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हत्या का बदला लेने के लिए जेल के सामने गोली मारकर की थी युवक की हत्या, तीन को उम्रकैद
Updated Fri, 17 Aug 2018 01:20 AM IST
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जेल के सामने गोली मारकर युवक की हत्या करने वाले तीन को उम्रकैद
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा. डीएन भारद्वाज की अदालत ने हत्या के मामले में तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। मामले में हथियार उपलब्ध कराने के दो दोषियों को अंडरगोन (कस्टडी के दौरान सजा पूरी कर लेना) करार दिया। जबकि दो आरोपियों को बरी कर दिया है। तीन दोषियों को 11-11 हजार रुपये व अंडरगोन करार दिए गए दो दोषियों पर एक-एक हजार रुपये जुर्माना किया गया है।
मूलरूप से गांव बरोणा व घटना के समय प्रताप कॉलोनी खरखौदा निवासी सूरजभान ने 2 जून, 2014 को सिटी थाना में शिकायत दी थी कि उसका बेटा राहुल हत्या के मामले में सोनीपत जेल में बंद है। वह तथा उसके रिश्तेदार राहुल से मिलने आए हुए थे। उनके साथ उनका जानकार खरखौदा के शास्त्री नगर का रहने वाला राजीव भी था। जेल से बाहर आते हुए राजीव उनसे आगे चल रहा था। इसी दौरान बाइक सवार तीन हमलावरों ने जिला कारागार के मुख्य गेट के सामने राजीव पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। राजीव को छह गोली लगी थी। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया था। वारदात के बाद सिक्योरिटी शाखा में तैनात रहे एएसआई कुलदीप ने हमलावरों का पीछा करना शुरू कर दिया था। बाद में हनुमान मंदिर के सामने खड़ी पीसीआर पर तैनात पुलिस कर्मी अजीत व उसके साथी ने दो आरोपियों को काबू कर लिया था। दोनों आरोपियों की पहचान गांव भैंसवाल कलां निवासी पवन उर्फ पुन्ना व सुमित उर्फ लीलू के रूप में हुई थी। पुलिस ने उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया था। आरोपियों ने बताया था कि उनका तीसरा साथी भैंसवाल का ही नवीन उर्फ बहड़का था। पुलिस ने बाद में मामले में नवीन उर्फ बहडक़ा, पंकज, प्रवीन, विकास व पंकज की मां इसरो को गिरफ्तार किया था।
गिरफ्तार आरोपियों ने बताया था कि उनकी राजीव के परिवार से रंजिश 12 जनवरी 2014 को शुरू हुई थी। नवीन ने बताया था कि 12 जनवरी को वह अपने साथी खानपुर निवासी गुरदीप व अपने गांव के प्रवीण के साथ किसी काम से खरखौदा आया था। खरखौदा में गली में कार को साइड देने पर गुरदीप का खरखौदा के राहुल से झगड़ा हो गया था। इसी दौरान राहुल ने गुरदीप को अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था। पुलिस ने घटना के बाद राहुल को गिरफ्तार कर लिया था। गुरदीप की मौसी का लड़का पंकज उर्फ पिंकू निवासी भैंसवाल राहुल से गुरदीप की हत्या का बदला लेना चाहता था। जिसके चलते ही उन्होंने साजिश रची थी कि जो भी जेल में राहुल से मिलने आएगा वह उसकी हत्या कर देंगे।
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वीरवार को मामले की सुनवाई करते हुए एएसजे डा. डीएन भारद्वाज की अदालत ने सुमित, नवीन व पवन को हत्या का दोषी करार दिया है। तीनों को उम्रकैद व 11-11 हजार रुपये जुर्माना किया गया है। जुर्माना न देने पर छह माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी। वहीं पंकज व प्रवीन को अंडरगोन करार दिया है। हथियार उपलब्ध कराने के चलते वह अपनी सजा को कस्टडी में पहले ही भुगत चुके हैं। उन पर एक-एक हजार रुपये जुर्माना किया गया है। वहीं, विकास व इसरो को अदालत ने बरी कर दिया।
