{"_id":"49f17febfaf29167674a6a1a3c817d2f","slug":"tubwell-water-dangerous-not-able-to-drink-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर के ट्यूबवेलों का पानी नहीं है पीने लायक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर के ट्यूबवेलों का पानी नहीं है पीने लायक
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
Updated Tue, 22 Dec 2015 12:26 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर में पीने के पानी की दी जा रही आपूर्ति पीने के योग्य नहीं है। लैब की रिपोर्ट के अनुसार ट्यूबवेलों का पानी पीने के योग्य नहीं है। इस समय शहर में ट्यूबवेलों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति दी जा रही है जिनमें से सभी के सैंपल फेल हैं। वर्षों से शहरवासियों को यह पानी दिया जा रहा है जिससे लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। जन स्वास्थ्य विभाग को लोगों के स्वास्थ्य से कोई सरोकार नहीं है।
इस पानी की वजह से लोग विभिन्न बीमारियों से जूझ रहे हैं। समय से पूर्व बालों का सफेद होना, पेट की बीमारियां, आंखों की रोशनी में कमी आना और हड्डियों का कमजोर होना जल जनित रोगों के लक्षण हैं। हैरानी की बात यह है कि सरकारी प्रयोगशाला जिस पानी को पीने योग्य नहीं की रिपोर्ट दे चुकी है वही पानी पूरी आबादी को पिलाया जा रहा है।
जन स्वास्थ्य विभाग के सब डिविजन नंबर तीन के विभिन्न कॉलोनियों में 113 ट्यूबवेल हैं। इन ट्यूबवेल को लगवाने में करोड़ों रुपये की राशि खर्च की गई है।
लोगों को स्वच्छ पेयजल मुहैया करवाना पब्लिक हेल्थ विभाग की जिम्मेवारी है। शहर में नहरी पानी की कमी के दृष्टिगत ट्यूबवेल लगाए गए थे लेकिन अधिकारियों ने लोगों के स्वास्थ्य को नजरअंदाज करते हुए इन ट्यूबवेलों का पानी देना जारी रखा हुआ है। जानकारी के अनुसार पानी में फ्लोराइड, क्लोराइड, आयरन व टीडीएस निर्धारित मात्रा से अधिक हो तो मानव शरीर को खोखला कर देती है। ट्यूबवेल की स्थापना से पूर्व पानी को प्रयोगशाला में टेस्ट किया जाता है। प्रयोगशाला की रिपोर्ट ओके आने पर ही पानी की आपूर्ति की जाती है।
विज्ञापन
सूत्र बताते हैं कि विभागीय अधिकारियों ने प्रयोगशाला की रिपोर्ट नेगेटिव आने के बावजूद जल आपूर्ति की जो कि सरासर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ है। पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों द्वारा सिरसा के लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कई वर्षों से किया जा रहा है। पब्लिक हेल्थ विभाग की लापरवाही की वजह से ही आरओ का धंधा सिरसा में खूब पनप रहा है। जिन उपभोक्ताओं के घरों में आरओ नहीं लगे उनका स्वास्थ्य भगवान भरोसे है।
पब्लिक हेल्थ विभाग द्वारा गत 8, 9, 10 व 14 अप्रेल को विभिन्न ट्यूबवेलों के पानी के सैंपल भरे गए और जांच के लिए प्रयोगशाला में भेज दिए गए। विभाग की ही प्रयोगशाला में 23 से अधिक ट्यूबवेल के पानी को पीने योग्य नहीं की रिपोर्ट दी गई। इस रिपोर्ट के नौ माह बीतने पर भी विभाग की ओर से इन ट्यूबवेल की जलापूर्ति नहीं रोकी गई और न ही पब्लिक को कोई वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था करवाने की जहमत उठाई। प्रयोगशाला में नेगेटिव रिपोर्ट वाले पानी की आपूर्ति आज भी बदस्तूर जारी है। हालांकि शहर के लोगों ने स्वच्छ पानी की मांग को लेकर कई बार प्रशासन व सरकार से गुहार भी लगाई है पर उनकी मांग पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
सात ट्यूबवेल, फिर भी पानी साफ नहीं
