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Sirsa News: डेंगू-मलेरिया पर नकेल, जिले के 599 तालाबों में छोड़ी गईं गंबूजिया मछलियां
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तालाब में गबूजियां मछलियां छोडते हुए स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी।
सिरसा। गर्मी और बरसात के मौसम में मच्छरों के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिले में डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए कमर कस ली है। विभाग की टीमें जहां लोगों को जागरूक करने में जुटी हैं, वहीं मच्छरों के लारवा को खत्म करने के लिए एक अनूठी पहल के तहत गंबूजिया प्रजाति की मछलियों को जिले के तालाबों में छोड़ा जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में 12 मछली पालन केंद्र बनाए गए हैं, जहां गंबूजिया मछलियों को तैयार कर ब्लॉक स्तर पर मौजूद 599 तालाबों में छोड़ा जा चुका है। ये मछलियां मच्छरों के लारवा को खाते हुए उन्हें पनपने से पहले ही खत्म कर देती हैं।
52 टीमें मैदान में
जिलेभर में स्वास्थ्य विभाग की 52 टीमें सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। ये टीमें न केवल तालाबों में मछलियां छोड़ रही हैं बल्कि ग्रामीणों को मलेरिया के लक्षण और बचाव के उपायों के बारे में भी जागरूक कर रही हैं।
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मलेरिया का बीते पांच वर्षों का रिकॉर्ड
वर्ष मरीज
2020 - 8
2021 - 8
2022- 7
2023- 7
2024- 10
जिले में इस प्रकार बनाए मछली पालन केंद्र
खंड केंद्र
सिरसा - 2
ऐलनाबाद-1
रानियां- 3
माधोसिंघाना- 1
नाथूसरी चाेपटा- 1
ओढां-1
बड़ागुढ़ा-1,
कालांवाली-1,
चौटाला-1,
जिले में खंड स्तर पर इतने तालाबाें में छोड़ीं मछलियां
खंड तालाब
सिरसा - 21
ऐलनाबाद - 44
रानियां - 96
माधोसिंघाना - 51
नाथूसरी चाेपटा- 95
ओढां -79
बड़ागुढ़ा-61
कालांवाली-77
चौटाला-75
ये हैं मलेरिया के लक्षण
- सर्दी व कंपन के साथ तेज बुखार- सिरदर्द व उल्टियां
- बुखार उतरते समय ज्यादा पसीने आना
ये हैं बचाव के उपाय
- सप्ताह में एक दिन ड्राई-डे मनाएं। घर में पानी के बर्तनों, कूलर, फूलदान, हौदी को खाली करें और सुखाकर ही पानी भरें
-पानी के बर्तनों व टंकियों को पूरी तरह ढक कर रखें। छत पर पड़े मटके, टायर, बोतल और अन्य बर्तनों को हटा दें।
- अपने घर के आसपास पानी जमा न होने दें, गड्ढों में मिट्टी भर दें। यदि यह संभव न हो तो जमा पानी में काला तेल डाल दें।
- घर से बाहर घूमने जाए तो पूरी बाजू के कपड़े पहनें।
- सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
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डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट है। ग्रामीण एरिया के तालाबों में गंबूजिया मछलियां छोड़ी जा चुकी हैं। लोगों को मलेरिया के लारवा व लक्षण के बारे में जानकारी दी जा रही है। - डाॅ. गौरव अरोड़ा, जिला मलेरिया अधिकारी।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में 12 मछली पालन केंद्र बनाए गए हैं, जहां गंबूजिया मछलियों को तैयार कर ब्लॉक स्तर पर मौजूद 599 तालाबों में छोड़ा जा चुका है। ये मछलियां मच्छरों के लारवा को खाते हुए उन्हें पनपने से पहले ही खत्म कर देती हैं।
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52 टीमें मैदान में
जिलेभर में स्वास्थ्य विभाग की 52 टीमें सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। ये टीमें न केवल तालाबों में मछलियां छोड़ रही हैं बल्कि ग्रामीणों को मलेरिया के लक्षण और बचाव के उपायों के बारे में भी जागरूक कर रही हैं।
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मलेरिया का बीते पांच वर्षों का रिकॉर्ड
वर्ष मरीज
2020 - 8
2021 - 8
2022- 7
2023- 7
2024- 10
जिले में इस प्रकार बनाए मछली पालन केंद्र
खंड केंद्र
सिरसा - 2
ऐलनाबाद-1
रानियां- 3
माधोसिंघाना- 1
नाथूसरी चाेपटा- 1
ओढां-1
बड़ागुढ़ा-1,
कालांवाली-1,
चौटाला-1,
जिले में खंड स्तर पर इतने तालाबाें में छोड़ीं मछलियां
खंड तालाब
सिरसा - 21
ऐलनाबाद - 44
रानियां - 96
माधोसिंघाना - 51
नाथूसरी चाेपटा- 95
ओढां -79
बड़ागुढ़ा-61
कालांवाली-77
चौटाला-75
ये हैं मलेरिया के लक्षण
- सर्दी व कंपन के साथ तेज बुखार- सिरदर्द व उल्टियां
- बुखार उतरते समय ज्यादा पसीने आना
ये हैं बचाव के उपाय
- सप्ताह में एक दिन ड्राई-डे मनाएं। घर में पानी के बर्तनों, कूलर, फूलदान, हौदी को खाली करें और सुखाकर ही पानी भरें
-पानी के बर्तनों व टंकियों को पूरी तरह ढक कर रखें। छत पर पड़े मटके, टायर, बोतल और अन्य बर्तनों को हटा दें।
- अपने घर के आसपास पानी जमा न होने दें, गड्ढों में मिट्टी भर दें। यदि यह संभव न हो तो जमा पानी में काला तेल डाल दें।
- घर से बाहर घूमने जाए तो पूरी बाजू के कपड़े पहनें।
- सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट है। ग्रामीण एरिया के तालाबों में गंबूजिया मछलियां छोड़ी जा चुकी हैं। लोगों को मलेरिया के लारवा व लक्षण के बारे में जानकारी दी जा रही है। - डाॅ. गौरव अरोड़ा, जिला मलेरिया अधिकारी।