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कुंडली से मानेसर तक फर्राटा भरने की राह अभी नहीं आसान
Updated Wed, 14 Feb 2018 01:33 AM IST
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कुंडली से मानेसर तक फर्राटा भरने की राह अभी नहीं आसान
-कुंडली से पलवल तक 135.6 किमी लंबे एक्सप्रेस वे पर बनाए जाने है 50 फ्लाईओवर व 75 छोटे पुल
-रेलवे लाइन पर चार ओवरब्रिज भी बनाए जा रहे, 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका, 30 प्रतिशत अभी बाकी
-खरखौदा में पीपली के पास का फ्लाईओवर भी अधूरा, मार्च में काम पूरा कराना सरकार के लिए चुनौती
-2003 में तत्कालीन सीएम ओपी चौटाला ने लगाया था केएमपी का पत्थर, 2500 करोड़ से ज्यादा लागत
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। सीएम मनोहर लाल खट्टर भले ही केएमपी (कुंडली-मानेसर-पलवल) को मार्च तक शुरू कराने का दावा कर रहे हो, लेकिन कुंडली से मानेसर तक सीधे वाहनों के फर्राटा भरने की राह अभी आसान नहीं दिख रही है। क्योंकि 135.6 किमी लंबे एक्सप्रेव वे का अभी काफी काम बाकी है, क्योंकि इसपर 100 से ज्यादा फ्लाईओवर व छोटे पुल बनने हैं। इस एक्सप्रेस वे का अभी लगभग 30 प्रतिशत काम अधूरा पड़ा हुआ है तो सोनीपत के अंदर भी काम पूरा नहीं हो सका है।
यह है केएमपी प्रोजेक्ट
केएमपी का पत्थर 2003 में हरियाणा के तत्कालीन सीएम ओपी चौटाला ने लगाया था, लेकिन 2006 में काम शुरू हो सका। उस समय काम पूरा करने का समय चार साल तय किया गया था। इसका काम बीच में रोक दिया गया था और यह प्रोजेक्ट अधूरा रह गया था। इसका दोबारा से 2015 में पीएम नरेंद्र मोदी ने केजीपी के साथ शिलान्यास किया था और इसका काम शुरू हो सका था। यह 135.6 किमी लंबा एक्सप्रेस वे बनना है, जिसमें 50 बड़े फ्लाईओवर और 75 छोटे पुल बनाए जाने है। इनके अलावा चार रेलवे ओवरब्रिज बनाए जाने है। यह एक्सप्रेस वे सोनीपत में कुंडली से शुरू होकर दिल्ली के चक्कर लगाते हुए खारखौदा, बहादुरगढ़, पटौदी, मानेसर, सोहना से होते हुए पलवल में खत्म होगा। इस प्रोजेक्ट पर ढ़ाई हजार करोड़ से ज्यादा रुपया खर्च होना है।
30 प्रतिशत काम अभी बाकी
सीएम मनोहर लाल खट्टर ने सोमवार को केएमपी का निरीक्षण करके इसे 31 मार्च तक शुरू करने के लिए जरूर कह दिया है। लेकिन जिस तरह से अभी काम बाकी है, उसे देखकर लगता है कि यह शायद ही 31 मार्च तक शुरू हो सकेगा। क्योंकि सोनीपत जिले में अभी पीपली गांव के पास फ्लाईओवर का काम चल रहा है और वह भी एक महीने में पूरा होता नहीं दिख रहा है। इसके अलावा कई जगह से एक्सप्रेस वे की सड़क बननी है जो अभी मिट्टी डली होने से कच्ची है। सोनीपत के अलावा भी कई जिलों में एक्सप्रेस वे का काम अधूरा है।
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दिल्ली-एनसीआर को होगा बड़ा फायदा
प्रदूषण और ट्रैफिक जाम से रोजाना जूझती दिल्ली के लिए यह केएमपी बड़ा फायदेमंद होगा। क्योंकि दिल्ली से गुजरकर दूसरे राज्यों में जाने वाले ट्रक व बसों को अंदर नहीं घुसना पड़ेगा, बल्कि वह केएमपी से होकर निकल सकेंगे। इससे महाराष्ट्र, हरियाणा, राजस्थान, बंगाल, यूपी, पंजाब, जम्मू के ट्रैफिक पर असर होगा।
