरों द्वारा खरीदा जा रहा है। किसानों का कहना है कि मिलर्स धान में नमी दिखाकर कम रेटों पर खरीद कर रहे है, जिससे किसानों को नुकसान हो रहा है।
पीआर धान की खरीद दोपहर बाद शुरू कर दी गई है और वीरवार को 80 क्विंटल धान खरीदा गया। मंडी का निरीक्षण कर किसानों से समस्याएं पूछी गई है, जल्द ही सभी समस्याओं का समाधान करा दिया जाएगा। मनीषा मेहरा, डीएफएससी।