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निजी चिकित्सकों की हड़ताल मरीजों पर भारी, दिनभर इलाज के लिए भटके
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सोनीपत। पश्चिम बंगाल में जूनियर चिकित्सकों के साथ हुई मारपीट की घटना के विरोध में आईएमए के आह्वान पर सोमवार को प्राइवेट अस्पतालों में ओपीडी बंद रही। वहां पहुंचे मरीजों व उसके तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। एक प्राइवेट अस्पताल में ऑपरेशन का समय मिलने के बाद भी मरीजों के ऑपरेशन नहीं हो सका। वही मरीजों को परेशानी नहीं हो, उसके लिए कबीरदास जयंती पर सरकारी छुट्टी होने के बाद भी चिकित्सकों की छुट्टी रद्द की गई। जिसके चलते अस्पताल में 1218 ओपीडी हुई। वहीं प्राइवेट चिकित्सकों ने काले बिल्ले लगाकर रोष जताया और चिकित्सकों को सुरक्षा देने की मांग की।
आईएमए के जिला प्रधान डॉ. वीके गुप्ता ने कहा- डॉक्टरों से मारपीट निंदनीय
सेक्टर-14 स्थित अग्रसेन भवन में सोमवार को आईएमए के बैनर तले प्राइवेट चिकित्सक एकत्रित हुए। जहां उन्होंने काले बिल्ले लगाकर सरकार के खिलाफ रोष जताया। आईएमए के जिला प्रधान डॉ. वीके गुप्ता ने कहा कि डॉक्टरों के साथ मारपीट करना निंदनीय है, जिसका आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) पूरी तरह से विरोध करती है। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों पर हो रही हिंसा के खिलाफ सेंट्रल अधिनियम बनना चाहिए।
चिकित्सकों से मारपीट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
व्यक्ति चिकित्सकों पर हमला करता है, उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज होना चाहिए। प्रधान डॉ. वीके गुप्ता ने कहा कि वह जल्द ही डीसी से मुलाकात कर डाक्टरों को हथियारों के लाइसेंस देने की भी मांग करेंगे। अगर फिर भी कोई कार्रवाई नहीं होती तो वह आंदोलन की रूपरेखा भी तैयार करेंगे।
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उन्होंने कहा कि जिले में एक्शन कमेटी का गठन किया जाएगा, अगर किसी अस्पताल में डॉक्टर के साथ कोई घटना होती है तो यह कमेटी मौके पर पहुंचकर स्थिति को हैंडल करेंगे। इस दौरान डॉ. अरुण गर्ग, डॉ. आदिश जैन, डॉ. गरिमा जैन आदि सहित अन्य मौजूद रहे।
सरकारी चिकित्सकों की छुट्टी रद्द होने से अस्पताल में बढ़ी ओपीडी
प्राइवेट चिकित्सकों की हड़ताल के चलते प्रदेश सरकार की ओर से सरकारी चिकित्सकों की छुट्टी रद्द करने के आदेश दिए गए। संत कबीरदास जयंती पर सरकारी छुट्टी होने के बाद भी सोमवार को सोनीपत व गोहाना नागरिक अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी पर स्वास्य सेवाएं दुरुस्त रही। सोनीपत के नागरिक अस्पताल में 1218 मरीज उपचार करने के लिए पहुंचे। नागरिक अस्पताल के प्रसूति विभाग में डिलीवरी की संख्या में इजाफा हुआ। हर रोज जहां 5 से 9 डिलीवरी होती थी, सोमवार को आंकड़ा 15 तक पहुंच गया। हड़ताल के कारण केवल प्राइवेट अस्पतालों में सामान्य इलाज नहीं मिलने के कारण मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी।
बिना ऑपरेशन के वापस लौटे मरीज
शहर के विशाल नगर निवासी रामस्वरूप ने बताया कि उसकी पत्नी का ऑपरेशन सोमवार को एक प्राइवेट अस्पताल में होना था। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर अस्पताल में पहुंचे। कई घंटों के इंतजार के बाद स्टाफ कर्मियों ने चिकित्सक के नहीं आने की बात कही। जबकि उन्हें सोमवार को ही ऑपरेशन कराने का समय दिया था। हड़ताल के चलते उसकी पत्नी का ऑपरेशन नहीं हो सका।
गोहाना भी हड़ताल पर रहे प्राइवेट चिकित्सक
गोहाना शहर के प्राइवेट अस्पतालों के चिकित्सकों ने सोमवार को हड़ताल रखी। जिसके चलते मरीज दिनभर परेशान रहे। आईएमए गोहाना के अध्यक्ष डॉ. गजराज कौशिक ने बताया कि प्राइवेट अस्पताल के चिकित्सक, सरकारी डाक्टरों संग मारपीट के अलावा अस्पताल में तोड़फोड़ करने वाले लोगों के खिलाफ केंद्रीय स्तर पर जो कानून बनाया गया है। उसे प्रशासनिक स्तर पर आज तक भी सख्त तरीके से लागू नहीं किया गया। जिसके चलते असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हो गए। आईएमए की मांग है कि ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। इस दौरान डॉ. प्रवीण गोयल, डॉ. सलोनी गुप्ता, डॉ. अरुण, डॉ. राज गोयल, डॉ. एसएस गुप्ता, डॉ. बीबी गुप्ता, डॉ. सीमा त्रेहन व डॉ. रघुबीर शर्मा भी मौजूद रहे।
यह हैं प्राइवेट चिकित्सकों की मुख्य मांगें
- डॉक्टरों के साथ होने वाली हिंसा के खिलाफ केंद्रीय अधिनियम बने।
