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Sirsa News: जंडवाला के ग्रामीणों ने लगाए सरपंच व ग्राम सचिव पर प्लाॅटों की बोली में धांधली के आरोप

Fri, 02 Feb 2024 11:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Fri, 02 Feb 2024 11:59 PM IST
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Villagers of Jandwala accused the Sarpanch and Village Secretary of rigging in the bidding of plots
बीडीपीओ कार्यालय में मौजूद ग्रामीण।
ओढां। गांव जंडवाला जटान की सरपंच व ग्राम सचिव पर ग्रामीणों ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने बीडीपीओ कार्यालय ओढां में एकत्रित होकर रोष जताया। इस दौरान उन्होंने दोनों के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
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रोष प्रदर्शन कर रहे पूर्व सरपंच शिवराज सिंह व सरदूल सिंह सेखो, कौर सिंह, देवीलाल, लाभ सिंह, लीला सिंह, राजेन्द्र सिंह, मनप्रीत सिंह व बलजिंदर सिंह आदि ने ग्राम सरपंच मंजूबाला व ग्राम सचिव महेन्द्र सिंह पर आरोप लगाते पर कहा कि गांव में सरकारी स्कूल के साथ लगती पंचायती भूमि के प्लॉटों की बोली में दोनों ने धांधली की है। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों के सामने जिस रेट पर बोली तय हुई थी रिकॉर्ड में उससे कम रेट दिखाया गया।
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पूर्व सरपंच शिवराज सिंह बताया कि प्लाटों की कुल बोली 6 लाख 49 हजार की हुई थी। जब उन्होंने आरटीआई लगाई तो उसमें सामने आया कि सरपंच ने ग्राम सचिव के साथ मिलकर कुल बोली 5 लाख 3 हजार रुपये की दिखा रखी है। आरोप है कि इसमें 1 लाख 46 हजार रुपये का गबन किया गया। वहीं सरपंच ने बोली में अपने देवर को अनुसूचित वर्ग के कोटे की पूरी भूमि दे दी जोकि विभागीय नियमों के विपरीत है। इसके अलावा उन्होंने ग्रामीणों को भूमि देने के बजाय अपने शुभचिंतकों को दे दी तथा लोगों द्वारा जमा करवाई गई सिक्योरिटी राशि भी वापस नहीं दी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बोली की आड़ में लाखों रुपये की धांधली की गई है। ग्रामीणों ने बीडीपीओ समिता कातकाड़े से मिलकर उन्हें पूरे मामले के बारे में अवगत करवाया। ग्रामीण कौर सिंह, लीला सिंह, सतपाल सिंह व लाभ सिंह ने कहा कि बोली के समय पर उन्होंने जो 10 हजार रुपये सिक्योरिटी राशि जमा करवाई गई थी वह भी अभी तक उन्हें वापस नहीं मिली है। आरटीआई के माध्यम से उन्हें पता चला कि किसी और सदस्य का अंगूठा लगवाकर जमानत राशि उसे दे दी गई। ग्रामीणों ने उपायुक्त से मांग करते हुए कहा कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाई जाए। वहीं इस मामले में ग्राम सरपंच मंजूबाला ने सभी आरोपों को नकारते हुए कहा कि उन्होंने किसी तरह की कोई धांधली नहीं की। वे जांच के लिए तैयार हैं। वहीं ग्राम सचिव महेन्द्र सिंह ने भी सभी आरोपों को निराधार बताया है।
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वर्जन
लोग शिकायत लेकर आए थे। वे ग्राम सरपंच व सचिव पर आरोप लगा रहे हैं। इस शिकायत की जांच चल रही है। दोनों पक्षों की तरफ से बाकायदा एफिडेविट आए हुए हैं। जिनकी जांच भी हम कर रहे हैं। रही बात सिक्योरिटी राशि की तो सरपंच ने लोगों को सिक्योरिटी राशि लेने को कहा है, लेकिन पता नहीं उन्होंने पैसे क्यों नहीं लिए। फिर भी मामले की जांच की जा रही है।
-समिता कातकाड़े (बीडीपीओ)
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