{"_id":"69a32c76196e91b17702cb89","slug":"vaccination-start-for-cervical-cancer-sirsa-news-c-128-1-sir1004-153919-2026-02-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: सर्वाइकल कैंसर से बचाव का पहला टीका खुशी को लगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: सर्वाइकल कैंसर से बचाव का पहला टीका खुशी को लगा
Sat, 28 Feb 2026 11:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 28 Feb 2026 11:27 PM IST
विज्ञापन
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए टीका टीकाकरण कराती किशोरी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले में शुरू हुआ एचपीवी टीकाकरण अभियान, पहले दिन केवल 9 किशोरियां पहुंचीं, 50 का था लक्ष्य
सिविल सर्जन ने प्रदान किया टीकाकरण प्रमाणपत्र, तीन महीने तक चलेगा अभियान
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व एएनएम वार्ड व गांवों में जाकर जागरूक करेंगी
फोटो
38
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिले में महिलाओं व किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए ह्यूमन पैपिलोमा वायरस टीकाकरण अभियान की शुरुआत शनिवार को हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के अजमेर से इस राष्ट्रीय अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया।
नागरिक अस्पताल में इसका लाइव वेबकास्ट दिखाया गया, जिसमें सिविल सर्जन डॉ. प्रमोद शर्मा सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे। पहले दिन 50 किशोरियों को टीका लगाने का लक्ष्य था, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण केवल नौ किशोरियां ही अस्पताल पहुंच पाईं।
प्रधानमंत्री के शुभारंभ के तुरंत बाद अस्पताल में टीकाकरण शुरू किया गया। अभियान की पहली लाभार्थी किशोरी जेजे कॉलोनी की 14 वर्षीय खुशी बनी। खुशी की मां चांदनी ने बताया कि पति मंगल मजदूरी करते हैं। उनका परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। निजी अस्पतालों में एचपीवी टीका लगभग चार हजार रुपये का पड़ता है, इसलिए सरकारी अभियान से उन्हें बड़ी राहत मिली है। चांदनी ने कहा कि अब उनकी बेटी सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित रहेगी।
विज्ञापन
टीकाकरण के बाद सिविल सर्जन डॉ. प्रमोद शर्मा ने खुशी को प्रमाणपत्र दिया। सिविल सर्जन डॉ. प्रमोद शर्मा ने बताया कि यह अभियान मुख्य रूप से 14 वर्ष की किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन देकर सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा देने का लक्ष्य रखता है। भारत में महिलाओं में होने वाला यह सबसे प्रमुख कैंसर है।
डॉ. प्रमोद ने बताया कि अभियान तीन महीने तक चलेगा, जिसमें लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। अभियान को सफल बनाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें वार्डों के पार्षदों के साथ मिलकर घर-घर जाकर जागरूकता फैलाने का काम दिया गया है। सभी एएनएम को पहले ही ट्रेनिंग दी जा चुकी है। उन्हें निर्देश हैं कि सर्वे के जरिए 14 वर्ष की किशोरियों और उनके अभिभावकों को वैक्सीन के फायदे बताएं ताकि अधिक से अधिक लाभार्थी जुड़ सकें।
निशुल्क और स्वैच्छिक होगा टीकाकरण
सिविल सर्जन ने बताया कि एचपीवी टीकाकरण पूरी तरह निशुल्क और स्वैच्छिक होगा। अभियान सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में चलाया जाएगा। सभी टीकाकरण केंद्र 24 घंटे संचालित सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े रहेंगे, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवाई जा सके।
99.7 प्रतिशत कैंसर के मामलों में एचपीवी वायरस मुख्य कारण
इम्यूनाइजेशन नोडल अधिकारी डाॅ. रणजीत कंबोज ने बताया कि देश में महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर दूसरा प्रमुख कैंसर है। लगभग 99.7 प्रतिशत मामलों का कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस है। इसको देखते हुए एचपीवी वैक्सीन को तीन माह के अभियान मोड में लागू किया जाएगा।
एमओ की निगरानी में लगाया जाएगा टीका
वरिष्ठ फार्मासिस्ट योगेश खन्ना ने बताया कि टीकाकरण प्रतिदिन जारी रहेगा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर मेडिकल ऑफिसर की निगरानी में वैक्सीन लगाई जाएगी। कुरुक्षेत्र से लगभग दो हजार डोज सिविल सर्जन स्टोर में पहुंच चुकी हैं। दूसरे चरण में डबवाली और अन्य पीएचसी में यह कार्य शुरू किया जाएगा।
सर्वाइकल कैंसर को जड़ से खत्म करना है लक्ष्य
