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दर्द को बेनकाब मत करना, अपना चेहरा किताब मत करना
Updated Tue, 01 Aug 2017 12:30 AM IST
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सोनीपत। अदबी संगम हरियाणा की तरफ से गीता भवन चौक के पास काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता अजीत कुमार भगत ने की और मंच संचालन महासचिव केडी वशिष्ठ ने किया।
काव्य गोष्ठी में डॉ. आदिक भारती ने अपना कलाम इस तरह पेश किया। दर्द को बेनकाब मत करना, अपना चेहरा किताब मत करना, दुश्मनी ताक में है हर लम्हा, दोस्ती में हिसाब मत करना। डॉ. कमर रईस ने कहा कि जीती बाजी हार कर देखो, जिंदगी यूं गुजार कर देखो, सर पे तुमको बिठाएगी दुनिया, अपनी मैं को तो मार कर देखो। देवराज पुरी दिलबर ने कहा किसी की बातों में न आना कभी, हुआ है किसी का जमाना कभी, जमाने की नजरों से जो गिर गया, न पूछेगा उसको जमाना कभी। डॉ. केडी वशिष्ठ ने फरमाया कि बदलते वक्त में दोस्तों की बेरूखी का क्या, अपनों में गैरों सी जिंदगी का क्या, हर फतह को सरफरोशी सरंजाम देती है, मुल्क की हिफाजत में बयानबाजी का क्या। इस मौके पर अदबी संगम के प्रधान प्रो. आरबी गर्ग, केसी डुडेजा, रघुवर दयाल गौड़, डीसी गेरा, हरभगवान रहेजा, इंद्रजीत कौशिक, डॉ. आकाश जिंदल, अलीशेर पठान, प्रशांत शर्मा, संदीप कुमार, अमरेश्वर भूषण, जुगल ज्योति, वीर सिंह सैनी, दिनेश डाबरा, डीएन भगत, एसके जैन, एमसी डुडेजा, ओपी कुकरेजा, सोमनाथ बत्रा, ओपी मुंजाल, आरपी मलिक, सीपी सतीजा, एमएल अरोड़ा, आरसी बत्रा, रमेश कपूर व तुलसी ठाकुर मौजूद रहे।
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काव्य गोष्ठी में डॉ. आदिक भारती ने अपना कलाम इस तरह पेश किया। दर्द को बेनकाब मत करना, अपना चेहरा किताब मत करना, दुश्मनी ताक में है हर लम्हा, दोस्ती में हिसाब मत करना। डॉ. कमर रईस ने कहा कि जीती बाजी हार कर देखो, जिंदगी यूं गुजार कर देखो, सर पे तुमको बिठाएगी दुनिया, अपनी मैं को तो मार कर देखो। देवराज पुरी दिलबर ने कहा किसी की बातों में न आना कभी, हुआ है किसी का जमाना कभी, जमाने की नजरों से जो गिर गया, न पूछेगा उसको जमाना कभी। डॉ. केडी वशिष्ठ ने फरमाया कि बदलते वक्त में दोस्तों की बेरूखी का क्या, अपनों में गैरों सी जिंदगी का क्या, हर फतह को सरफरोशी सरंजाम देती है, मुल्क की हिफाजत में बयानबाजी का क्या। इस मौके पर अदबी संगम के प्रधान प्रो. आरबी गर्ग, केसी डुडेजा, रघुवर दयाल गौड़, डीसी गेरा, हरभगवान रहेजा, इंद्रजीत कौशिक, डॉ. आकाश जिंदल, अलीशेर पठान, प्रशांत शर्मा, संदीप कुमार, अमरेश्वर भूषण, जुगल ज्योति, वीर सिंह सैनी, दिनेश डाबरा, डीएन भगत, एसके जैन, एमसी डुडेजा, ओपी कुकरेजा, सोमनाथ बत्रा, ओपी मुंजाल, आरपी मलिक, सीपी सतीजा, एमएल अरोड़ा, आरसी बत्रा, रमेश कपूर व तुलसी ठाकुर मौजूद रहे।
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