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ग्रामीणों ने तीन घंटे तक एसपी कार्यालय का घेराव कर किया प्रदर्शन, एसपी से मिला दो दिन का मिला आश्वासन
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कार्यालय के समक्ष धरना देकर बैठे ग्रामीण।
- फोटो : Sirsa
सिरसा। आईएमए और ग्रामीणों के बीच में चल रहा विवाद अब बढ़ता जा रहा है। पहले आईएमए इंसाफ की मांग को लेकर रोड पर उतरे थे लेकिन अब ग्रामीणों ने इंसाफ दिलवाने और महिला डॉक्टर द्वारा दर्ज करवाया गया झूठा मुकदमा वापस लेने की मांग उठाई है। मंगलवार को ग्रामीणों के समर्थन में किसान जत्थेबंदिया भी आ चुकी है। इंसाफ की मांग को लेकर ग्रामीणों ने एसपी कार्यालय का तीन घंटे तक घेराव कर धरना दिया और एसपी डॉ. अर्पित जैन दो दिन में मसला हल होने का आश्वासन दिया तो ग्रामीणों ने धरना खत्म कर दिया। वहीं ग्रामीणों का कहना है दो दिन में उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वह बैठक कर गिल अस्पताल के बाहर पक्का मोर्चा लगाने को मजबूर होंगे।
मंगलवार को वैदवाला के ग्रामीण शहीद भगत सिंह खेल स्टेडियम में एकत्र हुए। यहां पर किसान जत्थेबंदियों ने भूपेंद्र सिंह वैदवाला का समर्थन दिया और डॉक्टरों के खिलाफ नारेबाजी की। दोपहर 12 बजे सभी ग्रामीण और किसान जत्थेबंदियों के सदस्य रोष प्रदर्शन करते हुए बरनाला रोड से होते हुए एसपी कार्यालय में पहुंचे। यहां पर पुलिस कर्मचारियों ने पहले उन्हें कार्यालय से दूर रोकने का प्रयास किया लेकिन किसान बाधा को पार कर एसपी कार्यालय के गेट के समक्ष पहुंच गए और दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए। किसान जत्थेबंदियों के सदस्य और ग्रामीणों ने संबोधित करते हुए कहा कि डॉक्टरों द्वारा मरीज का गलत इलाज किया गया। जिसके बाद ग्रामीणों ने दोबारा से इलाज करवाने की मांग उठाई तो डॉक्टर ने अपनी पत्नी को आगे कर ग्रामीणों के ऊपर ही अभद्र भाषा और अन्य आरोप लगाकर मामला दर्ज करवा दिया। ढाई घंटे बाद किसान जत्थेबंदियों और गांव के मुख्य सदस्य एसपी डॉ. अर्पित जैन से मिलने के लिए पहुंचे। बैठक के दौरान ग्रामीणों ने डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज करने और उनके द्वारा दर्ज करवाया गया झूठा मुकदमा वापस किए जाने की मांग उठाई। जिसके बाद एसपी ने दो दिन का ग्रामीणों को आश्वासन दिया। वहीं ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर दो दिन के अंदर मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वह बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे और अस्पताल के बाहर पक्का मोर्चा लगाने को मजबूर होंगे।
ग्रामीण बोले डॉक्टर ने ही इलाज किया गलत और बचाव के लिए दर्ज करवाया मुकदमा
वहीं ग्रामीणों का समर्थन देने के लिए पहुंचे सिकंदर सिंह रोड़ी, स्वर्ण सिंह विर्क, गुरनाम सिंह झब्बर, मैक्स साहुवाला ने कहा कि एक तो डॉक्टर ने खिलाड़ी के घुटने का गलत इलाज किया है। जिसके कारण अब वह कभी भी खेल नहीं सकता और खुद की गलती को छुपाने के लिए महिला डॉक्टर का सहारा लेते हुए ग्रामीणों पर ही झुठा मुकदमा दर्ज करवा दिया। अब वह खुद अपने खर्च पर ही खिलाड़ी का इलाज करवा रहे हैं। जिससे डॉक्टर ने खिलाड़ी के कभी भी खेल न सकने की जानकारी दी है।
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मंगलवार को वैदवाला के ग्रामीण शहीद भगत सिंह खेल स्टेडियम में एकत्र हुए। यहां पर किसान जत्थेबंदियों ने भूपेंद्र सिंह वैदवाला का समर्थन दिया और डॉक्टरों के खिलाफ नारेबाजी की। दोपहर 12 बजे सभी ग्रामीण और किसान जत्थेबंदियों के सदस्य रोष प्रदर्शन करते हुए बरनाला रोड से होते हुए एसपी कार्यालय में पहुंचे। यहां पर पुलिस कर्मचारियों ने पहले उन्हें कार्यालय से दूर रोकने का प्रयास किया लेकिन किसान बाधा को पार कर एसपी कार्यालय के गेट के समक्ष पहुंच गए और दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए। किसान जत्थेबंदियों के सदस्य और ग्रामीणों ने संबोधित करते हुए कहा कि डॉक्टरों द्वारा मरीज का गलत इलाज किया गया। जिसके बाद ग्रामीणों ने दोबारा से इलाज करवाने की मांग उठाई तो डॉक्टर ने अपनी पत्नी को आगे कर ग्रामीणों के ऊपर ही अभद्र भाषा और अन्य आरोप लगाकर मामला दर्ज करवा दिया। ढाई घंटे बाद किसान जत्थेबंदियों और गांव के मुख्य सदस्य एसपी डॉ. अर्पित जैन से मिलने के लिए पहुंचे। बैठक के दौरान ग्रामीणों ने डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज करने और उनके द्वारा दर्ज करवाया गया झूठा मुकदमा वापस किए जाने की मांग उठाई। जिसके बाद एसपी ने दो दिन का ग्रामीणों को आश्वासन दिया। वहीं ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर दो दिन के अंदर मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वह बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे और अस्पताल के बाहर पक्का मोर्चा लगाने को मजबूर होंगे।
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ग्रामीण बोले डॉक्टर ने ही इलाज किया गलत और बचाव के लिए दर्ज करवाया मुकदमा
वहीं ग्रामीणों का समर्थन देने के लिए पहुंचे सिकंदर सिंह रोड़ी, स्वर्ण सिंह विर्क, गुरनाम सिंह झब्बर, मैक्स साहुवाला ने कहा कि एक तो डॉक्टर ने खिलाड़ी के घुटने का गलत इलाज किया है। जिसके कारण अब वह कभी भी खेल नहीं सकता और खुद की गलती को छुपाने के लिए महिला डॉक्टर का सहारा लेते हुए ग्रामीणों पर ही झुठा मुकदमा दर्ज करवा दिया। अब वह खुद अपने खर्च पर ही खिलाड़ी का इलाज करवा रहे हैं। जिससे डॉक्टर ने खिलाड़ी के कभी भी खेल न सकने की जानकारी दी है।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव करने के लिए आते ग्रामीण।- फोटो : Sirsa

पुलिस अधीक्षक कार्यालय के समक्ष तैनात पुलिसकर्मी।- फोटो : Sirsa
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