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रियो ओलंपिक में लगी चोट से परेशान विनेश, सिल्वर जीतने के बाद भी नाखुश

Tue, 05 Mar 2019 12:36 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 05 Mar 2019 12:36 AM IST
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रियो ओलंपिक में लगी चोट से परेशान विनेश, सिल्वर जीतने के बाद भी नाखुश
रियो ओलंपिक में लगी चोट से परेशान विनेश, सिल्वर जीतने के बाद भी नाखुश
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अंकित चौहान
सोनीपत। देश की स्टार पहलवान विनेश फौगाट को रियो ओलंपिक में तीन साल पहले लगी चोट अभी तक पीछा नहीं छोड़ रही है। उस चोट के कारण ही विनेश फौगाट को अपना भार वर्ग बदलना पड़ रहा है। जिससे इस समय 50 किलो की जगह 53 किलो में खेल रही है। वह अपना भार वर्ग बदलकर पहली बार किसी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में बुल्गारिया में खेलने उतरीं और वहां सिल्वर मेडल जीतने के बाद भी विनेश नाखुश हैं। उसने नए भारवर्ग में इस शुरूआत को अच्छा नहीं माना है, लेकिन टोक्यो ओलंपिक तक पहुंचने के लिए अहम इस साल के पहले टूर्नामेंट से काफी कुछ सीखने की बात जरूर कही है।
रियो ओलंपिक 2016 में पहलवान विनेश फौगाट को कुश्ती लड़ते हुए घुटने में चोट लग गई थी और इस कारण ही उसे कुश्ती बीच में छोड़नी पड़ी थी। जिससे ओलंपिक में मेडल की सबसे बड़ी दावेदार मानी जा रहीं विनेश को बड़ा झटका लगा था और वह लगभग एक साल तक कुश्ती से दूर रही थीं। विनेश ने चोट से उबरकर दोबारा वापसी की और उसके बाद कॉमनवेल्थ व एशियन गेम्स में लगातार गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा। उस समय तक विनेश फौगाट 50 किलो भार वर्ग में खेल रही थीं, लेकिन अब विनेश फौगाट का अपने इस भार वर्ग में खेलना नामुमकिन हो गया है। इस कारण ही उसे बुल्गारिया में 53 किलो भार वर्ग में खेलना पड़ा और वहां टूर्नामेंट में उसे सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। विनेश फौगाट के अचानक 53 किलो भार वर्ग में खेलने से खेल पर काफी असर पड़ा है और उसके सामने विपक्षी पहलवानों की चुनौती बढ़ गई है। क्योंकि विनेश को 53 किलो भार वर्ग में खुद से ज्यादा दमदार पहलवानों से भिड़ना होगा जो पहले ही 53 किलो में खेल रही हैं। जबकि विनेश अभी 53 किलो में उतरी हैं। विनेश फौगाट खुद भी सिल्वर मेडल से खुश नहीं हैं और इस नए भार वर्ग में इसे बेहतर शुरुआत नहीं मानती हैं। विनेश फौगाट ने कहा कि नए भार वर्ग में यह अच्छी शुरूआत नहीं है, लेकिन इस अहम साल में टूर्नामेंट से काफी कुछ सीखने को मिला है।
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वजन घटाने को ज्यादा मेहनत करते ही उभरती है चोट
विनेश फौगाट को 53 किलो भार वर्ग में खेलना इसलिए मजबूरी हो गई है। क्योंकि किसी भी चैंपियनशिप से पहले अधिकतर पहलवानों का वजन 2-4 किलो तक बढ़ा हुआ होता है, जिसे चैंपियनशिप से दो दिन पहले कम करने की तैयारी में पहलवान लग जाते हैं। इसके लिए उनको ज्यादा प्रैक्टिस व एक्सरसाइज करने के साथ ही दौड़ लगानी पड़ती है। विनेश के साथ यही समस्या हो रही है कि वह ज्यादा मेहनत करती हैं तो उनकी मांस पेशियों में दर्द होने लगता है। भारतीय महिला कुश्ती टीम के चीफ कोच कुलदीप मलिक ने बताया कि विनेश को घुटने की परेशानी के कारण ही 53 किलो में खेलना पड़ रहा है, जिससे उसके खेल पर असर पड़ रहा है। लेकिन विनेश धीरे-धीरे 53 किलो में अपने खेल को बेहतर कर लेगी।
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