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छात्रा उत्पीडन मामला : बदले जांच कमेटी के सदस्य, उठने लगे सवाल
Updated Thu, 28 Dec 2017 12:22 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो,
गोहाना। कश्मीर की रहने वाली एक छात्रा के साथ दुव्र्यवहार किए जाने के मामले में बीपीएस मेडिकल कालेज के निदेशक ने आरोपों की जांच कर रहे सदस्यों को बदल दिया है। नई कमेटी में एक सदस्य उस अधिकारी से जूनियर बताया जा रहा है, जिस पर छात्रा के भाई द्वारा अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया गया है। जांच कमेटी में बदलाव को लेकर पहले आरोप लगा चुकी महिला ने सवाल उठाया है।
बीपीएस मेडिकल कालेज में विवाद थम नहीं रहे हैं। कश्मीर की रहने वाली कम्यूनिटी मेडिसन विभाग की प्री-फाइनल की छात्रा के भाई द्वारा विभागध्यक्ष पर उसकी बहन को प्रताड़ित करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मामले को लेकर मेडिकल कालेज के प्रबंध निदेशक डा. पीएस गहलोत ने जेंडर ह्रास कमेटी में तबदीली की है। जिस पर उन महिला चिकित्सकों ने सवाल उठाए हैं, जिन्होंने पहले इस विभागाध्यक्ष के खिलाफ उत्पीडन की शिकायत दी है। विभागाध्यक्ष के दबाव में नौकरी छोडक़र जाने वाली व फिलहाल करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कालेज में कार्यरत महिला चिकित्सक ने आरोप लगाया कि उनके द्वारा दी शिकायत फाइलों में दबकर रह गई है।
पांच महिलाएं लगा चुकी हैं आरोप
कम्यूनिटी मेडिसन विभाग के अध्यक्ष पर अब तक तीन महिला चिकित्सकों समेत एक छात्रा व एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी उत्पीडन का आरोप लगा चुकी है। उसके बावजूद भी जांच के अलावा ऐसे अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई न हो सकी है। यहां से नौकरी छोडक़र जाने वाली महिला चिकित्सक ने कहा कि उसने उच्चाधिकारियों को शिकायत की थी। कम्यूनिटी मेडिसन विभाग के अध्यक्ष के कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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नई कमेटी में जूनियर सदस्य के शामिल करने पर सवाल
मेडिकल कालेज के निदेशक डा. पीएम गहलोत द्वारा गठित नई जांच कमेटी में जिन सदस्यों को शामिल किया गया है। उनमें जांच करने वाला एक अधिकारी उससे जूनियर है जिसके खिलाफ जांच की जानी है। नई जेंडर ह्रास कमेटी में डा.रेणू गर्ग विभागाध्यक्ष बायो केमिस्ट्री, डा. मीनू अग्रवाल एसोसिएट प्रोफेसर एनेथिसिया, डा. विक्रम काला एसोसिएट प्रोफेसर मेडिसन, डा. विजय एसोसिएट प्रोफेसर कम्यूनिटी मेडिसन, सुमनलता नर्सिंग सिस्टर वार्ड 11 व एडवोकेट आरके मित्तल शामिल हैं। नई कमेटी का गठन 22 दिसंबर को किया गया है। इनमें डा. विजय विभागाध्यक्ष, जिनके खिलाफ जांच की जानी हैं के जूनियर हैं। जो नियमानुसार जांच कमेटी में शामिल नहीं हो सकते हैं।
पुरानी कमेटी में ये सदस्य थे शामिल
बीपीएस मेडिकल कालेज में जेंडर ह्रास कमेटी पहले से जो सदस्य बनाए गए थे डा. उमा गर्ग विभागाध्यक्ष इएनटी, डा. गौरव शर्मा, प्रोफेसर एंड हैड एफ मेडिसन, डा. अनूपमा टंडल प्रोफेसर एंड हैड नेत्र विभाग, डा. नवतेज एसोसिएट प्रोफेसर मेडिसन, डा. रूचि अग्रवाल एसोसिएट प्रोफेसर पैथोलॉजी व एडवोकेट आर के मित्तल शामिल थे।
कई छुट्टी पर गए तो बदली गए तो नए सदस्य किए शामिल किए
जेंडर ह्रास कमेटी में शामिल कई चिकित्सक छुट्टी पर चले गए हैं। जिस कारण नई कमेटी का गठन करना पड़ा है। जांच करनी जरूरी थी। जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। तीन महिला चिकित्सा अधिकारियों समेत पांच के द्वारा उत्पीडन की शिकायत का मामला उनके कार्यभर संभालने से पहले के हैं। उनके सामने एक महिला चिकित्सक द्वारा शिकायत की गई है।
