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Sonipat News: 482 आशा कार्यकर्ताओं ने दी परीक्षा, तीन गैर हाजिर
Mon, 23 Sep 2024 08:20 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 23 Sep 2024 08:20 AM IST
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सोनीपत। स्वास्थ्य विभाग ने आशा कार्यकर्ताओं के ज्ञान को परखने के लिए रविवार को लिखित परीक्षा कराई। मुरथल अड्डा स्थित पीएमश्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बनाए गए केंद्र में 482 आशा कार्यकर्ताओं ने परीक्षा दी और इसमें तीन गैर हाजिर रही। परीक्षा में पास होने वाली आशा सर्टिफाइड (प्रमाणित) हो जाएगी और पांच हजार रुपये का कैश अवॉर्ड भी मिलेगा।
स्वास्थ्य विभाग ने पहली बार आशा कार्यकर्ताओं के ज्ञान परखने के लिए प्रायोगिक (प्रैक्टिकल) से लेकर लिखित परीक्षा ली है। राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) के माध्यम से 485 आशा कार्यकर्ता की परीक्षा ली गई। यह परीक्षा चेक लिस्ट के अनुसार तीन चरणों में हुई। इसमें पहले दो चरण में प्रैक्टिकल और तीसरे चरण में लिखित परीक्षा संपन्न हुई। पहला प्रैक्टिकल 30 नंबर का ब्लॉक आशा समन्वयक और दूसरा प्रैक्टिकल एक्सटर्नल 40 नंबर का एनआईओएस की टीम ले चुकी है। अंतिम चरण में 482 आशा कार्यकर्ताओं ने 30 नंबर की लिखित परीक्षा दी है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के नोडल अधिकारी एवं उप सिविल सर्जन डॉ. सीताराम केंद्र अधीक्षक और जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. आशा सहरावत सह केंद्र अधीक्षक रही। डॉ. सीताराम ने बताया कि परीक्षा का उद्देश्य आशा कार्यकर्ताओं के ज्ञान को जानना है। वर्तमान समय में सभी स्वास्थ्य कार्यक्रम आशा कार्यकर्ताओं पर निर्भर है। आशाएं स्वास्थ्य विभाग की एक रीढ़ की तरह काम करती हैं। ऐसे में उनका परिपक्व होना जरूरी है।
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स्वास्थ्य विभाग ने पहली बार आशा कार्यकर्ताओं के ज्ञान परखने के लिए प्रायोगिक (प्रैक्टिकल) से लेकर लिखित परीक्षा ली है। राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) के माध्यम से 485 आशा कार्यकर्ता की परीक्षा ली गई। यह परीक्षा चेक लिस्ट के अनुसार तीन चरणों में हुई। इसमें पहले दो चरण में प्रैक्टिकल और तीसरे चरण में लिखित परीक्षा संपन्न हुई। पहला प्रैक्टिकल 30 नंबर का ब्लॉक आशा समन्वयक और दूसरा प्रैक्टिकल एक्सटर्नल 40 नंबर का एनआईओएस की टीम ले चुकी है। अंतिम चरण में 482 आशा कार्यकर्ताओं ने 30 नंबर की लिखित परीक्षा दी है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के नोडल अधिकारी एवं उप सिविल सर्जन डॉ. सीताराम केंद्र अधीक्षक और जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. आशा सहरावत सह केंद्र अधीक्षक रही। डॉ. सीताराम ने बताया कि परीक्षा का उद्देश्य आशा कार्यकर्ताओं के ज्ञान को जानना है। वर्तमान समय में सभी स्वास्थ्य कार्यक्रम आशा कार्यकर्ताओं पर निर्भर है। आशाएं स्वास्थ्य विभाग की एक रीढ़ की तरह काम करती हैं। ऐसे में उनका परिपक्व होना जरूरी है।
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