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Sirsa News: गर्भस्थ शिशु को खोने के बाद जयपुर में भर्ती महिला की मौत
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गोरीवाला (सिरसा)। चौटाला गांव के स्वास्थ्य केंद्र में चार शिशुओं की मौत मामले को लेकर ग्रामीण आंदोलनरत हैं। इसी आंदोलन में अपना योगदान दे रहे गांव चौटाला निवासी ओमप्रकाश मेघवाल की बेटी विद्या (22 वर्षीय) की जयपुर के अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। महिला का पिता जनचेतना यात्रा में शामिल हैं। जनचेतना यात्रा स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग को लेकर निकाली जा रही है।
इस मामले में किसान नेता राकेश फगोड़िया ने कहा कि आज जिस बेटी की मौत हुई है। यह कोई घटनाक्रम नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य केंद्रों की चरमराई व्यवस्था के कारण हुई है। इसी प्रकार और भी कई बेटियां जीवन और मौत के बीच जूझ रही हैं। गांव के सैकड़ों लोग जनचेतना यात्रा के रूप में गांव चौटाला से मुख्यमंत्री आवास तक पैदल कूच कर रहे हैं। मौजूदा सरकार ने आज तक पीड़ित परिवारों की सुध तक नहीं ली। बता दें कि उक्त महिला ने एक माह पहले गर्भावस्था के दौरान अपने बच्चे को खोया था और वह कोमा में थी। महिला के कोमा में जाने के बाद चौटाला गांव में 20 दिन तक धरना चला था। महिला को गर्भावस्था के दौरान चौटाला स्वास्थ्य केंद्र में लाया गया था। उसका एक सप्ताह से जयपुर के अस्पताल में इलाज चल रहा था।
जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होगी घर नहीं लौटेंगे : ओमप्रकाश
मृतका विद्या 22 वर्षीय के पिता ओमप्रकाश का कहना है कि चौटाला के स्वास्थ्य केंद्र में जब तक बहन बेटियों के लिए प्रसूति रोग विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं लगेंगे और जिले भर में 400 नवजात शिशुओं के मौत प्रकरण की निष्पक्ष जांच नहीं होगी। तब तक वह अपने घर नहीं लौटेंगे। वह जनचेतना यात्रा में शामिल हैं।
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करनाल पहुंची जनचेतना यात्रा
शुक्रवार शाम तक अखिल भारतीय किसान सभा, संयुक्त किसान मोर्चा के नेता करनाल में पहुंच गए। पड़ाव डालने के लिए करनाल में व्यवस्था बना ली गई है। यात्रा में शामिल लोग 1 जनवरी को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। यात्रा में प्रेमसुख गोदारा, ओमप्रकाश मेघवाल, जगदीश बिश्नोई, सुभाष कड़वासरा, अवनी सिहाग सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। यात्रा में शामिल लोगों ने विधानसभा का घेराव करने की भी चेतावनी दी है।
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इस मामले में किसान नेता राकेश फगोड़िया ने कहा कि आज जिस बेटी की मौत हुई है। यह कोई घटनाक्रम नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य केंद्रों की चरमराई व्यवस्था के कारण हुई है। इसी प्रकार और भी कई बेटियां जीवन और मौत के बीच जूझ रही हैं। गांव के सैकड़ों लोग जनचेतना यात्रा के रूप में गांव चौटाला से मुख्यमंत्री आवास तक पैदल कूच कर रहे हैं। मौजूदा सरकार ने आज तक पीड़ित परिवारों की सुध तक नहीं ली। बता दें कि उक्त महिला ने एक माह पहले गर्भावस्था के दौरान अपने बच्चे को खोया था और वह कोमा में थी। महिला के कोमा में जाने के बाद चौटाला गांव में 20 दिन तक धरना चला था। महिला को गर्भावस्था के दौरान चौटाला स्वास्थ्य केंद्र में लाया गया था। उसका एक सप्ताह से जयपुर के अस्पताल में इलाज चल रहा था।
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जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होगी घर नहीं लौटेंगे : ओमप्रकाश
मृतका विद्या 22 वर्षीय के पिता ओमप्रकाश का कहना है कि चौटाला के स्वास्थ्य केंद्र में जब तक बहन बेटियों के लिए प्रसूति रोग विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं लगेंगे और जिले भर में 400 नवजात शिशुओं के मौत प्रकरण की निष्पक्ष जांच नहीं होगी। तब तक वह अपने घर नहीं लौटेंगे। वह जनचेतना यात्रा में शामिल हैं।
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करनाल पहुंची जनचेतना यात्रा
शुक्रवार शाम तक अखिल भारतीय किसान सभा, संयुक्त किसान मोर्चा के नेता करनाल में पहुंच गए। पड़ाव डालने के लिए करनाल में व्यवस्था बना ली गई है। यात्रा में शामिल लोग 1 जनवरी को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। यात्रा में प्रेमसुख गोदारा, ओमप्रकाश मेघवाल, जगदीश बिश्नोई, सुभाष कड़वासरा, अवनी सिहाग सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। यात्रा में शामिल लोगों ने विधानसभा का घेराव करने की भी चेतावनी दी है।