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Sirsa News: ई टिकटिंग मशीनों का दोबारा से रूटों पर होगा ट्रायल, मुख्यालय भेजी जाएगी रिपोर्ट
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सिरसा। रोडवेज परिचालकों की ओर से किये जाने वाले गबन के मामलों को रोकने के लिए मुख्यालय की ओर से सभी डिपो में ई-टिकटिंग मशीनें भेजी गई हैं। लेकिन पोर्टल की खामियों के कारण मशीनों का संचालन नहीं हो पाया। अब पोर्टल में बदलाव किए जाने के बाद रोडवेज की ओर से मशीनों का दोबारा से रूटों पर ट्रायल किया जाएगा। जिसके बाद मशीनों में आने वाली कमियों के बारे में संबंधित रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी।
सिरसा डिपो में मुख्यालय की ओर से करीब छह माह पहले 210 ई टिकटिंग मशीनों को भेजा गया था। मशीनों के संचालन को लेकर परिचालकों को इसकी ट्रेनिंग भी दी गई। इसके पश्चात दिल्ली और चंडीगढ़ के रूट पर मशीनों का ट्रायल लिया गया। लेकिन ट्रायल के दौरान परिचालकों के समक्ष कई तरह की खामियां आईं। जिसकी रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेजी गई और मशीनों को वापस स्टोर रूम में रख दिया। ऐसे में अब मुख्यालय की ओर से फिर से पोर्टल में किराये की लिस्ट व सर्वर को अपडेट किया गया है और डिपो महा प्रबंधकों को पत्र जारी कर ई टिकटिंग मशीनों का दोबारा से ट्रायल लेने के निर्देश भी दिए हैं।
रोडवेज की ओर से एक या दो रूटों पर बसों में मशीनों का ट्रायल लिया जाएगा। जिसमें परिचालक ई टिकट मशीन से टिकट काटेंगे। ऐसे में मशीन में किसी तरह की कमी आती है तो परिचालक मैनुअल तौर पर भी टिकट काट सकेंगे और इस दौरान अन्य कर्मचारी भी तैनात रहेगा। इस दौरान मशीन की स्पीड, किराये का मिलान, सर्वर सहित अन्य प्रक्रिया की जांच की जाएगी।
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मैनुअल टिकट प्रक्रिया के कारण परिचालकों द्वारा किया जा रहा गबन
हरियाणा परिवहन विभाग की ओर से करीब दो वर्षों से सभी बसों में ई टिकट प्रणाली शुरू करने की तैयारी की जा रही है। मशीनों के पहुंचने के बाद भी इन मशीनों को शुरू नहीं किया गया है। जिसके कारण परिचालकों की ओर से धड़ल्ले से गबन किए जाने के मामले सामने आ रहे हैं। यात्रियों से किराया लेकर उन्हें टिकट नहीं दी जाती है। जिससे रोडवेज को काफी नुकसान होता है। हालांकि रोडवेज फ्लाइंग की टीमों की ओर से कई ऐसे परिचालक भी पकड़े गए हैं जो पुरानी टिकटों को बार-बार चलाकर रोडवेज को नुकसान पहुंचाते थे। वहीं कई परिचालक तो फोटोस्टेट की हुई टिकटों का भी इस्तेमाल करते हुए पकड़े गए हैं।
ई टिकटिंग मशीनों का जल्द ही दोबारा से ट्रायल लिया जाएगा। मशीनों में किसी भी तरह की खामी आती है तो उसकी मुख्यालय में रिपोर्ट भेजी जाएगी। पोर्टल अपडेट होने के बाद मशीनों को भी अपडेट किया गया है।
केआर कौशल, रोडवेज महाप्रबंधक, सिरसा ।
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सिरसा डिपो में मुख्यालय की ओर से करीब छह माह पहले 210 ई टिकटिंग मशीनों को भेजा गया था। मशीनों के संचालन को लेकर परिचालकों को इसकी ट्रेनिंग भी दी गई। इसके पश्चात दिल्ली और चंडीगढ़ के रूट पर मशीनों का ट्रायल लिया गया। लेकिन ट्रायल के दौरान परिचालकों के समक्ष कई तरह की खामियां आईं। जिसकी रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेजी गई और मशीनों को वापस स्टोर रूम में रख दिया। ऐसे में अब मुख्यालय की ओर से फिर से पोर्टल में किराये की लिस्ट व सर्वर को अपडेट किया गया है और डिपो महा प्रबंधकों को पत्र जारी कर ई टिकटिंग मशीनों का दोबारा से ट्रायल लेने के निर्देश भी दिए हैं।
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रोडवेज की ओर से एक या दो रूटों पर बसों में मशीनों का ट्रायल लिया जाएगा। जिसमें परिचालक ई टिकट मशीन से टिकट काटेंगे। ऐसे में मशीन में किसी तरह की कमी आती है तो परिचालक मैनुअल तौर पर भी टिकट काट सकेंगे और इस दौरान अन्य कर्मचारी भी तैनात रहेगा। इस दौरान मशीन की स्पीड, किराये का मिलान, सर्वर सहित अन्य प्रक्रिया की जांच की जाएगी।
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मैनुअल टिकट प्रक्रिया के कारण परिचालकों द्वारा किया जा रहा गबन
हरियाणा परिवहन विभाग की ओर से करीब दो वर्षों से सभी बसों में ई टिकट प्रणाली शुरू करने की तैयारी की जा रही है। मशीनों के पहुंचने के बाद भी इन मशीनों को शुरू नहीं किया गया है। जिसके कारण परिचालकों की ओर से धड़ल्ले से गबन किए जाने के मामले सामने आ रहे हैं। यात्रियों से किराया लेकर उन्हें टिकट नहीं दी जाती है। जिससे रोडवेज को काफी नुकसान होता है। हालांकि रोडवेज फ्लाइंग की टीमों की ओर से कई ऐसे परिचालक भी पकड़े गए हैं जो पुरानी टिकटों को बार-बार चलाकर रोडवेज को नुकसान पहुंचाते थे। वहीं कई परिचालक तो फोटोस्टेट की हुई टिकटों का भी इस्तेमाल करते हुए पकड़े गए हैं।
ई टिकटिंग मशीनों का जल्द ही दोबारा से ट्रायल लिया जाएगा। मशीनों में किसी भी तरह की खामी आती है तो उसकी मुख्यालय में रिपोर्ट भेजी जाएगी। पोर्टल अपडेट होने के बाद मशीनों को भी अपडेट किया गया है।
केआर कौशल, रोडवेज महाप्रबंधक, सिरसा ।