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600 निगम कर्मियों की हड़ताल, अफसरों को कार्यालय में नहीं बैठने दिया, सफाई व्यवस्था चरमराई
Updated Thu, 04 Oct 2018 12:36 AM IST
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600 निगम कर्मियों की हड़ताल, अफसरों को कार्यालय में नहीं बैठने दिया, सफाई व्यवस्था चरमराई
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर बुधवार को निगम के 600 से ज्यादा सफाई व फायर कर्मियों ने तीन दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी। इस दौरान उन्होंने नगर निगम के गेट पर धरना दिया। हड़ताल के चलते निगम कार्यालय में काम प्रभावित रहा और अधिकारियों तक को कार्यालय में नहीं बैठने दिया गया। उनके कार्यालयों की चाबी अपने पास रखकर ताले नहीं खोले गए, जिससे उनको बाहर ही रहना पड़ा। निगम में अपने विभिन्न कार्यों के लिए पहुंचे लोगों को परेशान होकर वापस लौटना पड़ा। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है, जिससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
एक दिन पहले जहां शहर में नेता व अधिकारी गांधी जयंती पर हाथों में झाडू़ लेकर सफाई अभियान चला रहे थे, वहीं अगले ही दिन सफाई कर्मचारियों की हड़ताल ने सफाई अभियान पर पूरी तरह पानी फेर दिया। शहर के विभिन्न मार्गों पर गंदगी के ढेर लगे रहे। शहर से प्रतिदिन करीब 80 टन कूड़ा निकलता है, लेकिन हड़ताल के कारण कूड़े का उठान नहीं हो पाया। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। धरने पर स्थानीय प्रधान अजीत सिंह ने कहा कि नगर निगम में प्रतिवर्ष सफाई व्यवस्था के लिए ठेका राशि बढ़ा दी जाती है, लेकिन कर्मचारियों की संख्या प्रति वर्ष कम होती जा रही है। इस तरह सफाई कर्मियों का उत्पीड़न किया जा रहा है और उनको किसी तरह की सुविधा नहीं मिल रही है।
केवल कमिश्नर का कार्यालय खोला, अन्य को नहीं बैठने दिया
नगर निगम अधिकारियों के कार्यालयों की चाबी भी कर्मचारियों के पास रहती है। कर्मचारियों ने किसी भी अधिकारी को कार्यालय को चाबी नहीं दी और उनका कार्यालय खुद भी नहीं खोला। जिससे सभी अधिकारियों के कार्यालय पर दिनभर ताला लटका रहा। वहां केवल कमिश्नर के कार्यालय को खोला गया, जिसके लिए कर्मचारी नेता का कहना था कि अगर उनकी मांगों को लेकर किसी तरह का जवाब आता है तो वह कमिश्नर के यहां से पता लगेगा। इस कारण ही केवल कमिश्नर का कार्यालय खोलने दिया गया।
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मांगे नहीं मानी तो अनिश्चितकाल में बदलेगी हड़ताल
नगरपालिका कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष नरेश शास्त्री ने धरने पर पहुंचकर कहा कि सरकार की वायदाखिलाफी व कर्मचारी विरोधी नीतियों के कारण ही वह हड़ताल पर गए हैं। तीन दिन में भी सरकार ने उनकी मांगों को पूरा करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया तो हड़ताल को अनिश्चितकाल के लिए तब्दील कर दिया जाएगा।
दो माह से नहीं मिला वेतन
फायर ब्रिगेड खरखौदा व गन्नौर में अनुबंध आधार पर लगे कर्मियों ने बताया कि अप्रैल से लेकर आज तक कभी भी समय पर वेतन नहीं मिला। जुलाई व अगस्त माह का तो वेतन ही नहीं मिला है। इस बारे में अनेक बार उच्चाधिकारियों व प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। ठेकेदारी की मनमानी व अधिकारियों के रवैये से कर्मचारियों में रोष है।
गोहाना में भी हड़ताल पर रहे कर्मचारी नगर परिषद के कच्चे कर्मचारी बुधवार को अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गए। कर्मचारियों ने झाडू़ छोड़कर पूरा दिन मांगों को लेकर नप कार्यालय के बाहर धरना दिया और सरकार से लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। कर्मचारियों ने कहा कि उनकी हड़ताल दो दिन और जारी रहेगी। कर्मचारी शांति, बीरमति, संजय, राहुल आदि ने कहा कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा, उस समय तक आंदोलन जारी रहेगा।
कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान सफाई व्यवस्था का पूरा ध्यान रखा जाएगा। निगम क्षेत्र के लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। अन्य कर्मचारियों से सफाई व्यवस्था दुरुस्त करवाई जाएगी। जितेंद्र नरवाल, सफाई निरीक्षक नगर निगम
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर बुधवार को निगम के 600 से ज्यादा सफाई व फायर कर्मियों ने तीन दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी। इस दौरान उन्होंने नगर निगम के गेट पर धरना दिया। हड़ताल के चलते निगम कार्यालय में काम प्रभावित रहा और अधिकारियों तक को कार्यालय में नहीं बैठने दिया गया। उनके कार्यालयों की चाबी अपने पास रखकर ताले नहीं खोले गए, जिससे उनको बाहर ही रहना पड़ा। निगम में अपने विभिन्न कार्यों के लिए पहुंचे लोगों को परेशान होकर वापस लौटना पड़ा। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है, जिससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
एक दिन पहले जहां शहर में नेता व अधिकारी गांधी जयंती पर हाथों में झाडू़ लेकर सफाई अभियान चला रहे थे, वहीं अगले ही दिन सफाई कर्मचारियों की हड़ताल ने सफाई अभियान पर पूरी तरह पानी फेर दिया। शहर के विभिन्न मार्गों पर गंदगी के ढेर लगे रहे। शहर से प्रतिदिन करीब 80 टन कूड़ा निकलता है, लेकिन हड़ताल के कारण कूड़े का उठान नहीं हो पाया। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। धरने पर स्थानीय प्रधान अजीत सिंह ने कहा कि नगर निगम में प्रतिवर्ष सफाई व्यवस्था के लिए ठेका राशि बढ़ा दी जाती है, लेकिन कर्मचारियों की संख्या प्रति वर्ष कम होती जा रही है। इस तरह सफाई कर्मियों का उत्पीड़न किया जा रहा है और उनको किसी तरह की सुविधा नहीं मिल रही है।
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केवल कमिश्नर का कार्यालय खोला, अन्य को नहीं बैठने दिया
नगर निगम अधिकारियों के कार्यालयों की चाबी भी कर्मचारियों के पास रहती है। कर्मचारियों ने किसी भी अधिकारी को कार्यालय को चाबी नहीं दी और उनका कार्यालय खुद भी नहीं खोला। जिससे सभी अधिकारियों के कार्यालय पर दिनभर ताला लटका रहा। वहां केवल कमिश्नर के कार्यालय को खोला गया, जिसके लिए कर्मचारी नेता का कहना था कि अगर उनकी मांगों को लेकर किसी तरह का जवाब आता है तो वह कमिश्नर के यहां से पता लगेगा। इस कारण ही केवल कमिश्नर का कार्यालय खोलने दिया गया।
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मांगे नहीं मानी तो अनिश्चितकाल में बदलेगी हड़ताल
नगरपालिका कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष नरेश शास्त्री ने धरने पर पहुंचकर कहा कि सरकार की वायदाखिलाफी व कर्मचारी विरोधी नीतियों के कारण ही वह हड़ताल पर गए हैं। तीन दिन में भी सरकार ने उनकी मांगों को पूरा करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया तो हड़ताल को अनिश्चितकाल के लिए तब्दील कर दिया जाएगा।
दो माह से नहीं मिला वेतन
फायर ब्रिगेड खरखौदा व गन्नौर में अनुबंध आधार पर लगे कर्मियों ने बताया कि अप्रैल से लेकर आज तक कभी भी समय पर वेतन नहीं मिला। जुलाई व अगस्त माह का तो वेतन ही नहीं मिला है। इस बारे में अनेक बार उच्चाधिकारियों व प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। ठेकेदारी की मनमानी व अधिकारियों के रवैये से कर्मचारियों में रोष है।
गोहाना में भी हड़ताल पर रहे कर्मचारी नगर परिषद के कच्चे कर्मचारी बुधवार को अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गए। कर्मचारियों ने झाडू़ छोड़कर पूरा दिन मांगों को लेकर नप कार्यालय के बाहर धरना दिया और सरकार से लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। कर्मचारियों ने कहा कि उनकी हड़ताल दो दिन और जारी रहेगी। कर्मचारी शांति, बीरमति, संजय, राहुल आदि ने कहा कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा, उस समय तक आंदोलन जारी रहेगा।
कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान सफाई व्यवस्था का पूरा ध्यान रखा जाएगा। निगम क्षेत्र के लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। अन्य कर्मचारियों से सफाई व्यवस्था दुरुस्त करवाई जाएगी। जितेंद्र नरवाल, सफाई निरीक्षक नगर निगम