डा. पीएस गहलोत, निदेशक बीपीएस मेडिकल कालेज खानपुर कलां।
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गोहाना। कश्मीर की रहने वाली एक छात्रा के साथ दुव्र्यवहार किए जाने के मामले में बीपीएस मेडिकल कालेज के निदेशक ने आरोपों की जांच कर रहे सदस्यों को बदल दिया है। नई कमेटी में एक सदस्य उस अधिकारी से जूनियर बताया जा रहा है, जिस पर छात्रा के भाई द्वारा अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया गया है। जांच कमेटी में बदलाव को लेकर पहले आरोप लगा चुकी महिला ने सवाल उठाया है।
बीपीएस मेडिकल कालेज में विवाद थम नहीं रहे हैं। कश्मीर की रहने वाली कम्यूनिटी मेडिसन विभाग की प्री-फाइनल की छात्रा के भाई द्वारा विभागध्यक्ष पर उसकी बहन को प्रताड़ित करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मामले को लेकर मेडिकल कालेज के प्रबंध निदेशक डा. पीएस गहलोत ने जेंडर ह्रास कमेटी में तबदीली की है। जिस पर उन महिला चिकित्सकों ने सवाल उठाए हैं, जिन्होंने पहले इस विभागाध्यक्ष के खिलाफ उत्पीडन की शिकायत दी है। विभागाध्यक्ष के दबाव में नौकरी छोडक़र जाने वाली व फिलहाल करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कालेज में कार्यरत महिला चिकित्सक ने आरोप लगाया कि उनके द्वारा दी शिकायत फाइलों में दबकर रह गई है।
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पांच महिलाएं लगा चुकी हैं आरोप
कम्यूनिटी मेडिसन विभाग के अध्यक्ष पर अब तक तीन महिला चिकित्सकों समेत एक छात्रा व एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी उत्पीडन का आरोप लगा चुकी है। उसके बावजूद भी जांच के अलावा ऐसे अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई न हो सकी है। यहां से नौकरी छोडक़र जाने वाली महिला चिकित्सक ने कहा कि उसने उच्चाधिकारियों को शिकायत की थी। कम्यूनिटी मेडिसन विभाग के अध्यक्ष के कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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नई कमेटी में जूनियर सदस्य के शामिल करने पर सवाल
मेडिकल कालेज के निदेशक डा. पीएम गहलोत द्वारा गठित नई जांच कमेटी में जिन सदस्यों को शामिल किया गया है। उनमें जांच करने वाला एक अधिकारी उससे जूनियर है जिसके खिलाफ जांच की जानी है। नई जेंडर ह्रास कमेटी में डा.रेणू गर्ग विभागाध्यक्ष बायो केमिस्ट्री, डा. मीनू अग्रवाल एसोसिएट प्रोफेसर एनेथिसिया, डा. विक्रम काला एसोसिएट प्रोफेसर मेडिसन, डा. विजय एसोसिएट प्रोफेसर कम्यूनिटी मेडिसन, सुमनलता नर्सिंग सिस्टर वार्ड 11 व एडवोकेट आरके मित्तल शामिल हैं। नई कमेटी का गठन 22 दिसंबर को किया गया है। इनमें डा. विजय विभागाध्यक्ष, जिनके खिलाफ जांच की जानी हैं के जूनियर हैं। जो नियमानुसार जांच कमेटी में शामिल नहीं हो सकते हैं।
पुरानी कमेटी में ये सदस्य थे शामिल
बीपीएस मेडिकल कालेज में जेंडर ह्रास कमेटी पहले से जो सदस्य बनाए गए थे डा. उमा गर्ग विभागाध्यक्ष इएनटी, डा. गौरव शर्मा, प्रोफेसर एंड हैड एफ मेडिसन, डा. अनूपमा टंडल प्रोफेसर एंड हैड नेत्र विभाग, डा. नवतेज एसोसिएट प्रोफेसर मेडिसन, डा. रूचि अग्रवाल एसोसिएट प्रोफेसर पैथोलॉजी व एडवोकेट आर के मित्तल शामिल थे।
कई छुट्टी पर गए तो बदली गए तो नए सदस्य किए शामिल किए
जेंडर ह्रास कमेटी में शामिल कई चिकित्सक छुट्टी पर चले गए हैं। जिस कारण नई कमेटी का गठन करना पड़ा है। जांच करनी जरूरी थी। जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। तीन महिला चिकित्सा अधिकारियों समेत पांच के द्वारा उत्पीडन की शिकायत का मामला उनके कार्यभर संभालने से पहले के हैं। उनके सामने एक महिला चिकित्सक द्वारा शिकायत की गई है।
डा. पीएस गहलोत, निदेशक बीपीएस मेडिकल कालेज खानपुर कलां।