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एससी-एसटी बुक बैंक के लिए 7 लाख की पुस्तकें खरीदेगा यूनिवर्सिटी प्रशासन
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सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के हित में बड़ा कदम उठाने जा रही है। एससीएसटी सैल के बुक बैंक के लिए नई किताबें खरीदी जाएंगी। इसके लिए 7 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इस फैसले से एससी-एसटी वर्ग के विद्यार्थियों को सीधा लाभ होगा। किसी भी सेमेस्टर में दाखिले के दौरान सभी विषयों की किताबों का पूरा सेट उन्हें एकमुश्त मिल जाएगा और बार-बार पुस्तकालय नहीं जाना पड़ेगा। इसके अलावा दिल्ली में होने वाले पुस्तक मेले में सीडीएलयू के प्राध्यापकों को भेजा जाएगा ताकि नई किताबें खरीदी जा सकें।
सीडीएलयू कैंपस में स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी है। यहां आकर सभी विभागों के विद्यार्थी पढ़ाई भी कर सकते हैं और बुक्स भी इश्यू करवाकर घर ले जा सकते हैं। इसके अलावा एक योजना है कि एससी-एसटी वर्ग के विद्यार्थी पूरे सेमेस्टर की बुक्स एक साथ ले सकें। इसके तहत एससी-एससी बुक बैंक स्थापित किया गया है। लेकिन अभी इसमें पुस्तकों की संख्या बेहद कम है और जो पुस्तकें हैं, उन्हें भी वितरित नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में बुक बैंक की सभी पुस्तकें स्टोर रूम में डंप हैं। इस पर वीसी प्रो. अजमेर सिंह मलिक ने मंथन किया और आदेश दिए कि विद्यार्थियों को योजना का पूरा लाभ दिया जाए। इन आदेशों पर काम शुरू हो गया है। दिल्ली में होने वाले पुस्तक मेले में भाग लेने के लिए सीडीएलयू से भी प्राध्यापकों को भेजा जाएगा। ताकि विभागों की जरूरत अनुसार पुस्तकें लाइब्रेरी के लिए खरीदी जा सकें।
किताबें खरीदने के लिए प्रक्रिया शुरू
एससी-एसटी बुक बैंक में शामिल करने के लिए सीडीएलयू प्रशासन 7 लाख रुपये की पुस्तकें खरीदेगा। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुस्तकालय अध्यक्ष प्रो. डीपी वार्ने ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। नई पुस्तकें खरीदने से विद्यार्थियों को सीधा लाभ होगा और किसी भी सेमेस्टर की सभी पुस्तकों का पूरा सेट एकमुश्त इश्यू करवाया जा सकेगा। साथ ही स्टोर में डंप पुस्तकों को भी प्रयोग किया जाएगा। प्रावधान है कि एससी-एसटी बुक बैंक के माध्यम से एससी-एसटी वर्ग का सीडीएलयू का कोई भी विद्यार्थी सेमेस्टर की पुस्तकों का सेट एक साथ ले सकेगा और सेमेस्टर खत्म होने के बाद बुक बैंक को पुस्तकों का सेट लौटा देगा।
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एससी-एसटी बुक बैंक को नये सिरे से तैयार किया जाएगा। पुस्तकों का प्रयोग होगा और विद्यार्थी इसका लाभ उठा सकेंगे। वीसी प्रो. अजमेर सिंह के व्यक्तिगत प्रयासों से अब फैसला लिया गया है कि बुक बैंक के लिए 7 लाख रुपये की नई पुस्तकें खरीदी जाएं। इससे विद्यार्थियों को पुस्तकों के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा।
-प्रो. डीपी वार्ने, पुस्तकालय अध्यक्ष, स्वामी विवेकानंद पुस्तकालय, सीडीएलयू।
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सीडीएलयू कैंपस में स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी है। यहां आकर सभी विभागों के विद्यार्थी पढ़ाई भी कर सकते हैं और बुक्स भी इश्यू करवाकर घर ले जा सकते हैं। इसके अलावा एक योजना है कि एससी-एसटी वर्ग के विद्यार्थी पूरे सेमेस्टर की बुक्स एक साथ ले सकें। इसके तहत एससी-एससी बुक बैंक स्थापित किया गया है। लेकिन अभी इसमें पुस्तकों की संख्या बेहद कम है और जो पुस्तकें हैं, उन्हें भी वितरित नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में बुक बैंक की सभी पुस्तकें स्टोर रूम में डंप हैं। इस पर वीसी प्रो. अजमेर सिंह मलिक ने मंथन किया और आदेश दिए कि विद्यार्थियों को योजना का पूरा लाभ दिया जाए। इन आदेशों पर काम शुरू हो गया है। दिल्ली में होने वाले पुस्तक मेले में भाग लेने के लिए सीडीएलयू से भी प्राध्यापकों को भेजा जाएगा। ताकि विभागों की जरूरत अनुसार पुस्तकें लाइब्रेरी के लिए खरीदी जा सकें।
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किताबें खरीदने के लिए प्रक्रिया शुरू
एससी-एसटी बुक बैंक में शामिल करने के लिए सीडीएलयू प्रशासन 7 लाख रुपये की पुस्तकें खरीदेगा। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुस्तकालय अध्यक्ष प्रो. डीपी वार्ने ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। नई पुस्तकें खरीदने से विद्यार्थियों को सीधा लाभ होगा और किसी भी सेमेस्टर की सभी पुस्तकों का पूरा सेट एकमुश्त इश्यू करवाया जा सकेगा। साथ ही स्टोर में डंप पुस्तकों को भी प्रयोग किया जाएगा। प्रावधान है कि एससी-एसटी बुक बैंक के माध्यम से एससी-एसटी वर्ग का सीडीएलयू का कोई भी विद्यार्थी सेमेस्टर की पुस्तकों का सेट एक साथ ले सकेगा और सेमेस्टर खत्म होने के बाद बुक बैंक को पुस्तकों का सेट लौटा देगा।
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एससी-एसटी बुक बैंक को नये सिरे से तैयार किया जाएगा। पुस्तकों का प्रयोग होगा और विद्यार्थी इसका लाभ उठा सकेंगे। वीसी प्रो. अजमेर सिंह के व्यक्तिगत प्रयासों से अब फैसला लिया गया है कि बुक बैंक के लिए 7 लाख रुपये की नई पुस्तकें खरीदी जाएं। इससे विद्यार्थियों को पुस्तकों के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा।
-प्रो. डीपी वार्ने, पुस्तकालय अध्यक्ष, स्वामी विवेकानंद पुस्तकालय, सीडीएलयू।