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निगम से गांव बाहर करने का नोटिफिकेशन नहीं होने से पंचायत, एमपी ने कहा मंत्री के पास फाइल, एक सप्ताह में जरूर होगा
Updated Mon, 16 Jul 2018 12:43 AM IST
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पंचायत में पहुंच सांसद ने कहा, मंत्री के पास है फाइल, एक सप्ताह में जारी करा देंगे अधिसूचना
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। नगर निगम में 26 गांवों को शामिल करने का ग्रामीणों ने विरोध शुरू किया तो उनमें से 15 को बाहर कर दिया गया, लेकिन उसका नोटिफिकेशन अभी तक जारी नहीं होने से लोगों में फिर से गुस्सा बढ़ता जा रहा है। नोटिफिकेशन जारी नहीं होने के कारण ही ग्रामीणों की रविवार को राठधना में पंचायत हुई। वहां कहा गया कि गांवों को निगम से बाहर करने की घोषणा हुए एक महीने से ज्यादा समय बीत गया है, लेकिन अभी तक नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है। सरकार ने जल्द ही नोटिफिकेशन जारी नहीं किया तो आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। उसी समय वहां पहुंचे सांसद रमेश कौशिक ने कहा कि इसकी फाइल मंत्री के पास है और इसका नोटिफिकेशन के एक सप्ताह में जारी कराया जाएगा।
नगर निगम जुलाई 2015 में बनने के साथ ही 26 गांवों को इसमें शामिल किया गया था। उसके बाद से ग्रामीणों का आरोप है कि निगम ने गांवों का 157 करोड़ रुपया व 3700 एकड़ पंचायती जमीन को ट्रांसफर कराकर अपने पास रख लिया। उसके बावजूद गांवों में विकास कार्य नहीं कराए गए तो गांवों में प्रापर्टी टैक्स, बिलों में एमसी टैक्स आदि लगाने शुरू कर दिए। इस तरह गांवों को निगम में शामिल करने पर काफी नुकसान हुआ है। इस कारण ही ग्रामीणों ने गांवों को निगम से बाहर करने के लिए आंदोलन शुरू किया हुआ था। इसके तहत ही ग्रामीणों ने सभी जन प्रतिनिधियों व नेताओं से मिलकर ज्ञापन दिया था। वहीं 26 गांवों के प्रतिनिधि हरियाणा भवन में सीएम मनोहर लाल से मिले थे। उसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होती देख 26 गांवों के लोगों ने 52 दिन तक शहर के अग्रसेन चौक पर धरना दिया था, जिसके बाद सांसद रमेश कौशिक के मध्यस्थता करने पर 15 गांवों को निगम से बाहर करने की 2 जून को घोषणा कर दी गई थी। जिनमें मुरशीदपुर केवल नक्शे में दर्ज है और उसकी आबादी नहीं है। इतना समय बीतने के बाद अभी तक इसकी अधिसूचना जारी नहीं की गई है। इसको लेकर ही रविवार को राठधना में पंचायत हुई। यहां नोटिफिकेशन जारी नहीं करने पर आंदोलन करने की योजना बनाई जा रही है। उसी समय सांसद रमेश कौशिक भी वहां पहुंच गए और सांसद ने कहा कि इसकी फाइल मंत्री कविता जैन के पास पहुंच गई है। इसको लेकर सीएम मनोहर लाल से उनकी बात हुई है और वह जल्द ही फाइल मंगवाकर इसकी अधिसूचना जारी करा देंगे। सांसद ने आश्वासन दिया कि एक सप्ताह में अधिसूचना जारी करा दी जाएगी, जिसपर ग्रामीणों ने एक सप्ताह तक इंतजार करने की बात कही है। इस दौरान प्रधान महेंद्र सिंह कटारिया, हवा सिंह पहलवान, हरिप्रकाश असावरपुर, रामकिशन फौजी, बिजेंद्र सिंह, अमित सरोहा, राजपाल, सुखबीर बैंयापुर, कुलदीप आंतिल, जगबीर राठधना, नरेंद्र