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा. डीएन भारद्वाज की अदालत ने हत्या के मामले में तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। मामले में हथियार उपलब्ध कराने के दो दोषियों को अंडरगोन (कस्टडी के दौरान सजा पूरी कर लेना) करार दिया। जबकि दो आरोपियों को बरी कर दिया है। तीन दोषियों को 11-11 हजार रुपये व अंडरगोन करार दिए गए दो दोषियों पर एक-एक हजार रुपये जुर्माना किया गया है।
मूलरूप से गांव बरोणा व घटना के समय प्रताप कॉलोनी खरखौदा निवासी सूरजभान ने 2 जून, 2014 को सिटी थाना में शिकायत दी थी कि उसका बेटा राहुल हत्या के मामले में सोनीपत जेल में बंद है। वह तथा उसके रिश्तेदार राहुल से मिलने आए हुए थे। उनके साथ उनका जानकार खरखौदा के शास्त्री नगर का रहने वाला राजीव भी था। जेल से बाहर आते हुए राजीव उनसे आगे चल रहा था। इसी दौरान बाइक सवार तीन हमलावरों ने जिला कारागार के मुख्य गेट के सामने राजीव पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। राजीव को छह गोली लगी थी। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया था। वारदात के बाद सिक्योरिटी शाखा में तैनात रहे एएसआई कुलदीप ने हमलावरों का पीछा करना शुरू कर दिया था। बाद में हनुमान मंदिर के सामने खड़ी पीसीआर पर तैनात पुलिस कर्मी अजीत व उसके साथी ने दो आरोपियों को काबू कर लिया था। दोनों आरोपियों की पहचान गांव भैंसवाल कलां निवासी पवन उर्फ पुन्ना व सुमित उर्फ लीलू के रूप में हुई थी। पुलिस ने उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया था। आरोपियों ने बताया था कि उनका तीसरा साथी भैंसवाल का ही नवीन उर्फ बहड़का था। पुलिस ने बाद में मामले में नवीन उर्फ बहडक़ा, पंकज, प्रवीन, विकास व पंकज की मां इसरो को गिरफ्तार किया था।
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गिरफ्तार आरोपियों ने बताया था कि उनकी राजीव के परिवार से रंजिश 12 जनवरी 2014 को शुरू हुई थी। नवीन ने बताया था कि 12 जनवरी को वह अपने साथी खानपुर निवासी गुरदीप व अपने गांव के प्रवीण के साथ किसी काम से खरखौदा आया था। खरखौदा में गली में कार को साइड देने पर गुरदीप का खरखौदा के राहुल से झगड़ा हो गया था। इसी दौरान राहुल ने गुरदीप को अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था। पुलिस ने घटना के बाद राहुल को गिरफ्तार कर लिया था। गुरदीप की मौसी का लड़का पंकज उर्फ पिंकू निवासी भैंसवाल राहुल से गुरदीप की हत्या का बदला लेना चाहता था। जिसके चलते ही उन्होंने साजिश रची थी कि जो भी जेल में राहुल से मिलने आएगा वह उसकी हत्या कर देंगे।
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वीरवार को मामले की सुनवाई करते हुए एएसजे डा. डीएन भारद्वाज की अदालत ने सुमित, नवीन व पवन को हत्या का दोषी करार दिया है। तीनों को उम्रकैद व 11-11 हजार रुपये जुर्माना किया गया है। जुर्माना न देने पर छह माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी। वहीं पंकज व प्रवीन को अंडरगोन करार दिया है। हथियार उपलब्ध कराने के चलते वह अपनी सजा को कस्टडी में पहले ही भुगत चुके हैं। उन पर एक-एक हजार रुपये जुर्माना किया गया है। वहीं, विकास व इसरो को अदालत ने बरी कर दिया।