फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   मुरथल यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों ने 2.50 लाख में चार माह में बनाई हाइब्रिड कार

मुरथल यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों ने 2.50 लाख में चार माह में बनाई हाइब्रिड कार

Sat, 02 Mar 2019 12:38 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 02 Mar 2019 12:38 AM IST
विज्ञापन
मुरथल यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों ने 2.50 लाख में चार माह में बनाई हाइब्रिड कार
मुरथल विवि के छात्रों ने चार माह में बनाई हाइब्रिड कार
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मुरथल के विद्यार्थियों ने हाइब्रिड कार तैयार की है। विद्यार्थियों को कार बनाने में चार माह का समय लगा। कार की विशेषता यह है कि यह पेट्रोल के साथ बैटरी से भी चल सकती है। 80 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ सकने वाली यह कार प्रतिस्पर्धा के प्रथम प्री वर्चुअल राउंड में राष्ट्रीय स्तर पर आठवां स्थान प्राप्त कर चुकी है। वीसी प्रो. राजेंद्र कुमार अनायत ने विद्यार्थियों को कम समय में हाइब्रिड कार बनाने पर बधाई दी।

वीसी प्रो. राजेंद्र कुमार अनायत ने बताया कि विवि के विद्यार्थियों व शोधार्थियों को हमेशा समाज के लिए कुछ नया करने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शोधार्थियों को नए-नए शोध कार्य करने चाहिए। बताया कि मेकैनिकल इंजीनियरिंग तृतीय वर्ष के 27 विद्यार्थियों ने मात्र 2.50 लाख रुपये में हाइब्रिड कार बनाई। कार की विशेषता यह है कि कार 80 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से दौड़ सकती है। विद्यार्थियों ने कार विभागाध्यक्ष प्रो. रमेश कुमार, प्रो. एसके जरियाल व डॉ. अजय डबास के निर्देशन में बनाई है। प्रो. एसके जरियाल ने कहा कि विवि की हाइब्रीड कार ने हाल ही में इंपीरियल सोसायटी ऑफ इनोवेटिव इंजीनियर द्वारा ग्रेटर नोएडा में हुई प्रतिस्पर्धा में भी हिस्सा लिया था। इस प्रतिस्पर्धा में 80 टीमों ने भाग लिया था। कार ने प्रतिस्पर्धा के प्रथम प्री वर्चुअल राउंड में राष्ट्रीय स्तर पर आठवां स्थान प्राप्त किया। जबकि द्वितीय चरण में कार ने तेरहवां स्थान प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि विवि द्वारा हाइब्रिड कार बनाने के लिए 2.50 लाख रुपये विद्यार्थियों को दिए गए थे।
विज्ञापन

--
शोधार्थियों को हमेशा ऐसा कुछ करते रहना चाहिए ताकि उनकी प्रतिभा का विकास हो, ऐसे शोध भविष्य की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने में कारगर साबित होते हैं।
-प्रो. राजेंद्र कुमार अनायत
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed