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स्वच्छता में मिला दो लाख का इनाम, जगह-जगह गंदगी का अंबार
Updated Tue, 06 Jun 2017 01:05 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत।
नगर निगम के अधिकारी किस तरह स्वच्छ भारत अभियान को लेकर सजग है, इसका नजारा सोमवार को विश्व पर्यावरण दिवस पर दिखाई दिया। सोमवार को स्वच्छता के लिए निगम के जिस वार्ड-17 को दो लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया, उस वार्ड की जमीनी हकीकत कुछ अलग ही मिली। वार्ड में जगह-जगह कूड़ा पड़ा है। वार्ड निवासी खुद कहते हैं कि उनके यहां कर्मचारी सफाई करने जरूर आते हैं, लेकिन कूड़ा नहीं उठाते, जिससे आसपास गंदगी रहती है। ऐसे में वार्ड को दिए गए स्वच्छता पुरस्कार के मापदंड पर सवाल उठ रहे हैं। अमर उजाला की टीम ने वार्ड-17 की स्वच्छता की जमीनी हकीकत देखी तो नगर निगम अधिकारियों की पोल खुल गई।
स्वच्छ भारत अभियान के तहत नगर निगम के स्वच्छ वार्ड को दो लाख रुपये का पुरस्कार दिए जाने की योजना है। वहीं, आरडब्ल्यूए को स्वच्छता में सहयोग करने पर 50 हजार रुपये का पुरस्कार देने की योजना है। इसकी शुरुआत सोमवार को पर्यावरण दिवस पर स्वच्छता अभियान चलाकर की गई और नगर निगम के वार्ड व आरडब्ल्यूए को पुरस्कार दिया गया। नगर निगम पार्क में इसके लिए ही सोमवार को कार्यक्रम रखा गया था। शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन ने स्वच्छता के लिए वार्ड-17 को दो लाख रुपये का पुरस्कार वहां के पार्षद रहे मनजीत सिंह को दिया।
मनजीत सिंह इस वार्ड से पहले पार्षद थे, क्योंकि नगर निगम बनने के बाद यहां चुनाव नहीं हुए है और बोर्ड भंग चल रहा है। इसी तरह भगवान शिव जनसेवा मंच को रिहायशी कल्याण एसोसिएशन के तौर पर 50 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया। लेकिन, हकीकत में वार्ड-17 में आधा दर्जन से ज्यादा जगहों पर गंदगी पड़ी हुई थी। सबसे पहले पब्लिक हेल्थ कार्यालय के सामने ही गंदगी दिखाई दी। यहां काफी समय से सफाई नहीं हो रही है। उसके अलावा पोस्ट ऑफिस के पीछे, पेट्रोल पंप के सामने एटलस रोड के पास गंदगी फैली थी। मॉडल टाउन में भी कई जगह गंदगी मिली। इसके बाद भी नगर निगम के अधिकारियों को वार्ड साफ दिख रहा है। निगम अधिकारियों ने अपने कार्यालय में बैठकर ही रिपोर्ट तैयार कर दी तो मंत्री कविता जैन ने भी जमीनी हकीकत नहीं जाननी चाही।
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हमारे यहां सफाई जरूर होती है, लेकिन कर्मचारी हमेशा सफाई करके कूड़ा छोड़ देते हैं। यहां से कूड़ा नहीं उठाया जाता है और गंदगी बढ़ने के साथ ही कूड़ा आसपास फैलने लगता है। कूड़ा उठाया जाए तभी सफाई करने का फायदा होगा। -गीता अरोड़ा, स्थानीय निवासी
स्वच्छता अभियान ठीक चलाया जा रहा है, लेकिन उसके बावजूद पूरी तरह से सफाई नहीं होती है। गंदगी सभी जगह रहती है और मुझे नहीं लगता कि किसी भी जगह को पूरी तरह से साफ किया जा सकता है। -एमआर खेड़ा, स्थानीय निवासी
एटलस रोड के पास पीपल का पेड़ है, जहां सबसे ज्यादा गंदगी रहती है। वहां कभी सही से सफाई नहीं की जाती है और सफाई कर्मचारी आते है तो उसके बाद भी गंदगी छोड़ दी जाती है। -गुलशन कुमार, स्थानीय निवासी
स्वच्छता को लेकर पुरस्कार देने की शुरुआत पूरे प्रदेश में सबसे पहले सोनीपत से हुई है। वार्ड-17 और आरडब्ल्यूए को पुरस्कार दिया गया है। यह पूरी तरह से सफाई होने पर दिया जाता है और वार्ड-17 में काफी अच्छी सफाई है। -कविता जैन, शहरी स्थानीय निकाय मंत्री
स्वच्छता में मिला दो लाख का इनाम, जगह-जगह गंदगी का अंबार
शहर के वार्ड 17 को दिया गया स्वच्छता का पुरस्कार, निगम अधिकारियों की रिपोर्ट पर मिला इनाम
वहां पब्लिक हेल्थ कार्यालय के सामने, पोस्ट ऑफिस के पीछे, एटलस रोड के पास फैली गंदगी
