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पेंट फैक्ट्री में शार्ट सर्किट से लगी आग, तीन जिंदा जले, दो लापता, 12 घायल
Updated Mon, 19 Mar 2018 02:08 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। राई औद्योगिक क्षेत्र स्थित पेंट फैक्टरी में रविवार तड़के लगभग चार बजे शार्ट-सर्किट से लगी आग में तीन कर्मी जिंदा जल गए, जबकि दो का कोई सुराग नहीं लग सका है। 12 कर्मी घायल हुए हैं। इनमें से पांच को पीजीआई, रोहतक रेफर किया गया है। जबकि तीन सुरक्षित हैं। करीब 12 घंटे जूझने के बाद फायर ब्रिगेड की 17 गाड़ियां आग पर काबू पा सकीं। आग ने चार अन्य फैक्ट्रियों को अपनी चपेट में ले लिया था। पुलिस ने मामले में एक कर्मी के बयान पर फैक्टरी मालिक, उसके बेटे, मैनेजर और तीन सुपरवाइजर के खिलाफ लापरवाही का मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं पुलिस जांच में सामने आया है कि फैक्टरी में आग बुझाने के कोई उपकरण नहीं थे।
दिल्ली निवासी गुलशन माटा की राई औद्योगिक क्षेत्र में प्लाट नंबर 291, 292 और 293 में रीयल पेंट के नाम से फैक्टरी है। रविवार सुबह करीब चार बजे फैक्टरी में शार्ट-सर्किट के चलते भीषण आग लग गई। उस समय फैक्टरी में करीब 20 कर्मी सो रहे थे। आग लगते ही बिजली जाने पर सो रहे कर्मियों की आंख खुली तो धुआं देखकर शोर मचा दिया। 15 कर्मियों ने दूसरी फैक्टरी करीब 15 फुट नीचे छत में कूदकर जान बचाई। 15 से 12 कर्मी कूदने और आग की चपेट में आने से घायल हो गए। वहीं फैक्टरी की आग की चपेट में तीन कर्मी और दो बच्चे आ गए। इनमें से तीन के शव के अवशेष मिले हैं, जिसमें एक पुरुष, एक महिला और एक बच्चे के अवशेष बताए जा रहे हैं। देर रात एक बच्चे और एक कर्मी का कोई पता नहीं लग सका है। आगजनी की घटना में बिहार के मुजफ्फरपुर के गांव मेठी का रहने वाला राकेश कुमार, यूपी के ओरैया निवासी गार्ड रामकुमार व उसकी पत्नी शकुंतला, मुजफ्फरपुर निवासी जालंधर, गुरदेव, संजीत घायल हो गए, जिन्हें सोनीपत के अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं बिहार वैशाली निवासी सुरेंद्र, मुजफ्फरपुर निवासी लड़का सोनू, हरिंद्र, चंदन, धर्मवीर और कुंदन को पीजीआई रेफर किया गया। सुशील, दिलीप, वीरुराम सुरक्षित हैं। हादसे में मूलरूप से उत्तराखंड निवासी बीर सिंह, उसकी पत्नी और पांच साल का बच्चा अभय, बिहार के मुजफ्फरपुर के गांव घोसरमा निवासी विरेंद्र राम और उनके गांव का ही रणधीर झा लापता है। इनमें से तीन के शवों के अवशेष बरामद किए गए हैं। जिनके पूरी तरह से जल जाने के कारण पहचान नहीं हो सकी है, जबकि दो का पता नहीं चल सका है। वहीं आगजनी की सूचना के बावजूद फैक्टरी मालिक सहित कोई जिम्मेदार वहां पर नहीं पहुंचा।
17 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंचीं मौके पर
फायर ब्रिगेड की टीम को चार बजकर 25 मिनट पर सूचना मिली थी और पांच बजे टीम पहुंच गई। इसके बाद सोनीपत, गोहाना, गन्नौर, पानीपत, समालखा, रोहतक और दिल्ली के नरेला से फायरब्रिगेड की 17 गाड़ियों को मौके पर बुलवाया गया। जिन्होंने करीब 12 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि देर शाम तक फैक्टरी से धुआं उठता रहा। आग से पेंट फैक्टरी पूरी तरह से जल गई। रीयल पेंट फैक्टरी में आग भड़कने के कारण ही साथ के प्लाट नंबर 309, 310, 311 व 312 में आग पहुंच गई। जिनमें अतुल्य मेडिकोज, सुप्रीम व जैन पालीमर फैक्टरी में भी आग से नुकसान हुआ है। पुलिस ने मामले में फैक्टरी कर्मी राजेश के बयान पर मालिक गुलशन माटा, उनके बेटे अभिषेक माटा, मैनेजर मीनू व तीन सुपरवाइजर के खिलाफ लापरवाही का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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वर्जन
पेंट फैक्टरी में आगजनी की घटना में तीन कर्मियों की मौत हुई है और दो अन्य लापता है। साथ ही 12 घायल हुए है। फैक्टरी में आग शार्ट-सर्किट से लगी बताई जा रही है। जिसमें कर्मी ने मालिक व अन्य पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि कई बार वायरिंग की तारों में स्पार्किंग की शिकायत दी थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी।
