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एसडीएम के बीमार होने से गन्नौर नपा में चेयरमैन की कुर्सी का फैसला टला, ईश्वर ने इस्तीफा भी वापस लिया
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एसडीएम बीमार, नपा चेयरमैन की कुर्सी का फैसला टला
अमर उजाला ब्यूरो
गन्नौर। नगर पालिका में चेयरमैन की कुर्सी को लेकर शुक्रवार को होने वाला फैसला टल गया है। क्योंकि निर्वाचन अधिकारी बनाए गए गन्नौर एसडीएम अचानक बीमार हो गए और वह मीटिंग में नहीं पहुंच सके। जबकि गन्नौर चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए शपथ पत्र देने वाले सभी पार्षदों समेत चेयरमैन व अन्य पार्षद भी मीटिंग में पहुंच चुके थे। उनके पहुंचने के बाद ही बताया गया कि एसडीएम के बीमार होने के कारण मीटिंग स्थगित की जा रही है। वहीं इस पूरे मामले में उस समय भी नाटकीय मोड़ आ गया, जब इस पूरे घटनाक्रम के बाद चेयरमैन ईश्वर सिंह ने पांच दिन पहले दिया हुआ अपना इस्तीफा वापस ले लिया। चेयरमैन ने साफ कहा कि अब वह अपनी कुर्सी बचाने के लिए लड़ाई करेंगे।
नगर पालिका गन्नौर में 17 निर्वाचित पार्षद है, जबकि सरकार से मनोनीत दो पार्षद है। गन्नौर नगर पालिका के चेयरमैन की कुर्सी पर सबसे पहले कांग्रेस समर्थित सतप्रकाश शर्मा का कब्जा था। लेकिन नवंबर 2017 में नप के 12 पार्षदों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अविश्वास प्रस्ताव के लिए डीसी के दरबार में हाजिरी लगाई थी और सतप्रकाश शर्मा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास करके उनको चेयरमैन के पद से हटा दिया गया था। उस समय भाजपा समर्थित ईश्वर कश्यप को चेयरमैन चुना गया था। गन्नौर नप चेयरमैन की कुर्सी को लेकर सवा साल बाद फिर से 22 फरवरी को उठापटक शुरू हो गई थी और भाजपा के ईश्वर कश्यप को चेयरमैन के पद से हटाने के लिए 12 पार्षद दोबारा से डीसी के दरबार में पहुंचे थे। इन 12 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव के लिए डीसी को शपथ पत्र सौंपने के साथ ही नप में जल्द ही मीटिंग कराने की मांग रखी थी। जिसपर नपा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित करने के लिए 22 मार्च तारीख तय कर दी गई थी। इस बैठक के लिए एसडीएम सुरेंद्र पाल को अध्यक्ष व चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया था। इस तरह पहले से निर्धारित तारीख के अनुसार शुक्रवार को चेयरमैन का विरोध करने वाले सभी 12 पार्षदों समेत 14 पार्षद नगर पालिका कार्यालय में पहुंच गए। जिनके कुछ देर बाद ही चेयरमैन ईश्वर कश्यप भी अपने दो समर्थक पार्षदों संग वहां पहुंचे। लेकिन वहां बताया गया कि एसडीएम सुरेंद्रपाल अचानक बीमार हो गए और वह बैठक में नहीं आएंगे। इस कारण ही अविश्वास प्रस्ताव को लेकर रखी गई यह मीटिंग कैंसिल करनी पड़ी। इस तरह अचानक मीटिंग कैंसिल होने पर चेयरमैन के विरोध में उतरे पार्षदों ने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थित चेयरमैन को बचाने के लिए प्रशासनिक अधिकारी भी सरकार के इशारे पर काम कर रहे है। अब पार्षद अविश्वास प्रस्ताव के लिए अगली मीटिंग की तारीख तय होने का इंतजार कर रहे है।
बॉक्सयह 12 पार्षद उतरे हुए है चेयरमैन के खिलाफ