लोगों ने कहा कि सफाई करने जरूर आते है कर्मचारी, लेकिन कूड़ा नहीं उठाया जा रहा
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सोनीपत।
नगर निगम के अधिकारी किस तरह स्वच्छ भारत अभियान को लेकर सजग है, इसका नजारा सोमवार को विश्व पर्यावरण दिवस पर दिखाई दिया। सोमवार को स्वच्छता के लिए निगम के जिस वार्ड-17 को दो लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया, उस वार्ड की जमीनी हकीकत कुछ अलग ही मिली। वार्ड में जगह-जगह कूड़ा पड़ा है। वार्ड निवासी खुद कहते हैं कि उनके यहां कर्मचारी सफाई करने जरूर आते हैं, लेकिन कूड़ा नहीं उठाते, जिससे आसपास गंदगी रहती है। ऐसे में वार्ड को दिए गए स्वच्छता पुरस्कार के मापदंड पर सवाल उठ रहे हैं। अमर उजाला की टीम ने वार्ड-17 की स्वच्छता की जमीनी हकीकत देखी तो नगर निगम अधिकारियों की पोल खुल गई।
स्वच्छ भारत अभियान के तहत नगर निगम के स्वच्छ वार्ड को दो लाख रुपये का पुरस्कार दिए जाने की योजना है। वहीं, आरडब्ल्यूए को स्वच्छता में सहयोग करने पर 50 हजार रुपये का पुरस्कार देने की योजना है। इसकी शुरुआत सोमवार को पर्यावरण दिवस पर स्वच्छता अभियान चलाकर की गई और नगर निगम के वार्ड व आरडब्ल्यूए को पुरस्कार दिया गया। नगर निगम पार्क में इसके लिए ही सोमवार को कार्यक्रम रखा गया था। शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन ने स्वच्छता के लिए वार्ड-17 को दो लाख रुपये का पुरस्कार वहां के पार्षद रहे मनजीत सिंह को दिया।
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मनजीत सिंह इस वार्ड से पहले पार्षद थे, क्योंकि नगर निगम बनने के बाद यहां चुनाव नहीं हुए है और बोर्ड भंग चल रहा है। इसी तरह भगवान शिव जनसेवा मंच को रिहायशी कल्याण एसोसिएशन के तौर पर 50 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया। लेकिन, हकीकत में वार्ड-17 में आधा दर्जन से ज्यादा जगहों पर गंदगी पड़ी हुई थी। सबसे पहले पब्लिक हेल्थ कार्यालय के सामने ही गंदगी दिखाई दी। यहां काफी समय से सफाई नहीं हो रही है। उसके अलावा पोस्ट ऑफिस के पीछे, पेट्रोल पंप के सामने एटलस रोड के पास गंदगी फैली थी। मॉडल टाउन में भी कई जगह गंदगी मिली। इसके बाद भी नगर निगम के अधिकारियों को वार्ड साफ दिख रहा है। निगम अधिकारियों ने अपने कार्यालय में बैठकर ही रिपोर्ट तैयार कर दी तो मंत्री कविता जैन ने भी जमीनी हकीकत नहीं जाननी चाही।
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हमारे यहां सफाई जरूर होती है, लेकिन कर्मचारी हमेशा सफाई करके कूड़ा छोड़ देते हैं। यहां से कूड़ा नहीं उठाया जाता है और गंदगी बढ़ने के साथ ही कूड़ा आसपास फैलने लगता है। कूड़ा उठाया जाए तभी सफाई करने का फायदा होगा। -गीता अरोड़ा, स्थानीय निवासी
स्वच्छता अभियान ठीक चलाया जा रहा है, लेकिन उसके बावजूद पूरी तरह से सफाई नहीं होती है। गंदगी सभी जगह रहती है और मुझे नहीं लगता कि किसी भी जगह को पूरी तरह से साफ किया जा सकता है। -एमआर खेड़ा, स्थानीय निवासी
एटलस रोड के पास पीपल का पेड़ है, जहां सबसे ज्यादा गंदगी रहती है। वहां कभी सही से सफाई नहीं की जाती है और सफाई कर्मचारी आते है तो उसके बाद भी गंदगी छोड़ दी जाती है। -गुलशन कुमार, स्थानीय निवासी
स्वच्छता को लेकर पुरस्कार देने की शुरुआत पूरे प्रदेश में सबसे पहले सोनीपत से हुई है। वार्ड-17 और आरडब्ल्यूए को पुरस्कार दिया गया है। यह पूरी तरह से सफाई होने पर दिया जाता है और वार्ड-17 में काफी अच्छी सफाई है। -कविता जैन, शहरी स्थानीय निकाय मंत्री
स्वच्छता में मिला दो लाख का इनाम, जगह-जगह गंदगी का अंबार
शहर के वार्ड 17 को दिया गया स्वच्छता का पुरस्कार, निगम अधिकारियों की रिपोर्ट पर मिला इनाम
वहां पब्लिक हेल्थ कार्यालय के सामने, पोस्ट ऑफिस के पीछे, एटलस रोड के पास फैली गंदगी
लोगों ने कहा कि सफाई करने जरूर आते है कर्मचारी, लेकिन कूड़ा नहीं उठाया जा रहा