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टैंक की सफाई करते दो कुष्ठ रोगियों की मौत
sirsa
Updated Sun, 25 May 2014 11:34 PM IST
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शहर के कुष्ठ आश्रम में बने सेप्टिक टैंक की सफाई करते समय रविवार को दम घुटने से दो कुष्ठ रोगियों की मौत हो गई। उन्हें बचाने के लिए उतरा एक युवक भी गैस के प्रभाव में आकर बेहोश हो गया। उपचार के लिए उसे डबवाली के सरकारी अस्पताल में ले जाया गया, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है।
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रविवार सुबह करीब 10 बजे कुष्ठ रोगी आश्रम में बने सेप्टिक टैंक की सफाई कर रहे थे। ओवरफ्लो हो रहे टैंक के गंदे पानी को मोटर की सहायता से आश्रम के पीछे पड़े खाली स्थान में छोड़ा गया। मलबे को बाहर निकालने के लिए राजेंद्र टैंक में उतरा। दम घुटने के बाद वह टैंक में गिर गया। उसे बचाने के लिए गोबिंद टैंक में उतरा। गोबिंद का भी दम घुटने लगा।
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अन्य कुष्ठ रोगी रस्से की सहायता से उसे बाहर निकालने लगे लेकिन प्रयास नाकाफी रहे। शोर सुनकर आश्रम के पड़ोस में रहने वाले लोग वहां इकट्ठे हो गए। कुष्ठ रोगी को बचाने के लिए मजदूर हरपाल टैंक में उतरा। इसी दौरान गोबिंद ने दम तोड़ दिया। दम घुटता देख हरपाल सेप्टिक टैंक की कुछ सीढ़ियां चढ़ गया। लोगों ने उसे ऊपर खींच लिया। वह बेहोश हो गया।
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उपचार के लिए डबवाली जन सहारा सेवा संस्था की एंबुलेंस ने हरपाल को डबवाली के सरकारी अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सक ने हरपाल को उपचार दिया, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है। मृतक राजेंद्र के एक बेटा तथा एक बेटी है, जबकि गोबिंद की तीन बेटियां हैं। हादसे की जानकारी मिलते ही शहर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर भारतेंद्र कुमार ढिल्लों सरकारी अस्पताल पहुंचे।
कुष्ठ रोगियों के अध्यक्ष तपन, सचिव जगन्नाथ, उपसचिव बिशननाथ ने उन्हें घेर लिया। कुष्ठ रोगियों ने इंस्पेक्टर को बताया कि लापरवाही के पीछे प्रशासन जिम्मेदार है। वे सीवरेज कनेक्शन के लिए शिकायतें दे-देकर थक चुके हैं लेकिन आज तक उनकी मांग पूरी नहीं हुई।
इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई
सीआरपीसी की धारा 174 के तहत इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई करते हुए गोबिंद और राजेंद्र के शव पोस्टमार्टम करवाने के बाद उनके परिजनों को सौंप दिए गए हैं।
-भारतेंद्र कुमार ढिल्लों, प्रभारी, शहर थाना डबवाली