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-कुंडली से पलवल तक 135.6 किमी लंबे एक्सप्रेस वे पर बनाए जाने है 50 फ्लाईओवर व 75 छोटे पुल
-रेलवे लाइन पर चार ओवरब्रिज भी बनाए जा रहे, 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका, 30 प्रतिशत अभी बाकी
-खरखौदा में पीपली के पास का फ्लाईओवर भी अधूरा, मार्च में काम पूरा कराना सरकार के लिए चुनौती
-2003 में तत्कालीन सीएम ओपी चौटाला ने लगाया था केएमपी का पत्थर, 2500 करोड़ से ज्यादा लागत
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। सीएम मनोहर लाल खट्टर भले ही केएमपी (कुंडली-मानेसर-पलवल) को मार्च तक शुरू कराने का दावा कर रहे हो, लेकिन कुंडली से मानेसर तक सीधे वाहनों के फर्राटा भरने की राह अभी आसान नहीं दिख रही है। क्योंकि 135.6 किमी लंबे एक्सप्रेव वे का अभी काफी काम बाकी है, क्योंकि इसपर 100 से ज्यादा फ्लाईओवर व छोटे पुल बनने हैं। इस एक्सप्रेस वे का अभी लगभग 30 प्रतिशत काम अधूरा पड़ा हुआ है तो सोनीपत के अंदर भी काम पूरा नहीं हो सका है।
यह है केएमपी प्रोजेक्ट
केएमपी का पत्थर 2003 में हरियाणा के तत्कालीन सीएम ओपी चौटाला ने लगाया था, लेकिन 2006 में काम शुरू हो सका। उस समय काम पूरा करने का समय चार साल तय किया गया था। इसका काम बीच में रोक दिया गया था और यह प्रोजेक्ट अधूरा रह गया था। इसका दोबारा से 2015 में पीएम नरेंद्र मोदी ने केजीपी के साथ शिलान्यास किया था और इसका काम शुरू हो सका था। यह 135.6 किमी लंबा एक्सप्रेस वे बनना है, जिसमें 50 बड़े फ्लाईओवर और 75 छोटे पुल बनाए जाने है। इनके अलावा चार रेलवे ओवरब्रिज बनाए जाने है। यह एक्सप्रेस वे सोनीपत में कुंडली से शुरू होकर दिल्ली के चक्कर लगाते हुए खारखौदा, बहादुरगढ़, पटौदी, मानेसर, सोहना से होते हुए पलवल में खत्म होगा। इस प्रोजेक्ट पर ढ़ाई हजार करोड़ से ज्यादा रुपया खर्च होना है।
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30 प्रतिशत काम अभी बाकी
सीएम मनोहर लाल खट्टर ने सोमवार को केएमपी का निरीक्षण करके इसे 31 मार्च तक शुरू करने के लिए जरूर कह दिया है। लेकिन जिस तरह से अभी काम बाकी है, उसे देखकर लगता है कि यह शायद ही 31 मार्च तक शुरू हो सकेगा। क्योंकि सोनीपत जिले में अभी पीपली गांव के पास फ्लाईओवर का काम चल रहा है और वह भी एक महीने में पूरा होता नहीं दिख रहा है। इसके अलावा कई जगह से एक्सप्रेस वे की सड़क बननी है जो अभी मिट्टी डली होने से कच्ची है। सोनीपत के अलावा भी कई जिलों में एक्सप्रेस वे का काम अधूरा है।
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दिल्ली-एनसीआर को होगा बड़ा फायदा
प्रदूषण और ट्रैफिक जाम से रोजाना जूझती दिल्ली के लिए यह केएमपी बड़ा फायदेमंद होगा। क्योंकि दिल्ली से गुजरकर दूसरे राज्यों में जाने वाले ट्रक व बसों को अंदर नहीं घुसना पड़ेगा, बल्कि वह केएमपी से होकर निकल सकेंगे। इससे महाराष्ट्र, हरियाणा, राजस्थान, बंगाल, यूपी, पंजाब, जम्मू के ट्रैफिक पर असर होगा।