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दुनिया के नंबर वन शूटर अंकुर का फिर सोने पर निशाना
Updated Sat, 04 Nov 2017 12:35 AM IST
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कॉमनवेल्थ में दुनिया के नंबर वन शूटर अंकुर ने साधा सोने पर निशाना
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। दुनिया के नंबर वन शूटर अंकुर मित्तल ने एक बार फिर सोने पर निशाना लगाकर देश को पदक दिलाया है। अंकुर ने ऑस्ट्रेलिया के ब्रिसबेन में खेली गई कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में शुक्रवार को डबल ट्रैप राइफल में यह मेडल जीता। अंकुर का यह पहला मेडल नहीं है, बल्कि इससे पहले अंकुर कई बार देश के लिए मेडल जीतकर इतिहास रच चुका है और उसने सबसे बड़ा इतिहास वर्ल्ड चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर रचा था। अब कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में अंकुर के स्वर्ण पदक जीतने से परिवार वालों में खुशी का माहौल है।
सोनीपत के औद्योगिक क्षेत्र में रहने वाले अंकुर मित्तल ने 2011 में इटली में हुए जूनियर शूटिंग वर्ल्ड कप के डबल ट्रैप राइफल में देश के लिए गोल्ड मेडल जीता था। उसके बाद अंकुर ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह लगातार देश के लिए मेडल जीतकर इतिहास रच रहा है। अंकुर इस साल ही देश के लिए कई मेडल जीत चुका है। उसने मास्को में सितंबर में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था और यह पदक जीतने के साथ ही अंकुर इकलौता ऐसा शूटर बन गया था, जिसने देश के लिए रजत पदक जीता हो। वहीं इससे पहले अंकुर ने फरवरी में दिल्ली में हुए वल्र्ड कप में रजत पदक जीता था तो इस साल ही मैक्सिको में हुए वर्ल्ड कप में गोल्ड मेडल जीता था। इनके बाद अस्ताना में हुई एशियन चैंपियनशिप में अंकुर ने गोल्ड जीता था। इन पदकों के कारण ही अंकुर को इस महीने आईएसएसएफ (इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट्स फेडरेशन) की ताजा रैंकिंग में 2596 अंक के साथ पहला नंबर मिला है। इस समय वह दुनिया का नंबर वन शूटर है और उसने अपने इस नंबर वन के ताज को देखते हुए ऑस्ट्रेलिया में शुक्रवार को देश के लिए फिर से स्वर्ण पदक जीत लिया। उसके पिता अशोक मित्तल ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया में चल रही कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में अंकुर ने सटीक निशाना लगाते हुए 74 अंक जुटाकर स्वर्ण पदक झटक लिया। अंकुर के बाद 72 अंक लेकर इंग्लैंड के फ्रैंच मैथ्यू ने रजत पदक और माल्टा के नाथन ली ने 54 अंकों के साथ कांस्य पदक जीता है। अंकुर की इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है।
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। दुनिया के नंबर वन शूटर अंकुर मित्तल ने एक बार फिर सोने पर निशाना लगाकर देश को पदक दिलाया है। अंकुर ने ऑस्ट्रेलिया के ब्रिसबेन में खेली गई कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में शुक्रवार को डबल ट्रैप राइफल में यह मेडल जीता। अंकुर का यह पहला मेडल नहीं है, बल्कि इससे पहले अंकुर कई बार देश के लिए मेडल जीतकर इतिहास रच चुका है और उसने सबसे बड़ा इतिहास वर्ल्ड चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर रचा था। अब कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में अंकुर के स्वर्ण पदक जीतने से परिवार वालों में खुशी का माहौल है।
सोनीपत के औद्योगिक क्षेत्र में रहने वाले अंकुर मित्तल ने 2011 में इटली में हुए जूनियर शूटिंग वर्ल्ड कप के डबल ट्रैप राइफल में देश के लिए गोल्ड मेडल जीता था। उसके बाद अंकुर ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह लगातार देश के लिए मेडल जीतकर इतिहास रच रहा है। अंकुर इस साल ही देश के लिए कई मेडल जीत चुका है। उसने मास्को में सितंबर में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था और यह पदक जीतने के साथ ही अंकुर इकलौता ऐसा शूटर बन गया था, जिसने देश के लिए रजत पदक जीता हो। वहीं इससे पहले अंकुर ने फरवरी में दिल्ली में हुए वल्र्ड कप में रजत पदक जीता था तो इस साल ही मैक्सिको में हुए वर्ल्ड कप में गोल्ड मेडल जीता था। इनके बाद अस्ताना में हुई एशियन चैंपियनशिप में अंकुर ने गोल्ड जीता था। इन पदकों के कारण ही अंकुर को इस महीने आईएसएसएफ (इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट्स फेडरेशन) की ताजा रैंकिंग में 2596 अंक के साथ पहला नंबर मिला है। इस समय वह दुनिया का नंबर वन शूटर है और उसने अपने इस नंबर वन के ताज को देखते हुए ऑस्ट्रेलिया में शुक्रवार को देश के लिए फिर से स्वर्ण पदक जीत लिया। उसके पिता अशोक मित्तल ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया में चल रही कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में अंकुर ने सटीक निशाना लगाते हुए 74 अंक जुटाकर स्वर्ण पदक झटक लिया। अंकुर के बाद 72 अंक लेकर इंग्लैंड के फ्रैंच मैथ्यू ने रजत पदक और माल्टा के नाथन ली ने 54 अंकों के साथ कांस्य पदक जीता है। अंकुर की इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है।
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