शहर के जलघर से सटी एक कॉलोनी में सात ट्यूबवेल हैं। डबवाली रोड स्थित मुख्य जलघर से सटी कॉलोनी चत्तरगढ़पट्टी में पेयजल आपूर्ति के लिए विभाग द्वारा सात ट्यूबवेल स्थापित किए गए हैं। इसके बावजूद कॉलोनी में आज भी दूषित पेयजल की आपूर्ति बरकरार है। मुख्य जलघर से सटी होने के बावजूद इस कॉलोनी में विभाग आज तक स्वच्छ पेयजल मुहैया नहीं करवा सका। कॉलोनी में आज भी दूषित पेयजल की आपूर्ति हो रही है।
यहां पर है अधिक समस्या
गली गुर्जर वाली, गली विजय डेयरी वाली, रेडक्रॉस रानियां रोड, सिंगीकाट मोहल्ला, चाचाण मंदिर क्षेत्र, गली भाखड़ा काटन मील वाली, शिव मंदिर क्षेत्र, पीर मंदिर क्षेत्र, बाबा बिहारी मंदिर क्षेत्र, मोहता गार्डन, राजीव पार्क, रानियां चुंगी (भाग एक व दो), जेजे कॉलोनी, मारुति पार्क, इंद्रपुरी मोहल्ला, नेहरू पार्क क्षेत्र, पुरानी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, गुरु तेग बहादुर कॉलोनी, घग्घर बेड नंबर चार, महावीर कॉलोनी, खन्ना कॉलोनी, गुरु नानक नगर आदि क्षेत्रों में अप्रेल माह में ट्यूबवेलों के पानी के सैंपल भरे गए थे जिनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है।
आरटीआई की रिपोर्ट से हुआ खुलासा
पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारियों की इस कारगुजारी का खुलासा सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई रिपोर्ट का जवाब मिलने से हुआ है। आरटीआई एक्टिविस्ट कमल सिंगला ने आरटीआई के माध्यम से इसकी जानकारी हासिल की है। जिसमें यह तथ्य सामने आ सका कि पब्लिक हेल्थ के अधिकारी किस प्रकार जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। पब्लिक हेल्थ की प्रयोगशाला की रिपोर्ट आरटीआई में हासिल की गई जिसमें सच्चाई सामने आ सकी।
जन स्वास्थ्य विभाग अधीक्षण अभियंता केके वर्मा ने बताया कि पानी की रिपोर्ट अभी तक उनके पास नहीं पहुंची है। मंगलवार को रिपोर्ट मंगवाई जाएगी। पानी पीने योग्य नहीं हुआ तो आगामी कार्रवाई की जाएगी और विभाग को लिखा जाएगा ताकि कोई दूसरी व्यवस्था हो सके। पंजुआना पेयजल परियोजना का 50 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और शहर के विभिन्न हिस्सों में नहरी पानी की आपूर्ति दी जा रही है। परियोजना का काम पूरा होने के बाद पूरे शहर को नहरी पानी की आपूर्ति दी जाएगी जिसके बाद इस प्रकार की कोई समस्या नहीं रहेगी।
विज्ञापन
इस पानी की वजह से लोग विभिन्न बीमारियों से जूझ रहे हैं। समय से पूर्व बालों का सफेद होना, पेट की बीमारियां, आंखों की रोशनी में कमी आना और हड्डियों का कमजोर होना जल जनित रोगों के लक्षण हैं। हैरानी की बात यह है कि सरकारी प्रयोगशाला जिस पानी को पीने योग्य नहीं की रिपोर्ट दे चुकी है वही पानी पूरी आबादी को पिलाया जा रहा है।
विज्ञापन
जन स्वास्थ्य विभाग के सब डिविजन नंबर तीन के विभिन्न कॉलोनियों में 113 ट्यूबवेल हैं। इन ट्यूबवेल को लगवाने में करोड़ों रुपये की राशि खर्च की गई है।
लोगों को स्वच्छ पेयजल मुहैया करवाना पब्लिक हेल्थ विभाग की जिम्मेवारी है। शहर में नहरी पानी की कमी के दृष्टिगत ट्यूबवेल लगाए गए थे लेकिन अधिकारियों ने लोगों के स्वास्थ्य को नजरअंदाज करते हुए इन ट्यूबवेलों का पानी देना जारी रखा हुआ है। जानकारी के अनुसार पानी में फ्लोराइड, क्लोराइड, आयरन व टीडीएस निर्धारित मात्रा से अधिक हो तो मानव शरीर को खोखला कर देती है। ट्यूबवेल की स्थापना से पूर्व पानी को प्रयोगशाला में टेस्ट किया जाता है। प्रयोगशाला की रिपोर्ट ओके आने पर ही पानी की आपूर्ति की जाती है।
विज्ञापन
