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अपनी जमीन पर 10 साल बाद मिलेंगे 1077 किसानों को प्लाट
Updated Mon, 19 Jun 2017 12:32 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत।
अपनी ही जमीन पर प्लाट लेने के लिए पिछले कई सालों से लड़ रहे तीन गांवों के किसानों को अब 10 साल बाद कुछ उम्मीद जगी है। क्योंकि हुडा ने राजीव गांधी एजुकेशन सिटी राई के लिए जिन गांवों के किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया था, उनको ओस्टेज कोटे में प्लाट देने के लिए ड्रॉ निकालने का फैसला किया है। हुडा के पास 1088 लोगों के आवेदन प्लाट के लिए आए थे और उनमें से अभी तक केवल उनका ड्रॉ निकालकर प्लाट दे दिया गया जो 11 किसान हाईकोर्ट गए थे। अब बाकी 1077 को ओस्टेज कोटे में प्लाट देने के लिए 22 जून की तारीख तय की है। इस ड्रॉ के बाद इन सभी को प्लाट मिल जाएगा।
यह है मामला
राजीव गांधी एजूकेशन सिटी राई के लिए हुडा ने सेक्टर 65-68 के नाम पर पतला, असवारपुर, बढख़ालसा की 2514 एकड़ जमीन का 2007 में अधिग्रहण किया था। उसके बाद नियम के अनुसार तीनों गांवों के 1088 लोगों ने ओस्टेज कोटे के तहत प्लाट लेने के लिए आवेदन किया। उनको आवेदन किए हुए कई साल बीत गए तो उसके बावजूद किसी को प्लाट नहीं दिया गया। इस कारण ही इन गांवों के 11 लोगों ने 2015 में हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। इसमें कहा गया था कि पहले 75 प्रतिशत से ज्यादा जमीन अधिग्रहण होने पर ही ओस्टेज कोटे में प्लाट दिया जाता था। जमीन अधिग्रहण से पहले नियम में बदलाव किया गया था, जिसमें 75 प्रतिशत से कम जमीन अधिग्रहण होने वाले लोगों को भी पात्र मानते हुए ओस्टेज कोटे से प्लाट दिए जा सकते थे। इस नियम के कारण ही आवेदन करने वाले सभी पात्रों की सूची में शामिल हो गए थे।
हाईकोर्ट की सख्ती पर 11 को मिला था प्लाट
ओस्टेज कोटे के तहत प्लाट देने के लिए ड्रॉ निकालने को किसानों की याचिका पर हाईकोर्ट सख्त हो गया था। हाईकोर्ट ने 2015 में आदेश दिया कि जल्द से जल्द ड्रॉ निकालकर प्लाट दिया जाए। लेकिन उस आदेश को हवा में उड़ा दिया गया तो हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई और अवमानना नोटिस दिया गया। उसके बाद हुडा अधिकारियों ने 2017 के शुरूआत में केवल उन 11 लोगों का ड्रॉ निकाल दिया जो हाईकोर्ट में गए थे और उनको अलॉटमेंट लेटर जारी करके प्लाट दे दिया गया।
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22 जून को निकाला जाएगा ड्रॉ
हुडा अधिकारियों ने उन 11 लोगों को प्लाट जरूर दे दिया जो कोर्ट में गए थे। लेकिन अन्य 1077 आवेदन करने वालों की फाइल को लटका दिया गया था। इस तरह हुडा अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगा कि उनके लिए हाईकोर्ट का दबाव नहीं होने के कारण ड्रॉ निकालने से अधिकारी भाग रहे हैं। अब जमीन अधिग्रहण के 10 साल बाद इन सभी को प्लाट देने के लिए 22 जून को हुडा कार्यालय में ड्रॉ निकाला जाएगा। इनमें वह सभी किसान शामिल हैं, जिन्होंने 2010 व 2012 में प्लाट के लिए आवेदन किया था।
जिनके आवेदन आए हुए हैं, उनके ड्रॉ 22 जून को निकाले जाएंगे। ओस्टेज कोटे के तहत 11 लोगों को पहले ही प्लाट दिया जा चुका है और अब 1077 को प्लाट देने के लिए ड्रॉ निकाला जाएगा।
-विकास ढांडा, एस्टेट ऑफिसर हुडा
अपनी जमीन पर 10 साल बाद मिलेंगे 1077 किसानों को प्लाट
राजीव गांधी एजुकेशन सिटी के लिए 2007 में किया गया था तीन गांवों की जमीन का अधिग्रहण
1088 ने ओस्टेज कोटे के तहत किया था प्लाट के लिए आवेदन, 11 को पहले दे दिए गए
