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Sirsa News: सिरसा में दृष्टिबाधितों की न्यायिक सेवाओं तक पहुंच हुई आसान
Sat, 28 Feb 2026 11:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 28 Feb 2026 11:23 PM IST
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न्यायालय परिसर में बनाया गया स्पर्शनीय पथ। संवाद
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जिला न्यायालय परिसर में हुआ स्पर्शनीय पथ का निर्माण
पीले स्पर्शनीय पथ से दृष्टिबाधितों को होगी आने-जाने में आसानी, 10 लाख में पूरा हुआ प्रोजेक्ट
डबवाली,ऐलनाबाद व रानियां में भी बनेगा, सीढ़ियों के निकट खतरे के संकेत वाली अलग टेक्सचर वाली टाइलें लगाई
फोटो 23
सिरसा। जिला न्यायालय परिसर में दृष्टिबाधित व्यक्तियों की न्यायिक सेवाओं तक पहुंच को सुगम बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। परिसर में स्पर्शनीय पथ बनाया गया है। इसकी लागत लगभग 10 लाख रुपये आई है। इस पथ की मदद से दृष्टिबाधित व्यक्ति बिना किसी सहायता के न्यायालय के विभिन्न हिस्सों, सीढ़ियों, लिफ्ट और कोर्ट रूम तक आसानी से जा सकेंगे।
न्यायालय अधीक्षक राजीव कपूर ने बताया कि यह स्पर्शनीय पथ सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार बनाया गया है। इसमें पीले रंग की उभरी हुई टाइलें लगाई गई हैं। इन टाइलों पर लाइनें और डॉट्स बने हैं, जिन्हें छड़ी या पैरों से आसानी से महसूस किया जा सकता है। यह पथ रास्ते की दिशा, सीढ़ियों के शुरू और अंत व लिफ्ट की लोकेशन बताता है। विशेष रूप से सीढ़ियों के निकट अलग टेक्सचर वाली टाइलें लगाई गई हैं, जो खतरे का संकेत देती हैं और गिरने से बचाती हैं।
न्यायालय अधीक्षक ने बताया कि यह सुविधा दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया को सभी के लिए समावेशी बनाना है। सिरसा के अलावा ऐलनाबाद, रानियां और डबवाली के न्यायालय परिसरों में भी इसी तरह के स्पर्शनीय पथ बनाए जाएंगे, ताकि जिले के सभी न्यायालय दृष्टिबाधितों के लिए सुलभ हो सकें। संवाद
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आत्मविश्वास में वृद्धि होगी
जिला बार एसोसिएशन के प्रधान गंगाराम ढाका का कहना है कि स्पर्शनीय पथ दृष्टिबाधित लोगों के लिए स्वतंत्र रूप से चलने के लिए एक बहुत ही प्रभावी साधन है। इस पथ पर वे स्वयं को सुरक्षित महसूस करते हुए न्याय के लिए न्यायालय तक आसानी से आ-जा सकेंगे। इससे उनके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।
सुरक्षा की चिंता दूर होगी
महिला अधिवक्ता ज्योति बत्रा का कहना है कि दृष्टिबाधित लोगों के लिए सुरक्षा सबसे बड़ी चिंताओं में से एक होती है। स्पर्शनीय पथ से उनकी सुरक्षा काफी हद तक बढ़ जाती है, क्योंकि यह पथ स्पर्श आधारित जानकारी प्रदान करता है। इससे सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित होता है। पथ के पैटर्न उपयोगकर्ताओं का मार्गदर्शन करते हैं।
कोट्स
जिला न्यायालय भवन में दृष्टिबाधित लोगों के लिए स्पर्शनीय पथ का निर्माण किया गया है। इससे उन्हें न्याय के लिए न्यायालय तक आने में आसानी होगी। डबवाली, ऐलनाबाद व रानियां न्यायालय में भी स्पर्शनीय पथ बनाया जाएगा।
-राजीव कपूर, न्यायालय अधीक्षक सिरसा।
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पीले स्पर्शनीय पथ से दृष्टिबाधितों को होगी आने-जाने में आसानी, 10 लाख में पूरा हुआ प्रोजेक्ट
डबवाली,ऐलनाबाद व रानियां में भी बनेगा, सीढ़ियों के निकट खतरे के संकेत वाली अलग टेक्सचर वाली टाइलें लगाई
फोटो 23
सिरसा। जिला न्यायालय परिसर में दृष्टिबाधित व्यक्तियों की न्यायिक सेवाओं तक पहुंच को सुगम बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। परिसर में स्पर्शनीय पथ बनाया गया है। इसकी लागत लगभग 10 लाख रुपये आई है। इस पथ की मदद से दृष्टिबाधित व्यक्ति बिना किसी सहायता के न्यायालय के विभिन्न हिस्सों, सीढ़ियों, लिफ्ट और कोर्ट रूम तक आसानी से जा सकेंगे।
न्यायालय अधीक्षक राजीव कपूर ने बताया कि यह स्पर्शनीय पथ सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार बनाया गया है। इसमें पीले रंग की उभरी हुई टाइलें लगाई गई हैं। इन टाइलों पर लाइनें और डॉट्स बने हैं, जिन्हें छड़ी या पैरों से आसानी से महसूस किया जा सकता है। यह पथ रास्ते की दिशा, सीढ़ियों के शुरू और अंत व लिफ्ट की लोकेशन बताता है। विशेष रूप से सीढ़ियों के निकट अलग टेक्सचर वाली टाइलें लगाई गई हैं, जो खतरे का संकेत देती हैं और गिरने से बचाती हैं।
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न्यायालय अधीक्षक ने बताया कि यह सुविधा दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया को सभी के लिए समावेशी बनाना है। सिरसा के अलावा ऐलनाबाद, रानियां और डबवाली के न्यायालय परिसरों में भी इसी तरह के स्पर्शनीय पथ बनाए जाएंगे, ताकि जिले के सभी न्यायालय दृष्टिबाधितों के लिए सुलभ हो सकें। संवाद
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आत्मविश्वास में वृद्धि होगी
जिला बार एसोसिएशन के प्रधान गंगाराम ढाका का कहना है कि स्पर्शनीय पथ दृष्टिबाधित लोगों के लिए स्वतंत्र रूप से चलने के लिए एक बहुत ही प्रभावी साधन है। इस पथ पर वे स्वयं को सुरक्षित महसूस करते हुए न्याय के लिए न्यायालय तक आसानी से आ-जा सकेंगे। इससे उनके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।
सुरक्षा की चिंता दूर होगी
महिला अधिवक्ता ज्योति बत्रा का कहना है कि दृष्टिबाधित लोगों के लिए सुरक्षा सबसे बड़ी चिंताओं में से एक होती है। स्पर्शनीय पथ से उनकी सुरक्षा काफी हद तक बढ़ जाती है, क्योंकि यह पथ स्पर्श आधारित जानकारी प्रदान करता है। इससे सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित होता है। पथ के पैटर्न उपयोगकर्ताओं का मार्गदर्शन करते हैं।
कोट्स
जिला न्यायालय भवन में दृष्टिबाधित लोगों के लिए स्पर्शनीय पथ का निर्माण किया गया है। इससे उन्हें न्याय के लिए न्यायालय तक आने में आसानी होगी। डबवाली, ऐलनाबाद व रानियां न्यायालय में भी स्पर्शनीय पथ बनाया जाएगा।
-राजीव कपूर, न्यायालय अधीक्षक सिरसा।