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Sirsa News: जिले में चार और स्कूलों में शुरू हाेंगे वोकेशनल कोर्स
Sun, 30 Apr 2023 11:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 30 Apr 2023 11:28 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क योजना (एनएसक्यूएफ) के तहत जिले के चार और सरकारी विद्यालयों में नए शिक्षा सत्र से वोकेशनल कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। अब जिले में वोकेशनल कोर्स वाले स्कूलों की संख्या 72 से बढ़कर 76 हो जाएगी। प्रत्येक स्कूल में दो-दो वोकेशनल कोर्स होंगे। इन स्कूलों में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भावदीन, मटदादू, झोरडनाली व आरोही मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल खारी सुरेरां शामिल है। भावदीन स्कूल में बैंकिंग और इंश्योरेंस, मटदादू में हेल्थ केयर एंड ब्यूटी एंड वैलनेस, झोरडनाली में आईटी व आईटीईएस व खारी सुरेरां में एग्रीकल्चर वोकेशनल कोर्स शुरू होंगे।
समग्र शिक्षा अभियान के सहायक जिला परियोजना समन्वयक नरेंद्र सिंह शम्मी ने बताया कि राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क योजना के तहत वर्तमान में जिले के 72 स्कूलों में अलग-अलग 14 वोकेशनल कोर्स करवाए जा रहे हैं। अब इन स्कूलों की संख्या बढ़कर 76 की गई है। प्रत्येक विद्यालय में दो कोर्स की सुविधा दी गई। इनमें एग्रीकल्चर, बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज एंड इंश्योरेंस, ऑटोमोटिव, अपैरल मेड-अप्स होम फर्निशिंग, कंस्ट्रक्शन, ब्यूटी एंड वेलनेस, आईटी, सिक्योरिटी, फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स, ट्रेवल एंड टूरिज्म, पेशेंट केयर असिस्टेंट, प्लंबिंग व पॉवर वोकेशनल कोर्स कराए जा रहे हैं।
इसके अलावा रानियां खंड के गांव कुस्सर स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में एग्रीकल्चर, ओढां खंड के गांव श्रीजलालआणा साहिब के आरोही मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में ब्यूटी एंड वेलनेस तथा ऐलनाबाद खंड के राजकीय गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल ऐलनाबाद में आईटी का इंक्यूबेशन सेंटर बनाया गया है। यहां पर विद्यार्थियों को कोर्स संबंधी विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। समय-समय पर नजदीकी वोकेशनल कोर्स संबंधी स्कूलों के विद्यार्थी भी इन इंक्यूबेशन सेंटर का भ्रमण करते हैं।
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वोकेशनल कोर्स में बढ़ रहे बच्चों का रुझान
स्कूलों में वोकेशनल कोर्स करने वाले विद्यार्थियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इसका मुख्य कारण रोजगार है। वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई पूरी करते ही विद्यार्थी चाहें तो स्वरोजगार शुरू कर सकता है या फिर कोर्स करके विद्यार्थी विभाग द्वारा लगाए जाने वाले प्लेसमेंट ड्राइव मेले में बड़ी कंपनियों में रोजगार हासिल कर सकता हैं। जिले में 2020-21 सत्र में 62 स्कूलों में 8437 विद्यार्थियों ने, सत्र 2021-22 में 66 स्कूलों में 10664 व सत्र 2022-23 में 72 स्कूलों में 11314 विद्यार्थियों ने वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई की है। सत्र 2023-24 में स्कूलों की संख्या बढ़कर 76 हो गई है और संभावना है कि बच्चों की संख्या में भी बढ़ोतरी होगी।
वोकेशनल कोर्स में बच्चों की रुचि है। इसलिए प्रदेशभर में वोकेशनल कोर्स वाले स्कूलों की संख्या बढ़ाई जा रही है। जिले के चार और स्कूलों में वोकेशनल कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। - ईशान मोहम्मद, राज्य कोऑर्डिनेटर, एनएसक्यूएफ ।
बच्चों को रोजगार में आत्मनिर्भर बनाने के लिए हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद एनएसक्यूएफ के माध्यम से बच्चों को बेहतरीन मंच उपलब्ध कराया जा रहा है। स्कूलों में योजना के तहत चल रहे अलग-अलग 14 वोकेशनल कोर्स करके विद्यार्थी रोजगार में आत्मनिर्भर बन रहे है।