- मारपीट करने वालों के खिलाफ गैर जमानती धाराओं के तहत केस दर्ज हो।
- कम से कम पांच साल की सजा का प्रावधान।
- अस्पताल की संपत्ति एवं अन्य नुकसान पर पांच गुणा जुर्माना लगाए जाने की मांग।
- किसी भी डॉक्टर पर मामला दर्ज करने से पहले सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन किया जाए।
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आईएमए के जिला प्रधान डॉ. वीके गुप्ता ने कहा- डॉक्टरों से मारपीट निंदनीय
सेक्टर-14 स्थित अग्रसेन भवन में सोमवार को आईएमए के बैनर तले प्राइवेट चिकित्सक एकत्रित हुए। जहां उन्होंने काले बिल्ले लगाकर सरकार के खिलाफ रोष जताया। आईएमए के जिला प्रधान डॉ. वीके गुप्ता ने कहा कि डॉक्टरों के साथ मारपीट करना निंदनीय है, जिसका आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) पूरी तरह से विरोध करती है। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों पर हो रही हिंसा के खिलाफ सेंट्रल अधिनियम बनना चाहिए।
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चिकित्सकों से मारपीट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
व्यक्ति चिकित्सकों पर हमला करता है, उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज होना चाहिए। प्रधान डॉ. वीके गुप्ता ने कहा कि वह जल्द ही डीसी से मुलाकात कर डाक्टरों को हथियारों के लाइसेंस देने की भी मांग करेंगे। अगर फिर भी कोई कार्रवाई नहीं होती तो वह आंदोलन की रूपरेखा भी तैयार करेंगे।
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उन्होंने कहा कि जिले में एक्शन कमेटी का गठन किया जाएगा, अगर किसी अस्पताल में डॉक्टर के साथ कोई घटना होती है तो यह कमेटी मौके पर पहुंचकर स्थिति को हैंडल करेंगे। इस दौरान डॉ. अरुण गर्ग, डॉ. आदिश जैन, डॉ. गरिमा जैन आदि सहित अन्य मौजूद रहे।
सरकारी चिकित्सकों की छुट्टी रद्द होने से अस्पताल में बढ़ी ओपीडी
प्राइवेट चिकित्सकों की हड़ताल के चलते प्रदेश सरकार की ओर से सरकारी चिकित्सकों की छुट्टी रद्द करने के आदेश दिए गए। संत कबीरदास जयंती पर सरकारी छुट्टी होने के बाद भी सोमवार को सोनीपत व गोहाना नागरिक अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी पर स्वास्य सेवाएं दुरुस्त रही। सोनीपत के नागरिक अस्पताल में 1218 मरीज उपचार करने के लिए पहुंचे। नागरिक अस्पताल के प्रसूति विभाग में डिलीवरी की संख्या में इजाफा हुआ। हर रोज जहां 5 से 9 डिलीवरी होती थी, सोमवार को आंकड़ा 15 तक पहुंच गया। हड़ताल के कारण केवल प्राइवेट अस्पतालों में सामान्य इलाज नहीं मिलने के कारण मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी।
बिना ऑपरेशन के वापस लौटे मरीज
शहर के विशाल नगर निवासी रामस्वरूप ने बताया कि उसकी पत्नी का ऑपरेशन सोमवार को एक प्राइवेट अस्पताल में होना था। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर अस्पताल में पहुंचे। कई घंटों के इंतजार के बाद स्टाफ कर्मियों ने चिकित्सक के नहीं आने की बात कही। जबकि उन्हें सोमवार को ही ऑपरेशन कराने का समय दिया था। हड़ताल के चलते उसकी पत्नी का ऑपरेशन नहीं हो सका।
गोहाना भी हड़ताल पर रहे प्राइवेट चिकित्सक
गोहाना शहर के प्राइवेट अस्पतालों के चिकित्सकों ने सोमवार को हड़ताल रखी। जिसके चलते मरीज दिनभर परेशान रहे। आईएमए गोहाना के अध्यक्ष डॉ. गजराज कौशिक ने बताया कि प्राइवेट अस्पताल के चिकित्सक, सरकारी डाक्टरों संग मारपीट के अलावा अस्पताल में तोड़फोड़ करने वाले लोगों के खिलाफ केंद्रीय स्तर पर जो कानून बनाया गया है। उसे प्रशासनिक स्तर पर आज तक भी सख्त तरीके से लागू नहीं किया गया। जिसके चलते असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हो गए। आईएमए की मांग है कि ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। इस दौरान डॉ. प्रवीण गोयल, डॉ. सलोनी गुप्ता, डॉ. अरुण, डॉ. राज गोयल, डॉ. एसएस गुप्ता, डॉ. बीबी गुप्ता, डॉ. सीमा त्रेहन व डॉ. रघुबीर शर्मा भी मौजूद रहे।
यह हैं प्राइवेट चिकित्सकों की मुख्य मांगें
- डॉक्टरों के साथ होने वाली हिंसा के खिलाफ केंद्रीय अधिनियम बने।
- मारपीट करने वालों के खिलाफ गैर जमानती धाराओं के तहत केस दर्ज हो।
- कम से कम पांच साल की सजा का प्रावधान।
- अस्पताल की संपत्ति एवं अन्य नुकसान पर पांच गुणा जुर्माना लगाए जाने की मांग।
- किसी भी डॉक्टर पर मामला दर्ज करने से पहले सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन किया जाए।