सिविल सर्जन ने बताया कि यह अभियान देशव्यापी है। इसमें 14 वर्ष की लगभग 1.15 करोड़ किशोरियों को हर साल फ्री वैक्सीन दी जाएगी। वैक्सीन गार्डासिल है, जो एचपीवी टाइप 16 और 18 सहित अन्य से सुरक्षा देती है। सरकार का लक्ष्य सर्वाइकल कैंसर को जड़ से खत्म करना है, जो महिलाओं में मौत का बड़ा कारण है।
विज्ञापन
सिविल सर्जन ने प्रदान किया टीकाकरण प्रमाणपत्र, तीन महीने तक चलेगा अभियान
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व एएनएम वार्ड व गांवों में जाकर जागरूक करेंगी
फोटो
38
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिले में महिलाओं व किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए ह्यूमन पैपिलोमा वायरस टीकाकरण अभियान की शुरुआत शनिवार को हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के अजमेर से इस राष्ट्रीय अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया।
नागरिक अस्पताल में इसका लाइव वेबकास्ट दिखाया गया, जिसमें सिविल सर्जन डॉ. प्रमोद शर्मा सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे। पहले दिन 50 किशोरियों को टीका लगाने का लक्ष्य था, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण केवल नौ किशोरियां ही अस्पताल पहुंच पाईं।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री के शुभारंभ के तुरंत बाद अस्पताल में टीकाकरण शुरू किया गया। अभियान की पहली लाभार्थी किशोरी जेजे कॉलोनी की 14 वर्षीय खुशी बनी। खुशी की मां चांदनी ने बताया कि पति मंगल मजदूरी करते हैं। उनका परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। निजी अस्पतालों में एचपीवी टीका लगभग चार हजार रुपये का पड़ता है, इसलिए सरकारी अभियान से उन्हें बड़ी राहत मिली है। चांदनी ने कहा कि अब उनकी बेटी सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित रहेगी।
विज्ञापन
टीकाकरण के बाद सिविल सर्जन डॉ. प्रमोद शर्मा ने खुशी को प्रमाणपत्र दिया। सिविल सर्जन डॉ. प्रमोद शर्मा ने बताया कि यह अभियान मुख्य रूप से 14 वर्ष की किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन देकर सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा देने का लक्ष्य रखता है। भारत में महिलाओं में होने वाला यह सबसे प्रमुख कैंसर है।
डॉ. प्रमोद ने बताया कि अभियान तीन महीने तक चलेगा, जिसमें लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। अभियान को सफल बनाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें वार्डों के पार्षदों के साथ मिलकर घर-घर जाकर जागरूकता फैलाने का काम दिया गया है। सभी एएनएम को पहले ही ट्रेनिंग दी जा चुकी है। उन्हें निर्देश हैं कि सर्वे के जरिए 14 वर्ष की किशोरियों और उनके अभिभावकों को वैक्सीन के फायदे बताएं ताकि अधिक से अधिक लाभार्थी जुड़ सकें।
निशुल्क और स्वैच्छिक होगा टीकाकरण
सिविल सर्जन ने बताया कि एचपीवी टीकाकरण पूरी तरह निशुल्क और स्वैच्छिक होगा। अभियान सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में चलाया जाएगा। सभी टीकाकरण केंद्र 24 घंटे संचालित सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े रहेंगे, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवाई जा सके।
99.7 प्रतिशत कैंसर के मामलों में एचपीवी वायरस मुख्य कारण
इम्यूनाइजेशन नोडल अधिकारी डाॅ. रणजीत कंबोज ने बताया कि देश में महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर दूसरा प्रमुख कैंसर है। लगभग 99.7 प्रतिशत मामलों का कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस है। इसको देखते हुए एचपीवी वैक्सीन को तीन माह के अभियान मोड में लागू किया जाएगा।
एमओ की निगरानी में लगाया जाएगा टीका
वरिष्ठ फार्मासिस्ट योगेश खन्ना ने बताया कि टीकाकरण प्रतिदिन जारी रहेगा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर मेडिकल ऑफिसर की निगरानी में वैक्सीन लगाई जाएगी। कुरुक्षेत्र से लगभग दो हजार डोज सिविल सर्जन स्टोर में पहुंच चुकी हैं। दूसरे चरण में डबवाली और अन्य पीएचसी में यह कार्य शुरू किया जाएगा।
सर्वाइकल कैंसर को जड़ से खत्म करना है लक्ष्य
सिविल सर्जन ने बताया कि यह अभियान देशव्यापी है। इसमें 14 वर्ष की लगभग 1.15 करोड़ किशोरियों को हर साल फ्री वैक्सीन दी जाएगी। वैक्सीन गार्डासिल है, जो एचपीवी टाइप 16 और 18 सहित अन्य से सुरक्षा देती है। सरकार का लक्ष्य सर्वाइकल कैंसर को जड़ से खत्म करना है, जो महिलाओं में मौत का बड़ा कारण है।