नगरपालिका उपाध्यक्ष सुनील लंबू, पूर्व चेयरमैन व वार्ड 8 के पार्षद सतप्रकाश शर्मा, वार्ड 1 की पार्षद किरन बाला, वार्ड 2 की पार्षद मीनू कुमारी, वार्ड 5 के पार्षद नवाब सिंह, वार्ड 6 के पार्षद रामेश्वर दास, वार्ड 7 की पार्षद अंजू बाला, वार्ड 10 के पार्षद प्रवीन कुमार, वार्ड 11 की पार्षद निशा शर्मा, वार्ड 14 की पार्षद नीरू अधलखा, वार्ड 15 के पार्षद हरीश मदान, वार्ड 16 की पार्षद बबीता ने नगरपालिका चेयरमैन ईश्वर कश्यप के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए शपथ पत्र दिए हुए है। लेकिन एक भी पार्षद मीटिंग में पलटता है तो चेयरमैन ईश्वर की कुर्सी बच जाएगी। क्योंकि अविश्वास प्रस्ताव के लिए 17 पार्षदों में 12 एक पक्ष में होने जरूरी है।
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चेयरमैन ने इस्तीफा देने के बाद वापस लिया
अविश्वास प्रस्ताव के लिए शपथ पत्र सौंपे जाने के बाद चेयरमैन ईश्वर कश्यप ने पार्षद वरूण जैन को चेयरमैन बनाने पर संतुष्टी जाहिर करते हुए पांच दिन पहले ही उपायुक्त को इस्तीफा सौंप दिया था। लेकिन इस्तीफे को अभी तक मंजूर नहीं किया गया था। इसमें शुक्रवार को हुए घटनाक्रम के बाद चेयरमैन उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और अपने इस्तीफे को भी वापस ले लिया। उनका कहना है कि अब वह अपनी चेयरमैन की कुर्सी बचाए रखने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
नगरपालिका में बैठक को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर दी गई थी। लेकिन एसडीएम सुरेंद्रपाल अचानक बीमार हो गए और इस कारण बैठक को स्थगित करना पड़ा। उपायुक्त व एसडीएम के निर्देशानुसार बैठक के लिए अगली तिथि तय कर पार्षदों को बता दिया जाएगा।
-कुलदीप मलिक, सचिव नगर पालिका।
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अमर उजाला ब्यूरो
गन्नौर। नगर पालिका में चेयरमैन की कुर्सी को लेकर शुक्रवार को होने वाला फैसला टल गया है। क्योंकि निर्वाचन अधिकारी बनाए गए गन्नौर एसडीएम अचानक बीमार हो गए और वह मीटिंग में नहीं पहुंच सके। जबकि गन्नौर चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए शपथ पत्र देने वाले सभी पार्षदों समेत चेयरमैन व अन्य पार्षद भी मीटिंग में पहुंच चुके थे। उनके पहुंचने के बाद ही बताया गया कि एसडीएम के बीमार होने के कारण मीटिंग स्थगित की जा रही है। वहीं इस पूरे मामले में उस समय भी नाटकीय मोड़ आ गया, जब इस पूरे घटनाक्रम के बाद चेयरमैन ईश्वर सिंह ने पांच दिन पहले दिया हुआ अपना इस्तीफा वापस ले लिया। चेयरमैन ने साफ कहा कि अब वह अपनी कुर्सी बचाने के लिए लड़ाई करेंगे।
नगर पालिका गन्नौर में 17 निर्वाचित पार्षद है, जबकि सरकार से मनोनीत दो पार्षद है। गन्नौर नगर पालिका के चेयरमैन की कुर्सी पर सबसे पहले कांग्रेस समर्थित सतप्रकाश शर्मा का कब्जा था। लेकिन नवंबर 2017 में नप के 12 पार्षदों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अविश्वास प्रस्ताव के लिए डीसी के दरबार में हाजिरी लगाई थी और सतप्रकाश शर्मा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास करके उनको चेयरमैन के पद से हटा दिया गया था। उस समय भाजपा समर्थित ईश्वर कश्यप को चेयरमैन चुना गया था। गन्नौर नप चेयरमैन की कुर्सी को लेकर सवा साल बाद फिर से 22 फरवरी को उठापटक शुरू हो