-- -- सहीराम चाहर, जिला परियोजना समन्वयक, समग्र शिक्षा अभियान सिरसा।
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सिरसा। राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क योजना (एनएसक्यूएफ) के तहत जिले के चार और सरकारी विद्यालयों में नए शिक्षा सत्र से वोकेशनल कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। अब जिले में वोकेशनल कोर्स वाले स्कूलों की संख्या 72 से बढ़कर 76 हो जाएगी। प्रत्येक स्कूल में दो-दो वोकेशनल कोर्स होंगे। इन स्कूलों में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भावदीन, मटदादू, झोरडनाली व आरोही मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल खारी सुरेरां शामिल है। भावदीन स्कूल में बैंकिंग और इंश्योरेंस, मटदादू में हेल्थ केयर एंड ब्यूटी एंड वैलनेस, झोरडनाली में आईटी व आईटीईएस व खारी सुरेरां में एग्रीकल्चर वोकेशनल कोर्स शुरू होंगे।
समग्र शिक्षा अभियान के सहायक जिला परियोजना समन्वयक नरेंद्र सिंह शम्मी ने बताया कि राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क योजना के तहत वर्तमान में जिले के 72 स्कूलों में अलग-अलग 14 वोकेशनल कोर्स करवाए जा रहे हैं। अब इन स्कूलों की संख्या बढ़कर 76 की गई है। प्रत्येक विद्यालय में दो कोर्स की सुविधा दी गई। इनमें एग्रीकल्चर, बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज एंड इंश्योरेंस, ऑटोमोटिव, अपैरल मेड-अप्स होम फर्निशिंग, कंस्ट्रक्शन, ब्यूटी एंड वेलनेस, आईटी, सिक्योरिटी, फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स, ट्रेवल एंड टूरिज्म, पेशेंट केयर असिस्टेंट, प्लंबिंग व पॉवर वोकेशनल कोर्स कराए जा रहे हैं।
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इसके अलावा रानियां खंड के गांव कुस्सर स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में एग्रीकल्चर, ओढां खंड के गांव श्रीजलालआणा साहिब के आरोही मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में ब्यूटी एंड वेलनेस तथा ऐलनाबाद खंड के राजकीय गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल ऐलनाबाद में आईटी का इंक्यूबेशन सेंटर बनाया गया है। यहां पर विद्यार्थियों को कोर्स संबंधी विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। समय-समय पर नजदीकी वोकेशनल कोर्स संबंधी स्कूलों के विद्यार्थी भी इन इंक्यूबेशन सेंटर का भ्रमण करते हैं।
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वोकेशनल कोर्स में बढ़ रहे बच्चों का रुझान
स्कूलों में वोकेशनल कोर्स करने वाले विद्यार्थियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इसका मुख्य कारण रोजगार है। वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई पूरी करते ही विद्यार्थी चाहें तो स्वरोजगार शुरू कर सकता है या फिर कोर्स करके विद्यार्थी विभाग द्वारा लगाए जाने वाले प्लेसमेंट ड्राइव मेले में बड़ी कंपनियों में रोजगार हासिल कर सकता हैं। जिले में 2020-21 सत्र में 62 स्कूलों में 8437 विद्यार्थियों ने, सत्र 2021-22 में 66 स्कूलों में 10664 व सत्र 2022-23 में 72 स्कूलों में 11314 विद्यार्थियों ने वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई की है। सत्र 2023-24 में स्कूलों की संख्या बढ़कर 76 हो गई है और संभावना है कि बच्चों की संख्या में भी बढ़ोतरी होगी।
वोकेशनल कोर्स में बच्चों की रुचि है। इसलिए प्रदेशभर में वोकेशनल कोर्स वाले स्कूलों की संख्या बढ़ाई जा रही है। जिले के चार और स्कूलों में वोकेशनल कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। - ईशान मोहम्मद, राज्य कोऑर्डिनेटर, एनएसक्यूएफ ।
बच्चों को रोजगार में आत्मनिर्भर बनाने के लिए हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद एनएसक्यूएफ के माध्यम से बच्चों को बेहतरीन मंच उपलब्ध कराया जा रहा है। स्कूलों में योजना के तहत चल रहे अलग-अलग 14 वोकेशनल कोर्स करके विद्यार्थी रोजगार में आत्मनिर्भर बन रहे है।