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मानवता के संदेश से समागम का समापन, मुंबई में पहली निरंकारी युवा संगोष्ठी करेगी माता सुदीक्षा, 5 लाख युवा होंगे प्रेरित
Updated Tue, 27 Nov 2018 01:05 AM IST
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मानवता के संदेश से समागम का समापन: मुंबई में पहली निरंकारी युवा संगोष्ठी करेंगी माता सुदीक्षा, 5 लाख युवा होंगे प्रेरित
-निरंकारी संत समागम के बाद 22-23 दिसंबर तक मुंबई में अपनी पहली निरंकारी युवा संगोष्ठी में ज्ञान देंगी माता सुदीक्षा
अंकित चौहान
सोनीपत। निरंकारी मिशन के 71वें संत समागम का सोमवार को सद्गुरु माता सुदीक्षा के मानवता के संदेश के साथ समापन हो गया। अब सद्गुरु माता सुदीक्षा मुंबई में अपनी पहली निरंकारी युवा संगोष्ठी में युवाओं को मिशन को आगे बढ़ाने के साथ ही समाजसेवा के लिए प्रेरित करेंगी। निरंकारी मिशन की यह 51वीं युवा संगोष्ठी मुंबई में 22-23 दिसंबर को होगी जो सद्गुरु माता सुदीक्षा के गद्दी संभालने के बाद मिशन का दूसरा बड़ा कार्यक्रम होगा। जिसमें देश व विदेश से पांच लाख से ज्यादा युवाओं के पहुंचने की बात कही जा रही है, जिनको विशेषज्ञ भी जीवन की महत्ता बताने के साथ ही सही मार्ग पर चलने की सीख देंगे। देश में युवाओं के लिए यह सबसे बड़ी संगोष्ठी होने का दावा किया जा रहा है।
निरंकारी मिशन की ओर से संत समागम की तरह ही युवाओं के लिए बड़ा कार्यक्रम निरंकारी युवा संगोष्ठी कराई जाती है। इस युवा संगोष्ठी में देश व विदेश के युवा शामिल होते हैं और युवा संगोष्ठी को युवा समागम भी कहा जाता है, जिसमें इस बार पांच लाख से ज्यादा युवाओं के शामिल होने का दावा किया जा रहा है। निरंकारी युवा संगोष्ठी को लेकर सब कुछ तय हो चुका है जो मुंबई में 22-23 दिसंबर को होगा। इस बार युवा संगोष्ठी में सबसे अहम यह रहेगा कि सद्गुरु माता सुदीक्षा पहली बार युवाओं को निरंकारी मिशन को आगे बढ़ाने के साथ ही समाज सेवा के लिए प्रेरित करेंगी। निरंकारी मिशन के प्रेस एवं पब्लिसिटी इंचार्ज कृपा सागर बताते हैं कि युवा संगोष्ठी में युवाओं को पौधरोपण, स्वच्छता से लेकर अन्य सामाजिक कार्यों में हिस्सा लेकर उनको आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। वहां सामाजिक कुरीतियों से दूर रहने के साथ ही शादी में दहेज प्रथा, सामाजिक भेदभाव को दूर करने के लिए लोगों को जागरूक करने की प्रेरणा दी जाएगी। इस युवा संगोष्ठी में विषय विशेषज्ञ भी जीवन का सही मार्ग दिखाएंगे और वहां बताएंगे कि किस तरह उनका जीवन महत्वपूर्ण है और उसको समाज की सेवा में कैसे लगाना चाहिए। क्योंकि समाज की सेवा ही मानव जीवन का असली कर्म है।
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-निरंकारी संत समागम के बाद 22-23 दिसंबर तक मुंबई में अपनी पहली निरंकारी युवा संगोष्ठी में ज्ञान देंगी माता सुदीक्षा
अंकित चौहान
सोनीपत। निरंकारी मिशन के 71वें संत समागम का सोमवार को सद्गुरु माता सुदीक्षा के मानवता के संदेश के साथ समापन हो गया। अब सद्गुरु माता सुदीक्षा मुंबई में अपनी पहली निरंकारी युवा संगोष्ठी में युवाओं को मिशन को आगे बढ़ाने के साथ ही समाजसेवा के लिए प्रेरित करेंगी। निरंकारी मिशन की यह 51वीं युवा संगोष्ठी मुंबई में 22-23 दिसंबर को होगी जो सद्गुरु माता सुदीक्षा के गद्दी संभालने के बाद मिशन का दूसरा बड़ा कार्यक्रम होगा। जिसमें देश व विदेश से पांच लाख से ज्यादा युवाओं के पहुंचने की बात कही जा रही है, जिनको विशेषज्ञ भी जीवन की महत्ता बताने के साथ ही सही मार्ग पर चलने की सीख देंगे। देश में युवाओं के लिए यह सबसे बड़ी संगोष्ठी होने का दावा किया जा रहा है।
निरंकारी मिशन की ओर से संत समागम की तरह ही युवाओं के लिए बड़ा कार्यक्रम निरंकारी युवा संगोष्ठी कराई जाती है। इस युवा संगोष्ठी में देश व विदेश के युवा शामिल होते हैं और युवा संगोष्ठी को युवा समागम भी कहा जाता है, जिसमें इस बार पांच लाख से ज्यादा युवाओं के शामिल होने का दावा किया जा रहा है। निरंकारी युवा संगोष्ठी को लेकर सब कुछ तय हो चुका है जो मुंबई में 22-23 दिसंबर को होगा। इस बार युवा संगोष्ठी में सबसे अहम यह रहेगा कि सद्गुरु माता सुदीक्षा पहली बार युवाओं को निरंकारी मिशन को आगे बढ़ाने के साथ ही समाज सेवा के लिए प्रेरित करेंगी। निरंकारी मिशन के प्रेस एवं पब्लिसिटी इंचार्ज कृपा सागर बताते हैं कि युवा संगोष्ठी में युवाओं को पौधरोपण, स्वच्छता से लेकर अन्य सामाजिक कार्यों में हिस्सा लेकर उनको आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। वहां सामाजिक कुरीतियों से दूर रहने के साथ ही शादी में दहेज प्रथा, सामाजिक भेदभाव को दूर करने के लिए लोगों को जागरूक करने की प्रेरणा दी जाएगी। इस युवा संगोष्ठी में विषय विशेषज्ञ भी जीवन का सही मार्ग दिखाएंगे और वहां बताएंगे कि किस तरह उनका जीवन महत्वपूर्ण है और उसको समाज की सेवा में कैसे लगाना चाहिए। क्योंकि समाज की सेवा ही मानव जीवन का असली कर्म है।
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