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Sirsa News: बसों की कमी से परेशान विद्यार्थियों ने किया रोड जाम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 05 Apr 2023 11:06 PM IST
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Troubled by the lack of buses, the students did road jam
गोरीवाला। बसों की कमी से परेशान विद्यार्थियों ने स्टेट हाइवे नंबर 32 पर जाम लगा दिया। इसकी सूचना मिलने पर यातायात अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने दरी बिछाकर चार घंटे तक धरना दे दिया। इसके बाद आरटीओ विभाग के अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याएं बताई। आश्वासन मिलने पर विद्यार्थी शांत हुए और जाम खोला।
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प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों ने बताया कि वे पिछले तीन साल से बसों की कमी के कारण परेशान हैं। बुधवार सुबह जैसे ही 8:30 बजे मसीता गांव के बस स्टैंड पर निजी बस पहुंची, तो बस में ओवरलोड सवारियां थीं। बस स्टैंड पर आते ही परिचालक ने केवल सवारियों को बस पर चढ़ने दिया और विद्यार्थियों को बस पर चढ़ने से रोक दिया। इससे आक्रोशित होकर छात्राएं बस के आगे दरी बिछाकर बैठ गईं। इसकी सूचना गांव में पहुंची तो लड़कियों के अभिभावक भी बस स्टैंड पर आकर धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि जब तक बस की कमी और परिचालक का अभद्रता पूर्वक रवैया बंद नहीं किया जाता तब तक रोड जाम रखा जाएगा। इसके बद सूचना पाकर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात को दुरुस्त करने का प्रयास किया परंतु छात्राओं ने रोड को पूरी तरह से बंद कर दिया गया। करीब चार घंटे के अंतराल के बाद छात्राओं, ग्रामीणों व मौजूद लोगों को पुलिस व आरटीओ विभाग ने शीघ्र समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया गया।
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प्रदर्शनकारी बोले : विद्यार्थियों को बसों में नहीं होने दिया जाता सवार
प्रदर्शनकारी संजू बाला, कैलाश रानी ,तनु बाला, रीना कौर, पिंकी रानी, ज्योति पूनम आदि ने बताया कि गांव मसीता, मौजगढ़ की छात्राएं प्रतिदिन पढ़ने के लिए डबवाली जाती हैं। जैसे ही बस आकर रुकती है, तो परिचालक केवल सवारियों को ही चढ़ने देते हैं, जब कोई भी छात्रा बस में चढ़ने का प्रयास करती है तो परिचालक उनके साथ बहस बाजी पर आतुर हो जाते हैं और चढ़ने नही दिया जाता। इसके बाद एक घंटे की देरी के बाद जैसे ही दूसरी बस स्टैंड पर आकर रुकती है तो वह सवारियों से खचाखच भरी होती है। जब तक छात्राएं स्कूल या कॉलेज तक पहुंच पाती हैं, तब तक उनके कई लेक्चर मिस हो जाते हैं। जैसे तैसे कर लड़कियां खिड़कियों में लटक कर जाती है, तो उन्हें परिचालक द्वारा खरी खोटी सुनाई जाती है। बस पास होने के बावजूद भी उन्हें टिकट लेने के लिए मजबूर किया जाता है। यह क्रम पिछले 3 वर्षों से चलता आ रहा है। बसों के आवागमन के शेड्यूल को भी निजी बस ऑपरेटरों ने पिछले कई सालों से ठंडी बस्ते में डाल दिया गया है।
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पूरा दिन में केवल एक सरकारी बस आती है
ग्रामीण बलजीत सिंह, कुलदीप सिंह, सुखदीप सिंह, संदीप सिंह, बाबूराम आदि ने बताया कि केवल सहकारी समितियों द्वारा कुछ ही बसों को चलाया जा रहा है। एक ही सरकारी बस का आवागमन प्रतिदिन है। इसके चलते लोगों को आवागमन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते शेड्यूल के अनुसार बस से न चलाई गई तो आगामी दिनों में स्टेट हाईवे को पूरी तरह से बंद कर पक्का मोर्चा लगाया जाएगा। गांव के सरपंच जगसीर सिंह ने बताया के बसों की समस्या का समाधान करवाने के लिए सहकारी समितियों व परिवहन विभाग के संज्ञान में मामला लाया जाएगा। रूट पर सरकारी व प्राइवेट बसों की कमी देखने को मिल रही है। इसका खामियाजा लोगों को उठाना पड़ रहा है।


अधिकारी ने दिया आश्वासन, कमेटी बनाकर आएं ग्रामीण
ट्रांसपोर्ट इंस्पेक्टर सुभाष चंद्र ने आश्वासन देते हुए कहा कि ग्रामीण एक कमेटी का गठन कर कार्यालय में पहुंचे। वहीं पर ग्रामीणों की कमेटी, सहकारी समिति ऑपरेटरों व परिवहन विभाग के अधिकारियों की बैठक बुलाकर समस्या का समाधान किया जाएगा। ग्रामीणों व छात्राओं द्वारा दिए गए ज्ञापन को उच्च अधिकारियों के संज्ञान में दिया जाएगा। छात्रों ने समस्याएं सुनने के बाद बस चालक व परिचालक को प्रताड़ित करते हुए उन पर जुर्माना लगाया गया है।
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