1077 की फाइल को दबा दिया गया, अब 22 जून को निकाला जाएगा प्लाट के लिए ड्रॉ
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सोनीपत।
अपनी ही जमीन पर प्लाट लेने के लिए पिछले कई सालों से लड़ रहे तीन गांवों के किसानों को अब 10 साल बाद कुछ उम्मीद जगी है। क्योंकि हुडा ने राजीव गांधी एजुकेशन सिटी राई के लिए जिन गांवों के किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया था, उनको ओस्टेज कोटे में प्लाट देने के लिए ड्रॉ निकालने का फैसला किया है। हुडा के पास 1088 लोगों के आवेदन प्लाट के लिए आए थे और उनमें से अभी तक केवल उनका ड्रॉ निकालकर प्लाट दे दिया गया जो 11 किसान हाईकोर्ट गए थे। अब बाकी 1077 को ओस्टेज कोटे में प्लाट देने के लिए 22 जून की तारीख तय की है। इस ड्रॉ के बाद इन सभी को प्लाट मिल जाएगा।
यह है मामला
राजीव गांधी एजूकेशन सिटी राई के लिए हुडा ने सेक्टर 65-68 के नाम पर पतला, असवारपुर, बढख़ालसा की 2514 एकड़ जमीन का 2007 में अधिग्रहण किया था। उसके बाद नियम के अनुसार तीनों गांवों के 1088 लोगों ने ओस्टेज कोटे के तहत प्लाट लेने के लिए आवेदन किया। उनको आवेदन किए हुए कई साल बीत गए तो उसके बावजूद किसी को प्लाट नहीं दिया गया। इस कारण ही इन गांवों के 11 लोगों ने 2015 में हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। इसमें कहा गया था कि पहले 75 प्रतिशत से ज्यादा जमीन अधिग्रहण होने पर ही ओस्टेज कोटे में प्लाट दिया जाता था। जमीन अधिग्रहण से पहले नियम में बदलाव किया गया था, जिसमें 75 प्रतिशत से कम जमीन अधिग्रहण होने वाले लोगों को भी पात्र मानते हुए ओस्टेज कोटे से प्लाट दिए जा सकते थे। इस नियम के कारण ही आवेदन करने वाले सभी पात्रों की सूची में शामिल हो गए थे।
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हाईकोर्ट की सख्ती पर 11 को मिला था प्लाट
ओस्टेज कोटे के तहत प्लाट देने के लिए ड्रॉ निकालने को किसानों की याचिका पर हाईकोर्ट सख्त हो गया था। हाईकोर्ट ने 2015 में आदेश दिया कि जल्द से जल्द ड्रॉ निकालकर प्लाट दिया जाए। लेकिन उस आदेश को हवा में उड़ा दिया गया तो हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई और अवमानना नोटिस दिया गया। उसके बाद हुडा अधिकारियों ने 2017 के शुरूआत में केवल उन 11 लोगों का ड्रॉ निकाल दिया जो हाईकोर्ट में गए थे और उनको अलॉटमेंट लेटर जारी करके प्लाट दे दिया गया।
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22 जून को निकाला जाएगा ड्रॉ
हुडा अधिकारियों ने उन 11 लोगों को प्लाट जरूर दे दिया जो कोर्ट में गए थे। लेकिन अन्य 1077 आवेदन करने वालों की फाइल को लटका दिया गया था। इस तरह हुडा अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगा कि उनके लिए हाईकोर्ट का दबाव नहीं होने के कारण ड्रॉ निकालने से अधिकारी भाग रहे हैं। अब जमीन अधिग्रहण के 10 साल बाद इन सभी को प्लाट देने के लिए 22 जून को हुडा कार्यालय में ड्रॉ निकाला जाएगा। इनमें वह सभी किसान शामिल हैं, जिन्होंने 2010 व 2012 में प्लाट के लिए आवेदन किया था।
जिनके आवेदन आए हुए हैं, उनके ड्रॉ 22 जून को निकाले जाएंगे। ओस्टेज कोटे के तहत 11 लोगों को पहले ही प्लाट दिया जा चुका है और अब 1077 को प्लाट देने के लिए ड्रॉ निकाला जाएगा।
-विकास ढांडा, एस्टेट ऑफिसर हुडा
अपनी जमीन पर 10 साल बाद मिलेंगे 1077 किसानों को प्लाट
राजीव गांधी एजुकेशन सिटी के लिए 2007 में किया गया था तीन गांवों की जमीन का अधिग्रहण
1088 ने ओस्टेज कोटे के तहत किया था प्लाट के लिए आवेदन, 11 को पहले दे दिए गए
1077 की फाइल को दबा दिया गया, अब 22 जून को निकाला जाएगा प्लाट के लिए ड्रॉ