- ऋषिकांत, थाना प्रभारी, राई।
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सोनीपत। राई औद्योगिक क्षेत्र स्थित पेंट फैक्टरी में रविवार तड़के लगभग चार बजे शार्ट-सर्किट से लगी आग में तीन कर्मी जिंदा जल गए, जबकि दो का कोई सुराग नहीं लग सका है। 12 कर्मी घायल हुए हैं। इनमें से पांच को पीजीआई, रोहतक रेफर किया गया है। जबकि तीन सुरक्षित हैं। करीब 12 घंटे जूझने के बाद फायर ब्रिगेड की 17 गाड़ियां आग पर काबू पा सकीं। आग ने चार अन्य फैक्ट्रियों को अपनी चपेट में ले लिया था। पुलिस ने मामले में एक कर्मी के बयान पर फैक्टरी मालिक, उसके बेटे, मैनेजर और तीन सुपरवाइजर के खिलाफ लापरवाही का मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं पुलिस जांच में सामने आया है कि फैक्टरी में आग बुझाने के कोई उपकरण नहीं थे।
दिल्ली निवासी गुलशन माटा की राई औद्योगिक क्षेत्र में प्लाट नंबर 291, 292 और 293 में रीयल पेंट के नाम से फैक्टरी है। रविवार सुबह करीब चार बजे फैक्टरी में शार्ट-सर्किट के चलते भीषण आग लग गई। उस समय फैक्टरी में करीब 20 कर्मी सो रहे थे। आग लगते ही बिजली जाने पर सो रहे कर्मियों की आंख खुली तो धुआं देखकर शोर मचा दिया। 15 कर्मियों ने दूसरी फैक्टरी करीब 15 फुट नीचे छत में कूदकर जान बचाई। 15 से 12 कर्मी कूदने और आग की चपेट में आने से घायल हो गए। वहीं फैक्टरी की आग की चपेट में तीन कर्मी और दो बच्चे आ गए। इनमें से तीन के शव के अवशेष मिले हैं, जिसमें एक पुरुष, एक महिला और एक बच्चे के अवशेष बताए जा रहे हैं। देर रात एक बच्चे और एक कर्मी का कोई पता नहीं लग सका है। आगजनी की घटना में बिहार के मुजफ्फरपुर के गांव मेठी का रहने वाला राकेश कुमार, यूपी के ओरैया निवासी गार्ड रामकुमार व उसकी पत्नी शकुंतला, मुजफ्फरपुर निवासी जालंधर, गुरदेव, संजीत घायल हो गए, जिन्हें सोनीपत के अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं बिहार वैशाली निवासी सुरेंद्र, मुजफ्फरपुर निवासी लड़का सोनू, हरिंद्र, चंदन, धर्मवीर और कुंदन को पीजीआई रेफर किया गया। सुशील, दिलीप, वीरुराम सुरक्षित हैं। हादसे में मूलरूप से उत्तराखंड निवासी बीर सिंह, उसकी पत्नी और पांच साल का बच्चा अभय, बिहार के मुजफ्फरपुर के गांव घोसरमा निवासी विरेंद्र राम और उनके गांव का ही रणधीर झा लापता है। इनमें से तीन के शवों के अवशेष बरामद किए गए हैं। जिनके पूरी तरह से जल जाने के कारण पहचान नहीं हो सकी है, जबकि दो का पता नहीं चल सका है। वहीं आगजनी की सूचना के बावजूद फैक्टरी मालिक सहित कोई जिम्मेदार वहां पर नहीं पहुंचा।
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17 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंचीं मौके पर
फायर ब्रिगेड की टीम को चार बजकर 25 मिनट पर सूचना मिली थी और पांच बजे टीम पहुंच गई। इसके बाद सोनीपत, गोहाना, गन्नौर, पानीपत, समालखा, रोहतक और दिल्ली के नरेला से फायरब्रिगेड की 17 गाड़ियों को मौके पर बुलवाया गया। जिन्होंने करीब 12 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि देर शाम तक फैक्टरी से धुआं उठता रहा। आग से पेंट फैक्टरी पूरी तरह से जल गई। रीयल पेंट फैक्टरी में आग भड़कने के कारण ही साथ के प्लाट नंबर 309, 310, 311 व 312 में आग पहुंच गई। जिनमें अतुल्य मेडिकोज, सुप्रीम व जैन पालीमर फैक्टरी में भी आग से नुकसान हुआ है। पुलिस ने मामले में फैक्टरी कर्मी राजेश के बयान पर मालिक गुलशन माटा, उनके बेटे अभिषेक माटा, मैनेजर मीनू व तीन सुपरवाइजर के खिलाफ लापरवाही का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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पेंट फैक्टरी में आगजनी की घटना में तीन कर्मियों की मौत हुई है और दो अन्य लापता है। साथ ही 12 घायल हुए है। फैक्टरी में आग शार्ट-सर्किट से लगी बताई जा रही है। जिसमें कर्मी ने मालिक व अन्य पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि कई बार वायरिंग की तारों में स्पार्किंग की शिकायत दी थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी।
- ऋषिकांत, थाना प्रभारी, राई।