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अस्पतालों में डॉक्टरों की संख्या बढ़ाए जाने की मांग को लेकर करेंगे हड़ताल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 12 Dec 2021 12:12 AM IST
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Will strike for the demand to increase the number of doctors in hospitals
सिरसा। सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की संख्या बढ़ाए जाने की मांग को लेकर चिकित्सक 13 दिसंबर से हड़ताल करेंगे। इस संबंध में एसोसिएशन ने फैसला लिया है कि यदि 14 दिसंबर तक उनकी कोई भी मांग नहीं मानी तो उस दिन से बेमियादी हड़ताल शुरू कर देंगे।
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हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के आह्वान पर जिले के सरकारी अस्पतालों में तैनात चिकित्सकों ने लंबित मांगों के समर्थन में 13 दिसंबर से हड़ताल पर जाने का एलान किया है। जिससे मरीजों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। हड़ताल के दौरान सिविल अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों की ओपीडी बंद रखी जाएंगी। जिससे संबंधित नोटिस अस्पताल परिसर में चस्पा करवा दिए गए हैं।
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हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के जिला प्रधान मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज शर्मा, उपाध्यक्ष डॉ. गुरविंद्र गिल व सीनियर उपाध्यक्ष डॉ. आरके दहिया ने कहा कि प्रदेशभर के डॉक्टरों ने सोमवार से हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है।
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तीन मुख्य मांगे
कई चिकित्सक ऐसे हैं जो 15-20 वर्षों से कार्य कर रहे हैं। सरकार उन्हें पदोन्नति देकर वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी बनाने की बजाय इस पद पर नई भर्तियां कर रही है। यह गलत परंपरा है। क्योंकि एसएमओ के पद पर सीनियर डॉक्टरों का अधिकार पहले है। इसलिए सरकार स्वास्थ्य विभाग में सीधी भर्ती न करें। पीजी पॉलिसी में बदलाव लाकर पहले की तरह हरियाणा सरकार के चिकित्सकों को 40 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए और स्पेशलिस्ट चिकित्सकों की भर्ती जल्द से जल्द की जाए और स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को कोर्ट कचहरी व अन्य ऑफिशियल वर्क से अलग रखा जाए सहित मांग है।

डॉक्टरों ने आमजन से यह की अपील
अस्पताल में पोस्टर चस्पा करके डॉक्टरों ने आम जनता से सहयोग की अपील की। जिसमें बताया कि प्रदेश में दो हजार से ज्यादा डॉक्टरों की जरूरत है, वहां मात्र 700 डॉक्टर कार्यरत हैं। जिससे प्रति डॉक्टर 250 से ज्यादा मरीज देखता है। यही कारण है कि मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया नहीं हो पाता है। लेकिन बावजूद इसके सरकार स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने को प्रयासरत नहीं है। सरकार का असंवेदनशील रवैया दुर्भाग्यपूर्ण है। यही कारण है कि डॉक्टरों को जनहित में हड़ताल पर जाने को मजबूर होना पड़ा है।
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