कोच, महेंद्र सिंह, महावीर चेयरमैन, राममेहर, भीमसिंह शाहपुर, मा. रणसिंह, सतबीर कादियान, बलराज लिवासपुर, श्रद्धानंद सोलंकी, संजय मुकीनपुर आदि मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। नगर निगम में 26 गांवों को शामिल करने का ग्रामीणों ने विरोध शुरू किया तो उनमें से 15 को बाहर कर दिया गया, लेकिन उसका नोटिफिकेशन अभी तक जारी नहीं होने से लोगों में फिर से गुस्सा बढ़ता जा रहा है। नोटिफिकेशन जारी नहीं होने के कारण ही ग्रामीणों की रविवार को राठधना में पंचायत हुई। वहां कहा गया कि गांवों को निगम से बाहर करने की घोषणा हुए एक महीने से ज्यादा समय बीत गया है, लेकिन अभी तक नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है। सरकार ने जल्द ही नोटिफिकेशन जारी नहीं किया तो आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। उसी समय वहां पहुंचे सांसद रमेश कौशिक ने कहा कि इसकी फाइल मंत्री के पास है और इसका नोटिफिकेशन के एक सप्ताह में जारी कराया जाएगा।
नगर निगम जुलाई 2015 में बनने के साथ ही 26 गांवों को इसमें शामिल किया गया था। उसके बाद से ग्रामीणों का आरोप है कि निगम ने गांवों का 157 करोड़ रुपया व 3700 एकड़ पंचायती जमीन को ट्रांसफर कराकर अपने पास रख लिया। उसके बावजूद गांवों में विकास कार्य नहीं कराए गए तो गांवों में प्रापर्टी टैक्स, बिलों में एमसी टैक्स आदि लगाने शुरू कर दिए। इस तरह गांवों को निगम में शामिल करने पर काफी नुकसान हुआ है। इस कारण ही ग्रामीणों ने गांवों को निगम से बाहर करने के लिए आंदोलन शुरू किया हुआ था। इसके तहत ही ग्रामीणों ने सभी जन प्रतिनिधियों व नेताओं से मिलकर ज्ञापन दिया था। वहीं 26 गांवों के प्रतिनिधि हरियाणा भवन में सीएम मनोहर लाल से मिले थे। उसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होती देख 26 गांवों के लोगों ने 52 दिन तक शहर के अग्रसेन चौक पर धरना दिया था, जिसके बाद सांसद रमेश कौशिक के मध्यस्थता करने पर 15 गांवों को निगम से बाहर करने की 2 जून को घोषणा कर दी गई थी। जिनमें मुरशीदपुर केवल नक्शे में दर्ज है और उसकी आबादी नहीं है। इतना समय बीतने के बाद अभी तक इसकी अधिसूचना जारी नहीं की गई है। इसको लेकर ही रविवार को राठधना में पंचायत हुई। यहां नोटिफिकेशन जारी नहीं करने पर आंदोलन करने की योजना बनाई जा रही है। उसी समय सांसद रमेश कौशिक भी वहां पहुंच गए और सांसद ने कहा कि इसकी फाइल मंत्री कविता जैन के पास पहुंच गई है। इसको लेकर सीएम मनोहर लाल से उनकी बात हुई है और वह जल्द ही फाइल मंगवाकर इसकी अधिसूचना जारी करा देंगे। सांसद ने आश्वासन दिया कि एक सप्ताह में अधिसूचना जारी करा दी जाएगी, जिसपर ग्रामीणों ने एक सप्ताह तक इंतजार करने की बात कही है। इस दौरान प्रधान महेंद्र सिंह कटारिया, हवा सिंह पहलवान, हरिप्रकाश असावरपुर, रामकिशन फौजी, बिजेंद्र सिंह, अमित सरोहा, राजपाल, सुखबीर बैंयापुर, कुलदीप आंतिल, जगबीर राठधना, नरेंद्र कोच, महेंद्र सिंह, महावीर चेयरमैन, राममेहर, भीमसिंह शाहपुर, मा. रणसिंह, सतबीर कादियान, बलराज लिवासपुर, श्रद्धानंद सोलंकी, संजय मुकीनपुर आदि मौजूद रहे।
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