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बड़ौता पंचायत ने विश्राम गृह के लिए जमीन देने से किया इंकार, सीएम ने की थी घोषणा
Updated Sat, 20 Oct 2018 12:37 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
गोहाना। गांव बड़ौता के बाहर सरकारी विश्राम गृह बनाने के सपने उस समय टूट गए, जब बड़ौता पंचायत ने विश्राम गृह के लिए जमीन देने से इंकार कर दिया। शहर के सोनीपत मार्ग पर नई सब्जी मंडी के सामने स्थित सरकारी विश्राम गृह का मंत्री व नेता लाभ नहीं उठा पा रहे थे। लाभ लेने के लिए मंत्री व नेताओं को शहर में चार किलोमीटर अंदर आना पड़ता था। सीएम मनोहर लाल ने 12 अगस्त को गांव बड़ौता के बाहर सरकारी विश्राम गृह बनाने की घोषणा की थी। बड़ौता पंचायत के इंकार करने के बाद अब पीडब्ल्यूडी के अधिकारी दूसरे गांवों की पंचायतों से संपर्क में जुट गए हैं।
रोहतक व पानीपत बाईपास गांव बड़ौता के समीप से होकर गुजरता है। जहां विश्रामगृह बनने से बाहर से आने वाले अधिकारियों, नेता, मंत्री तक को सुविधा मिलती। गांव बड़ौता के बाहर विश्राम गृह बनने से शहर में चार किलोमीटर अंदर जाने की परेशानी दूर हो जाती। सीएम की घोषणा के बाद पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने पंचायत से जमीन लेने की कार्रवाई शुरू की, लेकिन बड़ौता पंचायत ने जमीन देने से साफ इंकार कर दिया। अब पीडब्ल्यूडी के अधिकारी ऐसी पंचायतों से संपर्क कर रहे है, जो जमीन देने के लिए तैयार हो। जमीन मिलने के बाद विश्राम गृह बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
पंचायत के इंकार के बाद अन्य पंचायतों से संपर्क साधा है
पीडब्लूडी विभाग के एसडीओ सुमित कुमार ने बताया कि बड़ौता गांव की पंचायत ने जमीन देने से मना कर दिया है। अब जमीन लेने के लिए दूसरी पंचायतों से संपर्क किया जा रहा है। जमीन मिलने के बाद आगामी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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वर्जन
पंचायत पहले ही सरकारी विभागों को लगभग 18 एकड़ जमीन दे चुकी है। जिससे पंचायत की आमदन कम हो गई है। गांव में जो पंचायती भूमि खाली है वह गोचरान की है। विश्राम गृह बनने से पंचायत को कोई फायदा नहीं होगा। इसलिए विश्राम गृह बनाने के लिए वह पंचायत की जमीन नहीं देंगे। रामानंद, सरपंच, बड़ौता
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गोहाना। गांव बड़ौता के बाहर सरकारी विश्राम गृह बनाने के सपने उस समय टूट गए, जब बड़ौता पंचायत ने विश्राम गृह के लिए जमीन देने से इंकार कर दिया। शहर के सोनीपत मार्ग पर नई सब्जी मंडी के सामने स्थित सरकारी विश्राम गृह का मंत्री व नेता लाभ नहीं उठा पा रहे थे। लाभ लेने के लिए मंत्री व नेताओं को शहर में चार किलोमीटर अंदर आना पड़ता था। सीएम मनोहर लाल ने 12 अगस्त को गांव बड़ौता के बाहर सरकारी विश्राम गृह बनाने की घोषणा की थी। बड़ौता पंचायत के इंकार करने के बाद अब पीडब्ल्यूडी के अधिकारी दूसरे गांवों की पंचायतों से संपर्क में जुट गए हैं।
रोहतक व पानीपत बाईपास गांव बड़ौता के समीप से होकर गुजरता है। जहां विश्रामगृह बनने से बाहर से आने वाले अधिकारियों, नेता, मंत्री तक को सुविधा मिलती। गांव बड़ौता के बाहर विश्राम गृह बनने से शहर में चार किलोमीटर अंदर जाने की परेशानी दूर हो जाती। सीएम की घोषणा के बाद पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने पंचायत से जमीन लेने की कार्रवाई शुरू की, लेकिन बड़ौता पंचायत ने जमीन देने से साफ इंकार कर दिया। अब पीडब्ल्यूडी के अधिकारी ऐसी पंचायतों से संपर्क कर रहे है, जो जमीन देने के लिए तैयार हो। जमीन मिलने के बाद विश्राम गृह बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
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पंचायत के इंकार के बाद अन्य पंचायतों से संपर्क साधा है
पीडब्लूडी विभाग के एसडीओ सुमित कुमार ने बताया कि बड़ौता गांव की पंचायत ने जमीन देने से मना कर दिया है। अब जमीन लेने के लिए दूसरी पंचायतों से संपर्क किया जा रहा है। जमीन मिलने के बाद आगामी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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पंचायत पहले ही सरकारी विभागों को लगभग 18 एकड़ जमीन दे चुकी है। जिससे पंचायत की आमदन कम हो गई है। गांव में जो पंचायती भूमि खाली है वह गोचरान की है। विश्राम गृह बनने से पंचायत को कोई फायदा नहीं होगा। इसलिए विश्राम गृह बनाने के लिए वह पंचायत की जमीन नहीं देंगे। रामानंद, सरपंच, बड़ौता