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134ए : दूसरे ड्रॉ की प्रक्रिया पूरी, 273 में से सिर्फ 17 को मिला दाखिला
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नियम 134ए के तहत दूसरे ड्रॉ की दाखिला प्रक्रिया का शुक्रवार को अंतिम दिन रहा। यहां भी विद्यार्थियों को निराशा ही झेलनी पड़ी। दूसरे ड्रॉ में शामिल 273 विद्यार्थियों में से महज 17 को ही दाखिला मिल पाया, जबकि 10 विद्यार्थियों के दाखिले निरस्त कर दिए गए।
पहले ड्रॉ की तर्ज पर दूसरे ड्रॉ में शामिल विद्यार्थियों को भी निजी स्कूलों ने दाखिला देने से इनकार कर दिया। शिक्षा विभाग के पात्र विद्यार्थियों को निजी स्कूलों में दाखिला दिलवाने के सभी दावे इस बार भी खोखले ही साबित हुए। दाखिले से वंचित रहे विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों में सरकार व शिक्षा विभाग के खिलाफ रोष व्याप्त है।
नियम 134ए के तहत 5 दिसंबर को हुई मूल्यांकन परीक्षा का परिणाम 16 दिसंबर को घोषित किया गया था। परीक्षा में उत्तीर्ण हुए 3098 विद्यार्थियों में से 2544 को पहले ड्रॉ में शामिल करते हुए स्कूल अलॉट कर दिए गए थे। शेष 554 विद्यार्थियों का नाम दूसरे ड्रॉ के लिए रख लिया गया था। विद्यार्थी अलॉट स्कूलों में दाखिला लेने पहुंचे तो निजी स्कूलों ने इनकार कर दिया था। तीन बार अंतिम तिथि बढ़ाने के बावजूद निजी स्कूल विद्यार्थियों को दाखिला देने पर राजी नहीं हुए। 15 जनवरी को निर्धारित अंतिम तिथि तक 2544 विद्यार्थियों में से महज 1099 विद्यार्थियों को ही दाखिला मिल पाया, जबकि 536 विद्यार्थियों का दाखिला निरस्त कर दिया गया। 897 विद्यार्थी आज भी दाखिले के लिए भटक रहे हैं। नियम की अवहेलना करने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का दावा करने वाले शिक्षा विभाग ने पहले चरण की दाखिला प्रक्रिया को अधर में छोड़कर दूसरा ड्रॉ जारी कर दिया था। इसमें 273 विद्यार्थियों को स्कूल अलॉट करना था। इन विद्यार्थियों को 18 फरवरी तक अपने प्रमाणपत्र जमा करवाते हुए दाखिला सुनिश्चित करना था। अंतिम तिथि तक जिले में सिर्फ 17 विद्यार्थियों का ही दाखिला सुनिश्चित हो पाया है, जिससे अभिभावकों में रोष व्याप्त है।
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बर्बादी के कगार पर 1143 बच्चों का साल
अभिभावकों का कहना है कि शैक्षणिक सत्र के बीच में शुरू की गई इस प्रक्रिया के चलते 1143 बच्चों का साल बर्बादी के कगार पर पहुंच चुका है। स्कूलों में वार्षिक परीक्षाओं की तैयारियां चल रही हैं और यहां ये बच्चे आज भी दाखिलेे के लिए भटक रहे हैं। अभिभावकों में सरकार व शिक्षा विभाग की नीति को लेकर रोष है। गुस्साए अभिभावकों ने सभी बच्चों के दाखिले करवाने की मांग की है।
वर्जन
नियम 134ए के तहत दूसरे ड्रॉ की दाखिला प्रक्रिया का शुक्रवार को अंतिम दिन रहा। इस बार भी निजी स्कूलों ने विद्यार्थियों को दाखिला देने से इनकार कर दिया। अंतिम तिथि तक 273 में से सिर्फ 17 विद्यार्थियों का ही दाखिला सुनिश्चित हो पाया है। दाखिले से संबंधित जैसे निर्देश मिलेंगे, उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
- मनोज वर्मा, प्रभारी, नियम 134ए, सोनीपत
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पहले ड्रॉ की तर्ज पर दूसरे ड्रॉ में शामिल विद्यार्थियों को भी निजी स्कूलों ने दाखिला देने से इनकार कर दिया। शिक्षा विभाग के पात्र विद्यार्थियों को निजी स्कूलों में दाखिला दिलवाने के सभी दावे इस बार भी खोखले ही साबित हुए। दाखिले से वंचित रहे विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों में सरकार व शिक्षा विभाग के खिलाफ रोष व्याप्त है।
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नियम 134ए के तहत 5 दिसंबर को हुई मूल्यांकन परीक्षा का परिणाम 16 दिसंबर को घोषित किया गया था। परीक्षा में उत्तीर्ण हुए 3098 विद्यार्थियों में से 2544 को पहले ड्रॉ में शामिल करते हुए स्कूल अलॉट कर दिए गए थे। शेष 554 विद्यार्थियों का नाम दूसरे ड्रॉ के लिए रख लिया गया था। विद्यार्थी अलॉट स्कूलों में दाखिला लेने पहुंचे तो निजी स्कूलों ने इनकार कर दिया था। तीन बार अंतिम तिथि बढ़ाने के बावजूद निजी स्कूल विद्यार्थियों को दाखिला देने पर राजी नहीं हुए। 15 जनवरी को निर्धारित अंतिम तिथि तक 2544 विद्यार्थियों में से महज 1099 विद्यार्थियों को ही दाखिला मिल पाया, जबकि 536 विद्यार्थियों का दाखिला निरस्त कर दिया गया। 897 विद्यार्थी आज भी दाखिले के लिए भटक रहे हैं। नियम की अवहेलना करने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का दावा करने वाले शिक्षा विभाग ने पहले चरण की दाखिला प्रक्रिया को अधर में छोड़कर दूसरा ड्रॉ जारी कर दिया था। इसमें 273 विद्यार्थियों को स्कूल अलॉट करना था। इन विद्यार्थियों को 18 फरवरी तक अपने प्रमाणपत्र जमा करवाते हुए दाखिला सुनिश्चित करना था। अंतिम तिथि तक जिले में सिर्फ 17 विद्यार्थियों का ही दाखिला सुनिश्चित हो पाया है, जिससे अभिभावकों में रोष व्याप्त है।
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बर्बादी के कगार पर 1143 बच्चों का साल
अभिभावकों का कहना है कि शैक्षणिक सत्र के बीच में शुरू की गई इस प्रक्रिया के चलते 1143 बच्चों का साल बर्बादी के कगार पर पहुंच चुका है। स्कूलों में वार्षिक परीक्षाओं की तैयारियां चल रही हैं और यहां ये बच्चे आज भी दाखिलेे के लिए भटक रहे हैं। अभिभावकों में सरकार व शिक्षा विभाग की नीति को लेकर रोष है। गुस्साए अभिभावकों ने सभी बच्चों के दाखिले करवाने की मांग की है।
वर्जन
नियम 134ए के तहत दूसरे ड्रॉ की दाखिला प्रक्रिया का शुक्रवार को अंतिम दिन रहा। इस बार भी निजी स्कूलों ने विद्यार्थियों को दाखिला देने से इनकार कर दिया। अंतिम तिथि तक 273 में से सिर्फ 17 विद्यार्थियों का ही दाखिला सुनिश्चित हो पाया है। दाखिले से संबंधित जैसे निर्देश मिलेंगे, उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
- मनोज वर्मा, प्रभारी, नियम 134ए, सोनीपत