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झोलाछाप चिकित्सक को तीन साल की कैद
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सिरसा। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने अभियुक्त दर्शन सिंह को दोषी करार देते हुए तीन साल की कैद व 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर छह माह अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। यह मामला तत्कालीन ड्रग कंट्रोलर ऑफिसर दिनेश राणा की शिकायत न्यायालय में चला।
अदालत में अभियुक्त दर्शन सिंह (63) ने न्यायाधीश से गुहार लगाते हुए कहा कि वह दिव्यांग है और पोलियो से पीड़ित है। उसके परिवार में उसके अलावा कोई कमाने वाला नहीं है। उसकी पत्नी मनोरोगी है। इसके जवाब में सरकारी वकील ने कहा कि अभियुक्त दया का पात्र नहीं है। इसके बाद न्यायाधीश अशोक कुमार ने दर्शन सिंह को तीन साल कैद की सजा सुनाई।
ये है पूरा मामला
9 दिसंबर 2014 को ड्रग कंट्रोल ऑफिसर दिनेश राणा ने गांव मलड़ी में स्थित एक मेडिकल स्टोर में छापा मारा था। यह मेडिकल गांव मलड़ी निवासी दर्शन सिंह ने खोल रखा था। स्टोर में काफी मात्रा में एलोपैथिक दवाएं थीं। ड्रग कंट्रोलर ने दर्शन सिंह ने मेडिकल स्टोर खोलने और दवाओं का स्टॉक करने का लाइसेंस मांगा, तो वह प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद ड्रग कंट्रोलर ने मेडिकल को सील करके दवाओं को कब्जे में ले लिया। आरोपी ने आरएमपी के रूप में पंजीकरण का प्रमाणपत्र भी नहीं दिखा सका था।
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अदालत में अभियुक्त दर्शन सिंह (63) ने न्यायाधीश से गुहार लगाते हुए कहा कि वह दिव्यांग है और पोलियो से पीड़ित है। उसके परिवार में उसके अलावा कोई कमाने वाला नहीं है। उसकी पत्नी मनोरोगी है। इसके जवाब में सरकारी वकील ने कहा कि अभियुक्त दया का पात्र नहीं है। इसके बाद न्यायाधीश अशोक कुमार ने दर्शन सिंह को तीन साल कैद की सजा सुनाई।
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ये है पूरा मामला
9 दिसंबर 2014 को ड्रग कंट्रोल ऑफिसर दिनेश राणा ने गांव मलड़ी में स्थित एक मेडिकल स्टोर में छापा मारा था। यह मेडिकल गांव मलड़ी निवासी दर्शन सिंह ने खोल रखा था। स्टोर में काफी मात्रा में एलोपैथिक दवाएं थीं। ड्रग कंट्रोलर ने दर्शन सिंह ने मेडिकल स्टोर खोलने और दवाओं का स्टॉक करने का लाइसेंस मांगा, तो वह प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद ड्रग कंट्रोलर ने मेडिकल को सील करके दवाओं को कब्जे में ले लिया। आरोपी ने आरएमपी के रूप में पंजीकरण का प्रमाणपत्र भी नहीं दिखा सका था।
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