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Sirsa News: जलघर के टैंक सूखे, पाइपलाइन खाली, गांव जोड़किया में पानी की बदहाली

Wed, 20 May 2026 12:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Wed, 20 May 2026 12:26 AM IST
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water problem in jodakiya village
गांव जोडकियां में सूखा पड़ा जोहड़। संवाद
अभियान
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10 दिनों से टैंक में नहीं है पानी, मोल खरीदना पड़ रहा, नहरें भी सूखीं
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फोटो -- 27,28
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। गांव जोड़किया में इन दिनों पेयजल संकट गहराता जा रहा है। जलघर के टैंक सूखने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए निजी टैंकरों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे उनको आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है जो घर के बजट को बिगाड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है।


रामंचद्र, हरभगवान, कृष्ण कुमार, बलवान, बनवारी ने बताया कि गांव की कुल आबादी 2500 है। एक वाटर टैंक बना हुआ है। गांव में पेयजल सप्लाई लाइन बिछी हुई है लेकिन वह भी बिना पानी खाली पड़ी है। जलघर का टैंक सूख गया है। जोहड़ खाली हो गए हैं। नहरों में महज सूखा कचरा ही नजर आ रहा है।
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गांव में पानी की किल्लत से हर कोई परेशान है। लू के कारण पानी की मांग बढ़ गई है। सबसे अधिक दिक्कत महिलाओं और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है।

ग्रामीणों ने बताया कि जलघर के टैंक पूरी तरह खाली हुए 10 दिन का समय हो गया है। गर्मी बढ़ने के साथ पानी की मांग भी लगातार बढ़ रही है। प्रशासनिक अधिकारियों ने इस ओर आज तक कोई ध्यान नहीं दिया। नहरी पानी नहीं मिलने से अब मजबूरी में लोग निजी टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। इन पर 800 से 1000 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह खर्च उठाना मुश्किल हो गया है।
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ग्रामीणों के अनुसार, जिन परिवारों में घर में छोटे बच्चे और बुजुर्ग हैं उनका बुरा हाल है। लू और गर्मी के कारण रात के समय नहाना जरूरी हो जाता है तभी बच्चे और बुजुर्ग सो पाते हैं। वरना उन्हें जागकर रात गुजारनी पड़ती है।
एक ओर जहां पानी नहीं है वहीं रात के समय बिजली कट लग जाते है। दोनों तरफ से लोग परेशान हैं। उन्होंने कहा कि कई बार विभागीय अधिकारियों को अवगत करवाया गया लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं।

पशुओं के लिए बड़ी समस्या
ग्रामीणों के अनुसार, पशु को मनुष्य के मुकाबले कई गुना ज्यादा पानी की जरूरत होती है। यदि पशुओं को पानी नहीं मिलेगा तो वे बीमार पड़ जाएंगे। उनका दूध कम हो जाएगा। जो परिवार पशुओं पर निर्भर हैं, उनके लिए बड़ी परेशानी पैदा हो जाती है। इसलिए मजबूरन उन्हें मोल पानी के टैंकर मंगवाने पड़ते हैं।
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