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सिरसा: पत्रकार रामचन्द्र छत्रपति की पत्नी का निधन, बेटे के साथ गुरमीत राम रहीम के खिलाफ लड़ी थी लंबी लड़ाई
Thu, 10 Feb 2022 02:49 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Thu, 10 Feb 2022 02:49 PM IST
सार
शहीद पत्रकार राम चन्द्र छत्रपति की धर्म पत्नी और अंशुल छत्रपति की माता कुलवंत कौर की बीती रात हृदयगति रुक गई। इस कारण उनका निधन हो गया है।
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कुलवंत कौर का फाइल फोटो।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
दिवंगत पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की पत्नी कुलवंत कौर का बुधवार रात को हृदयाघात से निधन हो गया। कुलवंत कौर को घर पर ही हृदयाघात हुआ था। उसके बाद परिजन उन्हें अस्पताल लेकर गए थे। जहां उन्हें बचाया नहीं जा सका। बता दें कि डेरामुखी गुरमीत राम रहीम के इशारे पर वर्ष 2002 में पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में राम रहीम को सजा दिलवाने के लिए कुलवंत कौर ने 17 वर्ष लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी तथा अपने बच्चों को भी संभाला।
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डेरामुखी छत्रपति रामचंद्र हत्याकांड व साध्वी दुष्कर्म मामले में सुनारिया जेल में सजा काट रहा है। फिलहाल डेरामुखी 21 दिन की पेरोल पर गुरुग्राम स्थित डेरे में हैं। वर्ष 2002 में पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की गोली मारकर हत्या की गई थी। उस समय उनका बड़ा बेटा अंशुल 14 वर्ष का था। उल्लेखनीय है कि रामचंद्र छत्रपति के हत्यारों को सजा दिलवाने के लिए दिवंगत कुलवंत कौर ने 17 साल लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी थी तथा इस मामले में डेरामुखी गुरमीत राम रहीम को सजा दिलवाने के बाद उन्होंने कहा था कि उनके संघर्ष की लड़ाई पूरी हुई है।
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कुलवंत कौर ने कहा था कि पति के हत्यारे को सजा दिलवाने के साथ कठिन परिस्थितियों में अपने बच्चों का भी पालन पोषण किया था। पति की हत्या के बाद उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां मिलती रहती थी। परंतु उन्होंने बिना डरे आरोपियों के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी तथा राम रहीम को सजा दिलवाई।
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जब तक उनके पति के हत्यारों को सजा न हीं मिली तब तक वे चैन से नहीं बैठी। डेरा मुखी को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्या मामले में सजा मिलने के बाद उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया था। उस समय कुलवंत कौर ने कहा था कि आज उनकी जीत हुई है तथा उनके पति की आत्मा को शांति मिली है। गुरुवार को दिवंगत कुलवंत कौर का अंतिम संस्कार कर दिया गया।