गई थी और भाजपा के ईश्वर कश्यप को चेयरमैन के पद से हटाने के लिए 12 पार्षद दोबारा से डीसी के दरबार में पहुंचे थे। इन 12 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव के लिए डीसी को शपथ पत्र सौंपने के साथ ही नप में जल्द ही मीटिंग कराने की मांग रखी थी। जिसपर नपा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित करने के लिए 22 मार्च तारीख तय कर दी गई थी। इस बैठक के लिए एसडीएम सुरेंद्र पाल को अध्यक्ष व चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया था। इस तरह पहले से निर्धारित तारीख के अनुसार शुक्रवार को चेयरमैन का विरोध करने वाले सभी 12 पार्षदों समेत 14 पार्षद नगर पालिका कार्यालय में पहुंच गए। जिनके कुछ देर बाद ही चेयरमैन ईश्वर कश्यप भी अपने दो समर्थक पार्षदों संग वहां पहुंचे। लेकिन वहां बताया गया कि एसडीएम सुरेंद्रपाल अचानक बीमार हो गए और वह बैठक में नहीं आएंगे। इस कारण ही अविश्वास प्रस्ताव को लेकर रखी गई यह मीटिंग कैंसिल करनी पड़ी। इस तरह अचानक मीटिंग कैंसिल होने पर चेयरमैन के विरोध में उतरे पार्षदों ने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थित चेयरमैन को बचाने के लिए प्रशासनिक अधिकारी भी सरकार के इशारे पर काम कर रहे है। अब पार्षद अविश्वास प्रस्ताव के लिए अगली मीटिंग की तारीख तय होने का इंतजार कर रहे है।
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बॉक्सयह 12 पार्षद उतरे हुए है चेयरमैन के खिलाफ
नगरपालिका उपाध्यक्ष सुनील लंबू, पूर्व चेयरमैन व वार्ड 8 के पार्षद सतप्रकाश शर्मा, वार्ड 1 की पार्षद किरन बाला, वार्ड 2 की पार्षद मीनू कुमारी, वार्ड 5 के पार्षद नवाब सिंह, वार्ड 6 के पार्षद रामेश्वर दास, वार्ड 7 की पार्षद अंजू बाला, वार्ड 10 के पार्षद प्रवीन कुमार, वार्ड 11 की पार्षद निशा शर्मा, वार्ड 14 की पार्षद नीरू अधलखा, वार्ड 15 के पार्षद हरीश मदान, वार्ड 16 की पार्षद बबीता ने नगरपालिका चेयरमैन ईश्वर कश्यप के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए शपथ पत्र दिए हुए है। लेकिन एक भी पार्षद मीटिंग में पलटता है तो चेयरमैन ईश्वर की कुर्सी बच जाएगी। क्योंकि अविश्वास प्रस्ताव के लिए 17 पार्षदों में 12 एक पक्ष में होने जरूरी है।
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चेयरमैन ने इस्तीफा देने के बाद वापस लिया
अविश्वास प्रस्ताव के लिए शपथ पत्र सौंपे जाने के बाद चेयरमैन ईश्वर कश्यप ने पार्षद वरूण जैन को चेयरमैन बनाने पर संतुष्टी जाहिर करते हुए पांच दिन पहले ही उपायुक्त को इस्तीफा सौंप दिया था। लेकिन इस्तीफे को अभी तक मंजूर नहीं किया गया था। इसमें शुक्रवार को हुए घटनाक्रम के बाद चेयरमैन उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और अपने इस्तीफे को भी वापस ले लिया। उनका कहना है कि अब वह अपनी चेयरमैन की कुर्सी बचाए रखने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
नगरपालिका में बैठक को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर दी गई थी। लेकिन एसडीएम सुरेंद्रपाल अचानक बीमार हो गए और इस कारण बैठक को स्थगित करना पड़ा। उपायुक्त व एसडीएम के निर्देशानुसार बैठक के लिए अगली तिथि तय कर पार्षदों को बता दिया जाएगा।
-कुलदीप मलिक, सचिव नगर पालिका।