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Sonipat News: ईंट भट्ठे से पकड़े 46 गए बांग्लादेशी
Sun, 25 May 2025 01:17 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sun, 25 May 2025 01:17 AM IST
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सोनीपत के गांव किढौली स्थित भट्ठे पर मिले बांग्लादेशी वाहन आने का इंतजार करते हुए। संवाद
खरखौदा। गांव किढौली स्थित ईंट भट्ठा से गुप्तचर विभाग व खरखौदा पुलिस की संयुक्त टीम ने 46 बांग्लादेशी पकड़े हैं। इनमें 9 पुरुष, 15 महिला और 22 बच्चे शामिल हैं। सभी को देर शाम को सोनीपत में नंदी चौक के पास स्थित एसएम हिंदू स्कूल के हॉस्टल में बनाए गए शेल्टर होम भेजद दिया गया। प्रशासन की तरफ से गहनता से जांच करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गुप्तचर शाखा खरखौदा के इंचार्ज जितेंद्र कुमार ने बताया कि खरखौदा में बांग्लादेश से अवैध रूप से आए हुए लोगों के रहने का इनपुट मिला था। इस पर वह अपनी टीम के साथ लगातार क्षेत्र में तलाशी अभियान चला रहे थे। शनिवार को उन्हें सूचना मिली कि आईएमटी के पास किढौली गांव स्थित पवन ईंट भट्ठा पर इस समय बांग्लादेशी रह रहे हैं। सूचना पर वह खरखौदा पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे तो वहां पर कई बांग्लादेशी मिले। वह परिवार के साथ रह रहे थे।
पूछताछ में पता चला कि वह रोहतक के हसनगढ़ और झज्जर के कानौंदा स्थित ईंट भट्ठा पर काम करते रहे हैं। अब यहां आए हैं। उनके कागजात जांचे गए तो वे बांग्लादेश के निकले। इसके बाद उनकी तरफ से मामले की सूचना आला अधिकारियों को दी गई। ईंट भट्ठा से गुप्तचर विभाग व पुलिस की टीम ने 9 पुरुष, 15 महिला, 13 लड़के और 9 लड़कियों को ट्रक में बैठाकर सोनीपत भेज दिया। इस दौरान सुरक्षा शाखा से अनिल कुमार, एसआई अशोक, एएसआई रेखा व राकेश मौजूद रहे।
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पहले पश्चिम बंगाल के रहने वाले बताया
टीम ने ईंट भट्ठा पर पहुंचकर जब पूछताछ की तो मजदूरों ने खुद को पश्चिम बंगाल का रहने वाला बताया था। ऐसे में उनसे संबंधित कागजात मांगे गए तो किसी ने भी अपनी पहचान से संबंधित कोई कागजात नहीं दिखाया। जांच करने पर कुछ लोगों ने आईडी टीम को दिखाई, लेकिन जब कड़ाई से पूछताछ की गई तो उन्होंने कागजात प्रस्तुत किए। वह बांग्लादेश के मिले। इसके बाद टीम ने सभी को सोनीपत शेल्टर होम भेज दिया।
मामला संज्ञान में आते ही कार्रवाई
प्रशासन पकड़े गए बांग्लादेशी नागरिकों से शेल्टर होम में रखकर पूछताछ करेगा। प्रशासनिक स्तर पर उनकी गहनता से जांच की जाएगी। उसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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गुप्तचर शाखा खरखौदा के इंचार्ज जितेंद्र कुमार ने बताया कि खरखौदा में बांग्लादेश से अवैध रूप से आए हुए लोगों के रहने का इनपुट मिला था। इस पर वह अपनी टीम के साथ लगातार क्षेत्र में तलाशी अभियान चला रहे थे। शनिवार को उन्हें सूचना मिली कि आईएमटी के पास किढौली गांव स्थित पवन ईंट भट्ठा पर इस समय बांग्लादेशी रह रहे हैं। सूचना पर वह खरखौदा पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे तो वहां पर कई बांग्लादेशी मिले। वह परिवार के साथ रह रहे थे।
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पूछताछ में पता चला कि वह रोहतक के हसनगढ़ और झज्जर के कानौंदा स्थित ईंट भट्ठा पर काम करते रहे हैं। अब यहां आए हैं। उनके कागजात जांचे गए तो वे बांग्लादेश के निकले। इसके बाद उनकी तरफ से मामले की सूचना आला अधिकारियों को दी गई। ईंट भट्ठा से गुप्तचर विभाग व पुलिस की टीम ने 9 पुरुष, 15 महिला, 13 लड़के और 9 लड़कियों को ट्रक में बैठाकर सोनीपत भेज दिया। इस दौरान सुरक्षा शाखा से अनिल कुमार, एसआई अशोक, एएसआई रेखा व राकेश मौजूद रहे।
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पहले पश्चिम बंगाल के रहने वाले बताया
टीम ने ईंट भट्ठा पर पहुंचकर जब पूछताछ की तो मजदूरों ने खुद को पश्चिम बंगाल का रहने वाला बताया था। ऐसे में उनसे संबंधित कागजात मांगे गए तो किसी ने भी अपनी पहचान से संबंधित कोई कागजात नहीं दिखाया। जांच करने पर कुछ लोगों ने आईडी टीम को दिखाई, लेकिन जब कड़ाई से पूछताछ की गई तो उन्होंने कागजात प्रस्तुत किए। वह बांग्लादेश के मिले। इसके बाद टीम ने सभी को सोनीपत शेल्टर होम भेज दिया।
मामला संज्ञान में आते ही कार्रवाई
प्रशासन पकड़े गए बांग्लादेशी नागरिकों से शेल्टर होम में रखकर पूछताछ करेगा। प्रशासनिक स्तर पर उनकी गहनता से जांच की जाएगी। उसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।