सूत्र बताते हैं कि विभागीय अधिकारियों ने प्रयोगशाला की रिपोर्ट नेगेटिव आने के बावजूद जल आपूर्ति की जो कि सरासर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ है। पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों द्वारा सिरसा के लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कई वर्षों से किया जा रहा है। पब्लिक हेल्थ विभाग की लापरवाही की वजह से ही आरओ का धंधा सिरसा में खूब पनप रहा है। जिन उपभोक्ताओं के घरों में आरओ नहीं लगे उनका स्वास्थ्य भगवान भरोसे है।
पब्लिक हेल्थ विभाग द्वारा गत 8, 9, 10 व 14 अप्रेल को विभिन्न ट्यूबवेलों के पानी के सैंपल भरे गए और जांच के लिए प्रयोगशाला में भेज दिए गए। विभाग की ही प्रयोगशाला में 23 से अधिक ट्यूबवेल के पानी को पीने योग्य नहीं की रिपोर्ट दी गई। इस रिपोर्ट के नौ माह बीतने पर भी विभाग की ओर से इन ट्यूबवेल की जलापूर्ति नहीं रोकी गई और न ही पब्लिक को कोई वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था करवाने की जहमत उठाई। प्रयोगशाला में नेगेटिव रिपोर्ट वाले पानी की आपूर्ति आज भी बदस्तूर जारी है। हालांकि शहर के लोगों ने स्वच्छ पानी की मांग को लेकर कई बार प्रशासन व सरकार से गुहार भी लगाई है पर उनकी मांग पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
सात ट्यूबवेल, फिर भी पानी साफ नहीं
शहर के जलघर से सटी एक कॉलोनी में सात ट्यूबवेल हैं। डबवाली रोड स्थित मुख्य जलघर से सटी कॉलोनी चत्तरगढ़पट्टी में पेयजल आपूर्ति के लिए विभाग द्वारा सात ट्यूबवेल स्थापित किए गए हैं। इसके बावजूद कॉलोनी में आज भी दूषित पेयजल की आपूर्ति बरकरार है। मुख्य जलघर से सटी होने के बावजूद इस कॉलोनी में विभाग आज तक स्वच्छ पेयजल मुहैया नहीं करवा सका। कॉलोनी में आज भी दूषित पेयजल की आपूर्ति हो रही है।
यहां पर है अधिक समस्या
गली गुर्जर वाली, गली विजय डेयरी वाली, रेडक्रॉस रानियां रोड, सिंगीकाट मोहल्ला, चाचाण मंदिर क्षेत्र, गली भाखड़ा काटन मील वाली, शिव मंदिर क्षेत्र, पीर मंदिर क्षेत्र, बाबा बिहारी मंदिर क्षेत्र, मोहता गार्डन, राजीव पार्क, रानियां चुंगी (भाग एक व दो), जेजे कॉलोनी, मारुति पार्क, इंद्रपुरी मोहल्ला, नेहरू पार्क क्षेत्र, पुरानी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, गुरु तेग बहादुर कॉलोनी, घग्घर बेड नंबर चार, महावीर कॉलोनी, खन्ना कॉलोनी, गुरु नानक नगर आदि क्षेत्रों में अप्रेल माह में ट्यूबवेलों के पानी के सैंपल भरे गए थे जिनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है।
आरटीआई की रिपोर्ट से हुआ खुलासा
पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारियों की इस कारगुजारी का खुलासा सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई रिपोर्ट का जवाब मिलने से हुआ है। आरटीआई एक्टिविस्ट कमल सिंगला ने आरटीआई के माध्यम से इसकी जानकारी हासिल की है। जिसमें यह तथ्य सामने आ सका कि पब्लिक हेल्थ के अधिकारी किस प्रकार जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। पब्लिक हेल्थ की प्रयोगशाला की रिपोर्ट आरटीआई में हासिल की गई जिसमें सच्चाई सामने आ सकी।
जन स्वास्थ्य विभाग अधीक्षण अभियंता केके वर्मा ने बताया कि पानी की रिपोर्ट अभी तक उनके पास नहीं पहुंची है। मंगलवार को रिपोर्ट मंगवाई जाएगी। पानी पीने योग्य नहीं हुआ तो आगामी कार्रवाई की जाएगी और विभाग को लिखा जाएगा ताकि कोई दूसरी व्यवस्था हो सके। पंजुआना पेयजल परियोजना का 50 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और शहर के विभिन्न हिस्सों में नहरी पानी की आपूर्ति दी जा रही है। परियोजना का काम पूरा होने के बाद पूरे शहर को नहरी पानी की आपूर्ति दी जाएगी जिसके बाद इस प्रकार की कोई समस्या नहीं रहेगी।